नठसाल के पहले हफà¥à¤¤à¥‡ में है सूरà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¹à¤£, इन बातों का रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
साल 2019 में कà¥à¤² 5 गà¥à¤°à¤¹à¤£ लगेंगे। पहला सूरà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¹à¤£ साल के पहले ही हफà¥à¤¤à¥‡ में 6 जनवरी को लगेगा। यह सूरà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¹à¤£ पौष अमावसà¥à¤¯à¤¾ यानी 5 जनवरी की आधी रात के बाद 6 जनवरी की मधà¥à¤¯ तक रहेगा। हालांकि यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ में नहीं दिखाई देगा। यूरोप, मधà¥à¤¯ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾, अफà¥à¤°à¥€à¤•ा, अमेरिका में इसे साफ-साफ देखा जा सकते है।
इन बातों का रखें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ;गà¥à¤°à¤¹à¤£ के दौरान खà¥à¤²à¥‡ आसमान के नीचे नहीं रहना चाहिà¤à¥¤à¤˜à¤° के मंदिर में रखी मूरà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ नहलाना या फिर गंगाजल छिड़कना चाहिà¤à¥¤à¤˜à¤° में या बाहर मौजूद तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पौधे को à¤à¥€ गंगाजल डालकर सà¥à¤µà¤šà¥à¤› करना चाहिà¤à¥¤
मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि गà¥à¤°à¤¹à¤£ के बाद मन की शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€ के लिठदान-पà¥à¤£à¥à¤¯ à¤à¥€ करना चाहिà¤à¥¤
सूरà¥à¤¯ गà¥à¤°à¤¹à¤£ के दौरान सूरà¥à¤¯ मंतà¥à¤° और महामृतà¥à¤¯à¥à¤‚जय मंतà¥à¤° का जाप करना चाहिà¤à¥¤
सूरà¥à¤¯ मंतà¥à¤°: ॠघृणि सूरà¥à¤¯à¤¾à¤¯ नम:|| महामृतà¥à¤¯à¥à¤‚जय मंतà¥à¤°: ॠतà¥à¤°à¥à¤¯à¤®à¥à¤¬à¤• यजामहे सà¥à¤—नà¥à¤§à¤¿à¤‚ पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨à¥à¤®à¥¤ उरà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤•मिव बनà¥à¤§à¤¨à¤¾à¤®à¥ƒà¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤°à¥à¤®à¥à¤•à¥à¤·à¥€à¤¯ मामृतातॠ!!
2019 के सूरà¥à¤¯à¤—à¥à¤°à¤¹à¤£
6 जनवरी 2019: सà¥à¤¬à¤¹ 4.05 बजे से 9.18 बजे
2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ: रातà¥à¤°à¤¿ 11.31 बजे से 2.17 बजे
26दिसंबर19: सà¥à¤¬à¤¹8.17 से 10.57 बजे
2019 के चंदà¥à¤°à¤—à¥à¤°à¤¹à¤£
21 जनवरी: सà¥à¤¬à¤¹ 9.03बजे से12.20 बजे
16 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ: दोपहर 1.31 बजे से शाम 4.40 बजे
मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि गà¥à¤°à¤¹à¤£ के बाद मन की शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€ के लिठदान-पà¥à¤£à¥à¤¯ à¤à¥€ करना चाहिà¤à¥¤