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भारत की राह पर पाकिस्तान, शुरू की 'नोटबंदी', करेंसी बदलवाने की अवधि 6 साल

भारत में नोटबंदी जैसे फैसले की तस्वीर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी दिखाई दी है, हालांकि यह बिल्कुल भी भारत के 'नोटबंदी' पर हुए फैसले जैसा नहीं है। पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने पुराने डिजाइन वाले बैंक नोट को चलन से बाहर करने पर काम शुरू कर दिया है और आम नागरिक को इन्हें एक्सचेंज कराने के लिए 6 साल की समयसीमा दी है।

संघीय सरकार ने फैसला किया है कि 10, 50, 100 और 1 हजार रुपए के नोटों की कानूनी वैधता खत्म की à¤œà¤¾à¤à¤—ी। हालांकि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान द्वारा 11 जून 2015 को जारी गए नोटिफिकेशन में उल्लेख किया गया है कि 20 नवंबर 2016 तक इन पुराने नोटों को बैंक से एक्सचेंज कराया जा सकेगा। सेट्रल बैंक के फील्ड ऑफिसर पुराने डिजाइन वाले नोटों को 31 दिसंबर 2021 तक स्वीकार करते रहेंगे।

पाकिस्तान की यह ‘नोटबंदी’ भारत की ‘नोटबंदी’ से अलग है। यह पुराने डिजाइन वाले नोटों को बाहर कर नए डिजाइन की करेंसी से उसे रिप्लेस करने का कदम है। इसका कालेधन पर कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है।

भारत सरकार ने हाल में देश में चल रहे 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट को बंद करने की घोषणा की थी। सरकार की तरफ से यह कार्रवाई कालेधन पर नकेल कसने के लिए की गई है। आम जनता को पुराने नोट बदलवाने के लिए 31 दिसंबर 2016 तक की समयसीमा दी गई है और देश के रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 500 रुपए और 2 हजार रुपए के नए नोटों को जारी भी किया है।

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