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फौज के हाथ आया आईएसआईएस का जिंदा आतंकी, कहने लगा- 'डरो मत खुद को नहीं उड़ाऊंगा'

मोसुल। इराक के मोसुल शहर की जंग के दौरान एक हैरतअंगेज तस्वीर सामने आई है। इराकी फौज के साथ मोसुल को आजाद कराने में जुटे कुर्द जाति के पेशमर्गा लड़ाके तब हैरान रह गए जब उनके सामने आईएसआईएस का एक आतंकी आ खड़ा हुआ। à¤†à¤ˆà¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤à¤¸ का वो आतंकी एक मकान में छुपा था। मकान पेशमर्गा लड़ाकों से घिरा था। अंदर छुपा जेहादी सरेंडर के लिए चिल्लाने लगा। सैनिकों ने उसे ना मारने का भरोसा दिया।

स्थिति तनावपूर्ण थी। आतंकी से बाहर आने को कहा गया। आखिरकार हाथ उठा कर वो आतंकी बाहर आया। लेकिन सैनिकों को डर था कि कहीं वो धोखे से आत्मघाती धमाका करने तो नहीं आया है। क्योंकि सैनिकों को पता था कि मकान के अंदर पांच आतंकी हैं, इसलिए जब उनमें से सिर्फ एक ने सरेंडर की इजाजत मांगी तो यकीन नहीं हुआ। मगर उसे बाहर आने का पूरा मौका दिया गया। हाथ उठा कर आतंकी बाहर आ गया, उसने टी-शर्ट ऊपर करके दिखाया कि उसके शरीर पर बारूद नहीं है। सैनिकों ने उससे पीछे मुड़ने को कहा और उसके हाथ जकड़ लिए।

लेकिन खतरा अब भी कम नहीं था क्योंकि सैनिकों को पता था कि मकान के अंदर और आतंकी भी छुपे हैं। हालांकि आतंकी ने खुद ही उनका डर दूर कर दिया। सैनिक हड़बड़ा रहे थे इसलिए आईएसआईएस के आतंकी ने खुद ही भरोसा दिया कि उसने बम नहीं लपेट रखा है। अब सैनिकों ने उससे पूछा कि अंदर कितने और आतंकी हैं। आतंकी ने बताया कि अंदर तीन या शायद चार लोग हैं, वो जिंदा हैं लेकिन वो सरेंडर नहीं करना चाहते। इस पर कुछ सैनिक गुस्से में आ गए।

सैनिक गुस्से में थे, हालांकि ये साफ नहीं है कि वो क्या कह रहे थे लेकिन ऐसा लगता है कि वो आतंकी को छोड़ने के मूड में नहीं थे। लेकिन सीनियर दिखने वाले सैनिक ने सख्ती से सबको शांत रहने का निर्देश दिया। तभी, बाकी फौजी आतंकी को लेकर एक तरफ जाने लगे तो वो डर गया। आतंकी ने कहा कि मैंने तुम लोगों की बात मानी है, तुम लोगों ने कहा इसलिए मैंने सरेंडर किया। इस पर आतंकी को एक तरफ ले जाया गया लेकिन जब सैनिक कमांडर को पूरी बात बता रहे थे तब उस तरफ से गोलियां चलने की आवाजें भी सुनाई देती हैं।

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