अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली 2130 करोड़ रà¥. की मदद रदà¥à¤¦ की, कहा- वह आतंकियों को अब à¤à¥€ दे रहा पनाह
वॉशिंगटन. अमेरिका ने शनिवार को पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को दी जाने वाली 300 मिलियन डॉलर (2130 करोड़ रà¥à¤ªà¤) की मदद को रदà¥à¤¦ कर दिया। ये à¤à¥€ कहा कि इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤¬à¤¾à¤¦ आतंकियों पर सखà¥à¤¤ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ करने में नाकाम रहा। इस सहायता राशि को कोà¤à¤²à¤¿à¤¶à¤¨ सपोरà¥à¤Ÿ फंड (सीà¤à¤¸à¤à¤«) नाम दिया गया था। पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में आतंकियों को दी जा रही ढील से डोनालà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª ने इस साल जनवरी में नाराजगी जताई थी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा था कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने आतंकियों के खिलाफ सखà¥à¤¤ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ नहीं की। इसके उलट वह लगातार à¤à¥‚ठबोल रहा है।
टà¥à¤°à¤®à¥à¤ª à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का कहना है कि बीते 17 साल से अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में तालिबान के खिलाफ अमेरिका की अगà¥à¤†à¤ˆ वाली सेनाà¤à¤‚ यà¥à¤¦à¥à¤§ लड़ रही हैं और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ आतंकियों का सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ पनाहगाह बना हà¥à¤† है। à¤à¤• अमेरिकी अफसर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, "अमेरिकी रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¥€ जेमà¥à¤¸ मैटिस ने कहा था कि अगर पाक आतंकियों के खिलाफ ठोस कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ करता है तो उसे 300 मिलियन डॉलर का सीà¤à¤¸à¤à¤« दिया जा सकता है। लेकिन à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† नहीं।''
पाक को नहीं मिले 5680 करोड़ रà¥à¤ªà¤ : अमेरिकी रकà¥à¤·à¤¾ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ पेंटागन के पà¥à¤°à¤µà¤•à¥à¤¤à¤¾ ले.करà¥à¤¨à¤² कà¥à¤°à¥‹à¤¨ फॉकनर ने कहा कि इस साल की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में à¤à¥€ अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली 500 मिलियन डॉलर की सहायता रदà¥à¤¦ कर दी थी। कà¥à¤² मिलाकर अमेरिका ने 5680 करोड़ रà¥à¤ªà¤ की सहायता राशि रदà¥à¤¦ कर चà¥à¤•ा है। अमेरिका ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को मदद न देने का फैसला उस वकà¥à¤¤ किया है जब विदेश मंतà¥à¤°à¥€ माइक पॉमà¥à¤ªà¤¿à¤¯à¥‹ और मिलटà¥à¤°à¥€ अफसर जोसेफ डनफोरà¥à¤¡ सितंबर में इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤¬à¤¾à¤¦ जाने वाले हैं। मैटिस ने मंगलवार को कहा था कि इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤¬à¤¾à¤¦ में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के साथ बातचीत का मà¥à¤–à¥à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ आतंकियों पर कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ ही रहेगा।
अमेरिका पर दबाव : à¤à¤• अमेरिकी थिंक टैंक सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¤¸à¤¨ सेंटर के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, पाक को मदद न देने का फैसला दिखाता है कि अमेरिका, इसà¥à¤²à¤¾à¤®à¤¾à¤¬à¤¾à¤¦ पर दबाव बढ़ाना चाहता है। हालांकि पाक ने अà¤à¥€ तक आतंकियों पर कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ को लेकर वैसा रवैया नहीं दिखाया जैसा अमेरिका चाहता है। दोनों देशों के सैनà¥à¤¯ संबंधों में आ रही गिरावट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने पाक अफसरों के सैनà¥à¤¯ और शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में à¤à¥€ कटौती कर दी। उधर, लगातार कम हो रहे विदेशी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ à¤à¤‚डार के चलते पाक ने फैसला लिया कि वह अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ कोष (आईà¤à¤®à¤à¤«) या चीन जैसे अपने मितà¥à¤° देशों से बेलआउट पैकेज लेगा। इमरान खान ने पहले कहा था कि अमेरिका को पाक के आसमान से डà¥à¤°à¥‹à¤¨ हमले बंद करने चाहिà¤à¥¤ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ जीतने के बाद अपनी पहली सà¥à¤ªà¥€à¤š में इमरान ने कहा कि वे वॉशिंगटन से à¤à¤¸à¥‡ रिशà¥à¤¤à¥‡ चाहते हैं कि दोनों देशों का फायदा हो।