CBI vs CBI विवाद में आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आया CJI रंजन गोगोई को गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾?
देश की बड़ी जांच à¤à¤œà¥‡à¤‚सी सीबीआई में चल रहे विवाद पर मंगलवार को मà¥à¤²à¥à¤• की सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š अदालत में सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ हà¥à¤ˆ और इस दौरान चीफ जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ रंजन गोगोई ने वकील फली à¤à¤¸. नरीमन से पूछा कि आलोक वरà¥à¤®à¤¾ के जवाब आखिर मीडिया में लीक कैसे हो गà¤. गौरतलब है कि सीबीआई निदेशक आलोक वरà¥à¤®à¤¾ पर à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° के केस की जांच सीवीसी कर रही है और उसने जांच रिपोरà¥à¤Ÿ कोरà¥à¤Ÿ में पेश कर दी है. कोरà¥à¤Ÿ ने इस जांच रिपोरà¥à¤Ÿ पर ही आलोक वरà¥à¤®à¤¾ से जवाब मांगा था.
मंगलवार सà¥à¤¬à¤¹ 10.30 बजे कोरà¥à¤Ÿ में सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ शà¥à¤°à¥‚ होते ही चीफ जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ रंजन गोगोई ने सबसे पहले आलोक वरà¥à¤®à¤¾ की पैरवी कर रहे मशहूर वरिषà¥à¤ वकील फली à¤à¤¸. नरीमन को कà¥à¤› दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ दिठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पढ़ने के लिठकहा. सीजेआई ने फली नरीमन से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कहा कि आपको ये दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œ à¤à¤• वरिषà¥à¤ वकील होने के नाते दिठजा रहे हैं. चीफ जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ रंजन गोगोई ने इसके बाद फली नरीमन से पूछा कि जो बातें गोपनीय तरीके से सीलबंद लिफाफे में कोरà¥à¤Ÿ को बताई गई थीं, वो बाहर कैसे आ गईं.
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾à¤ चीफ जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸?
दरअसल, सीबीआई निदेशक आलोक वरà¥à¤®à¤¾ और विशेष निदेशक राकेश असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾ के बीच आरोप-पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ª के बाद सरकार ने दोनों अधिकारियों को छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ पर à¤à¥‡à¤œ दिया था और नागेशà¥à¤µà¤° राव को सीबीआई का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤° दिया गया था. आलोक वरà¥à¤®à¤¾ ने सरकार के इस आदेश को गलत ठहराते हà¥à¤ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ में इसे चैलेंज किया था. हालांकि, आलोक वरà¥à¤®à¤¾ को राहत नहीं मिली थी और कोरà¥à¤Ÿ ने 26 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को उनकी अपील पर सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ करते हà¥à¤ केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ सतरà¥à¤•ता आयोग (CVC) को दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° जांच रिपोरà¥à¤Ÿ सौंपने का आदेश दिया था. कोरà¥à¤Ÿ ने अपने आदेश में सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कहा था कि ये रिपोरà¥à¤Ÿ गोपनीय तरीके से कोरà¥à¤Ÿ को सौंपी जाà¤.
कोरà¥à¤Ÿ के आदेश के बाद सीवीसी ने 12 नवंबर को अपनी जांच रिपोरà¥à¤Ÿ सौंपी. हालांकि, देरी के लिठसीवीसी को कोरà¥à¤Ÿ की फटकार का सामना à¤à¥€ करना पड़ा. इसके बाद कोरà¥à¤Ÿ ने सीवीसी की जांच रिपोरà¥à¤Ÿ पर सीबीआई निदेशक आलोक वरà¥à¤®à¤¾ का जवाब मांगा. कोरà¥à¤Ÿ ने यह आदेश 16 नवंबर को दिया. वरà¥à¤®à¤¾ को निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिठगठकि वह 19 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करें. सीवीसी की तरह ही कोरà¥à¤Ÿ ने वरà¥à¤®à¤¾ से à¤à¥€ साफ तौर पर ये कहा कि वह अपना जवाब सीलबंद लिफाफे में दें.
देश की सबसे बड़ी जांच à¤à¤œà¥‡à¤‚सी से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ इस केस में कोरà¥à¤Ÿ ने बहà¥à¤¤ ही गोपनीयता बरतने के आदेश दिà¤. लेकिन मंगलवार को जब कोरà¥à¤Ÿ लगी तो चीफ जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ ने ये पूछा कि आखिर सीकà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रिपोरà¥à¤Ÿ मीडिया में कैसे लीक हो गई. इसी बात को लेकर सीजेआई ने नाराजगी जाहिर की और यहां तक कह दिया आपमें से कोई à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤µà¤¾à¤ˆ के लायक नहीं है.
रिपोरà¥à¤Ÿ में कà¥à¤¯à¤¾ है?
जिस मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿ का जिकà¥à¤° हो रहा है, उसमें लिखा है कि सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने इस मामले में सच का पता लगाने के लिठसीवीसी को जांच का आदेश दिया था, जिसके बाद सीवीसी ने आलोक वरà¥à¤®à¤¾ को जवाब देने के लिठकई सारे सवालों की à¤à¤• सूची à¤à¥‡à¤œà¥€. वेबसाइट ने अपनी रिपोरà¥à¤Ÿ में लिखा है कि उसने आलोक वरà¥à¤®à¤¾ के जवाबों की वह कॉपी देखी है, जो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सीवीसी को à¤à¥‡à¤œà¥€ हैं.