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खुशहाली और सम्पन्नता के लिए वास्तु व राशि अनुसार करें यह उपाय

यह साल 2019 कैसा रहेगा, यह जानने के लिए हम सबकी उत्सुकता बनी हुई है। इसके लिए हमने ज्योतिष, अंक ज्योतिष और वास्तु के वरिष्ठ विशेषज्ञों से आपका भविष्य जानने की कोशिश की है। साथ ही कुछ जाने-माने खिलाड़ी व फिल्म कलाकारों के बारे में भी ये जाना कि नये साल में वे क्या करने जा रहे हैं। आज हम पहली छह राशियों का वार्षिक भविष्यफल दे रहे हैं। आगे की राशियों के बारे में कल पढ़ें....

मेष 
आपकी राशि के स्वामी मंगल वर्ष के प्रारम्भ में द्वादश भावस्थ हैं। अत: वर्ष के प्रारम्भ में मानसिक उलझनें रहेंगी। मन परेशान रहेगा। 6 फरवरी के बाद कुछ शांति आएगी। 7 मार्च के बाद से माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। कारोबार की स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। 30 मार्च से शैक्षिक कार्यों में प्रगति देखने को मिलेगी। धन की स्थिति में सुधार होगा। 1 मई बाद नौकरी परिवर्तन के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी संभव है। यात्राएं अधिक होंगी। आय में कमी व खर्चों की अधिकता रहेगी। 22 अगस्त के बाद स्थिति में सुधार होगा। अक्तूबर माह में नए वाहन का योग बन रहा है। इस वर्ष संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति रहेगी।

क्या करें-

मंगलवार के दिन रोटी में गुड़ रख कर गाय को खिलाएं।
बुधवार के दिन ‘गणेश स्तोत्र' का पाठ करके गणेश भगवान पर दूर्वा घास पानी में धोकर चढ़ाएं तथा बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें।
शराब, जुए से परहेज करें।
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वास्तु के उपाय-
घर में पूर्व की दीवार पर रथ पर सवार सूर्यदेव का चित्र लगाएं।
नीले रंग के कपड़े न पहनें।
रसोई में हल्के गुलाबी रंग का पेंट करने से महिलाओं के जीवन में हर्षोल्लास व आरोग्यता रहेगी।

अगली स्लाइडों में पढ़ें अन्य राशियों के बारे में-



वृष 

वर्ष के प्रारम्भ में मानसिक शांति रहेगी, परंतु पंचम व द्वितीय भाव पर मंगल की दृष्टि के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन भी रहेगा। छह फरवरी बाद जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। चिकित्सीय खर्च बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में व्यवधान आ सकते हैं। फिजूल के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। 7 मार्च के बाद नौकरी में स्थान परिवर्तन हो सकता है। इस वर्ष किसी रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है, परंतु स्वास्थ्य में गड़बड़ी भी हो सकती है। 30 मार्च के बाद किसी धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। आय में परेशानी भी आ सकती है। एक मई के बाद किसी पुराने मित्र से पुन: सम्पर्क बन सकते हैं। बौद्धिक कार्यों से आय के स्रोत विकसित हो सकते हैं।

क्या करें-

प्रतिदिन प्रात: कम से कम एक माला ‘मृत्यंजय मंत्र' की अवश्य जपें।
तीन या पांच केले के पेड़ किसी मंदिर में लगवाएं।
प्रतिदिन प्रात: ‘आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ कर सूर्य भगवान को जल अर्पित करें।
शुक्रवार के दिन चावल दान करें।

वास्तु के उपाय-
घर के उत्तर-पूर्व में छोटे पत्तों वाले फूलों के पौधे लगायें।
अपने मकान के पश्चिम में एक लाल तिकोना कपड़ा लगायें।
दक्षिण दिशा में लाल रंग का बल्ब जलाएं।


मिथुन 

वर्ष के प्रारम्भ में आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, परन्तु धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। परिवार में आपसी वैचारिक मतभेद रहेंगे। 6 फरवरी के बाद किसी मित्र के सहयोग से आय वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहें। वाणी में कठोरता आएगी। 30 मार्च के बाद पारिवारिक समस्याओं में कमी आएगी। आय की स्थिति में सुधार होगा, परंतु खर्च भी बढ़ेंगे। 23 अप्रैल से 13 अगस्त के मध्य जीवनसाथी को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। नौकरी में भी परिवर्तन के योग हैं। आय में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। कारोबार में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। 5 नवंबर के बाद से कारोबार की स्थिति में सुधार होगा।

क्या करें-

नित्य ‘विष्णु सहस्रनाम' का जप करें।
प्रतिदिन प्रात: ‘गणेश स्तोत्र' का पाठ करें तथा बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद वितरण करें।
शनिवार के दिन शाम को कुत्ते को मीठा परांठा खिलाएं।
मंगलवार के दिन हनुमान जी के दर्शन करें तथा उनके दाहिने पैर से सिंदूर उंगली में लगाकर अपने मस्तक पर लगाएं।
वास्तु के उपाय-
एक चांदी की कील हनुमान जी के सिन्दूर से तिलक करके घर की मुख्य दहलीज में गाड़े।
शनिवार को सूर्यास्त के बाद शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
मकर सक्रांति के दिन गर्म वस्त्र का दान करें।


कर्क 

वर्ष के प्रारम्भ में मानसिक शांति रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। 6 फरवरी के उपरान्त नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। 7 मार्च के बाद किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। अनियोजित खर्चों में वृद्धि होगी। 30 मार्च के बाद से भवन के रखरखाव व साज-सज्जा के कार्यों में खर्च बढ़ेंगे। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयां आएंगी। एक मई से 19 सितंबर के मध्य नौकरी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। परिवार की समस्या भी परेशान कर सकती है। 4 अक्तूबर बाद नया वाहन ले सकते हें। इस सम्पूर्ण वर्ष में कारोबार की स्थिति थोड़ी डांवाडोल ही रहेगी। मित्रों का सहयोग मिलता रहेगा। 7 नवंबर के बाद कारोबार में सुधार हो सकता है। आय वृद्धि होगी।

क्या करें -
प्रतिदिन ‘मृत्युंजय मंत्र' की एक माला जपें।
किसी भी मंदिर में केले के तीन पेड़ लगाएं।
शनिवार के दिन शाम के समय कुत्तों को तेल से बना मीठा परांठा खिलाएं।

वास्तु के उपाय-
घर के मुख्य द्वार पर त्रिशक्ति दुर्गाद्वार यंत्र स्थापित करें।
उत्तर-पूर्व में फिश एक्वेरियम या फाउंटेन, कोई भी पानी के स्रोत की तस्वीर लगाएं।
हरे रंग के कपडों से परहेज करें।


सिंह 

आपकी राशि के स्वामी वर्ष के प्रारम्भ में धनु राशि में स्थित हैं। आप आत्मविश्वास से तो परिपूर्ण रहेंगे, परंतु धन का अभाव भी रहेगा। 14 जनवरी के बाद से खर्चों में वृद्धि तथा स्वास्थ्य विकार भी हो सकते हैं। 6 फरवरी के बाद भवन की समस्या का समाधान हो सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे तथा कार्यक्षेत्र का विस्तार भी होगा। *30 मार्च के बाद से शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। धन की स्थिति में सुधार होगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। 10 मई से 19 सितंबर के मध्य विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। नवंबर में वाहन सुख में वृद्धि के योग बन रहे हैं। परिवार में सुख-शांति रहेगी। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा।

 

क्या करें-
मंगलवार के दिन शाम के समय हनुमान जी के दर्शन करें। बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं।
प्रतिदिन प्रात: स्नान करके ‘आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करके ताम्बे के लोटे से भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।


वास्तु के उपाय-
घर में उत्तर-पश्चिम की दीवार पर पूर्ण चंद्रमा की तस्वीर लगाएं।
नीले रंग के कपड़े न पहनें।
मुख्य द्वार की चौखट पर हनुमान जी की दाईं भुजा के सिंदूर से स्वस्तिक बनायें।


कन्या 

वर्ष के प्रारम्भ में कार्यों के प्रति जोश व उत्साह तो रहेगा, लेकिन मन अशान्त रहेगा। धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। 21 जनवरी के बाद कुछ शांति मिलेगी। फरवरी में नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। जिम्मेदारियों का विस्तार होगा, मेहनत अधिक रहेगी। अप्रैल में परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। सुख-शांति रहेगी। एक मई से 19 सितंबर के मध्य नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। किसी नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। राजनीति से संबंधित कुछ लोगों से भेंट हो सकती है। राजनीति में दिलचस्पी बढ़ेगी। नवंबर-दिसंबर में वाहन के योग बन रहे हैं। शैक्षिक एवं बौद्धिक कार्यों में सफलता मिलेगी। 19 मई से कारोबार में प्रगति के संकेत मिल रहे हैं।

 

क्या करें-

बुधवार के दिन गणेश जी पर दूर्वा घास पानी में धोकर चढ़ाएं। बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं तथा ‘गणेश स्तोत्र' का पाठ करें।
मंगलवार के दिन लाल कपड़े में 100-150 ग्राम गुड़ बांध कर हनुमान जी के चरणों में चढ़ाएं तथा उनके दाहिने पैर का सिंदूर लेकर अपने मस्तक पर लगाएं।
वास्तु के उपाय-
घर में उत्तर-पश्चिम की दीवार पर चंद्रमा की तस्वीर लगाएं।
घर में दक्षिण दिशा में हरे रंग की बोतले न रखें।
उत्तर दिशा में कांच की प्लेट में पानी भरकर सुनहरी धातु का कछुआ रखें।


तुला 

वर्ष के प्रारम्भ में पारिवारिक जीवन कष्टमय हो सकता है। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान हो सकते हैं। 14 जनवरी के उपरान्त कार्यक्षेत्र में सुधार होगा, लेकिन नौकरी में अफसरों से वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं।

6 फरवरी से जीवनसाथी से संबंधों में सुधार तो होगा, परन्तु धैर्यशीलता में कमी बरकरार रहेगी। 30 मार्च के उपरान्त कार्यक्षेत्र की स्थिति संतोषजनक रहेगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। कारोबार का विस्तार भी हो सकता है। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। इस वर्ष वाहन सुख में वृद्धि के भी योग बन रहे हैं। नौकरी में तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य में सुधार होगा। संतान की ओर से सुखद समाचार भी मिल सकते हैं।

क्या करें
प्रतिदिन प्रात: स्नान करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर भगवान सूर्य को जल अर्पित करें।
बुधवार के दिन गाय को हरी सब्जी खिलाएं।

वास्तु के उपाय
घर के बाहर या आंगन में तुलसी का पौधा लगाएं।
घर के मुख्य द्वार पर दोनों ओर मुखवाली पत्थर की गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।


वृश्चिक 


आपकी राशि के स्वामी वर्ष के प्रारंभ में मीन राशिस्थ होकर पंचमस्थ हैं। आप आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेंगे, लेकिन क्रोध की अधिकता रहेगी। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। 30 मार्च के उपरान्त धन की स्थिति में सुधार होगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिलेंगे, परंतु नौकरी में स्थान परिवर्तन भी संभव है। भवन सुख में वृद्धि होगी। नया वाहन भी ले सकते हैं। इस वर्ष किसी धार्मिक स्थान की यात्रा पर जाने का कार्यक्रम भी बन सकता है। यात्रा सुखद रहेगी। उच्च शिक्षा के लिए किसी दूर स्थान पर जा सकते हें। कारोबार के विस्तार में मित्रों का सहयोग मिल सकता है। वर्ष के अंत में कारोबार में परिवर्तन के योग हैं। कारोबार की स्थिति संतोषजनक रहेगी।

क्या करें
बुधवार के दिन ‘गणेश स्तोत्र’ का पाठ करके बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं।
शुक्रवार के दिन ‘दुर्गा सप्तशती’ के ‘अर्गला स्तोत्र’ का पाठ किया करें। सूजी के हलवे का भोग लगाएं।
शनिवार के दिन शाम के समय कुत्तों को इमरती खिलाएं।

वास्तु के उपाय
मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाएं।
उत्तर में 9 ७ 9 इंच का लुकिंग मिरर लगाएं।
उत्तर की दीवार पर किसी जल स्रोत की तस्वीर लगाएं।

 


धनु 

वर्ष के प्रारंभ में मन अशांत रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान रहेंगे। 30 मार्च को राशि के स्वामी के राशि परिवर्तन से आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। लेकिन नौकरी में परिवर्तन के योग भी बन रहे हैं। जीवनसाथी से मनमुटाव भी हो सकता है या स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। दो जून के बाद स्वास्थ्य में सुधार होगा। माता का सान्निध्य व सहयोग इस वर्ष मिलेगा। फरवरी-मार्च माह में कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार का विस्तार भी हो सकता है। लाभ की स्थिति संतोषजनक रहेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा।

क्या करें
सरसों के तेल में अपना मुंह देखकर उस तेल से शनिवार के दिन सात पूए बनवाकर सूर्यास्त के बाद कुत्तों को खिलाएं।
सोमवार को एक मुट्ठी चावल किसी डिब्बे या थैले में डालकर इकट्ठा कर लें। ज्यादा इकट्ठा होने पर मंदिर के पुजारी को दे दें।
शुक्रवार को ‘दुर्गा सप्तशती’ के ‘अर्गला स्तोत्र’ का पाठ करके सूजी के हलवे का भोग लगाएं।

वास्तु के उपाय
मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं।
गले में चांदी की चेन पहनें।
पूर्वी दीवार पर हनुमान जी के हृदय में श्रीराम-सीताजी की आकृति वाली फोटो लगाएं।
उत्तर-पर्व में 12७12 इंच का लुकिंग मिरर लगाएं।


मकर 


आपकी राशि के स्वामी शनि इस सम्पूर्ण वर्ष में द्वादश भाव में रहेंगे। साढ़े साती की प्रारंभिक स्थिति है। अत: कार्यों में व्यवधान रहेंगे। आय कम और खर्च अधिक की स्थिति रहेगी। घरेलू समस्याएं भी परेशान करेंगी। 7 मार्च के बाद किसी पुराने मित्र से सम्पर्क बन सकते हैं। लाभ के अवसर मिलेंगे। परिवार की समस्याओं में कमी आएगी। 30 मार्च के उपरान्त परिवार में धार्मिक या मांगलिक कार्य हो सकते हैं। भवन की साज-सज्जा के कार्य होंगे। खर्चों की अधिकता रहेगी। कार्यक्षेत्र में व्यवधान भी आ सकते हैं। शैक्षिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। शिक्षा के परिणाम असंतोषजनक रहेंगे। वर्ष के अंत में किसी सम्पत्ति से धनार्जन के साधन बन सकते हैं।

क्या करें
सरसों के तेल में मुंह देखकर उस तेल से शनिवार को सात पूए (गुलगुले) बनवाकर सूर्यास्त के बाद कुत्तों को खिलाएं।
बृहस्पतिवार के दिन गाय को तीन केले या तीन बेसन के लड्डू खिलाएं।
प्रतिदिन प्रात: ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर जल सूर्य भगवान की तरफ मुंह करके अर्पित करें।

वास्तु के उपाय
यदि दक्षिण मुखी मकान है तो मुख्य द्वार पर पंचमुखी हनुमान की तस्वीर लगाएं।
घर में पानी इकट्ठा न होने दें।
वाहन सावधानी से चलाएं।
तुलसी के पौधे का पूजन करें।
कांटे वाले पौधे घर में न लगाएं।


कुम्भ 

आपकी राशि के स्वामी शनि एकादश भाव में होकर वर्ष के प्रारंभ में सूर्य के साथ हैं तथा अस्त हैं। 17 जनवरी तक मन अशांत रह सकता है। क्रोध एवं आवेश की अधिकता तथा संतान को कष्ट हो सकते हें। 6 फरवरी तक बातचीत में अपना संतुलन बनाए रखें। 7 मार्च से व्यर्थ की मानसिक चिंताएं रहेंगी। शैक्षिक कार्यों में विघ्न-बाधाएं आ सकती हैं। 30 मार्च के उपरांत लेखनादि बौद्धिक कार्यों से धनार्जन के साधन विकसित होंगे। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के अवसर भी मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी। वाहन सुख में वृद्धि के योग भी बन रहे हैं। परन्तु अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत भी रहें।

क्या करें
प्रत्येक सोमवार के दिन भगवान शिव का दूध मिश्रित जलाभिषेक करें।
प्रतिदिन प्रात: ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करके ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें थोड़े से चावल, चीनी या गुड़ डालकर भगवान सूर्य की तरफ मुंह करके जल अर्पित करें।
नित्य ‘गणेश स्तोत्र’ का पाठ करके बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।

वास्तु के उपाय
मुख्य द्वार पर सिंदूर से स्वस्तिक बनाएं।
मजदूरों को लोहे का तवा या चिमटा दान करें।
किसी कन्या के विवाह में दान दें।


मीन 


वर्ष के प्रारंभ में आत्मविश्वास से लबरेज तो रहेंगे, लेकिन
5 फरवरी तक क्रोध के अतिरेक से बचें। वर्ष के प्रारंभ में किसी धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। धर्म के प्रति श्रद्धाभाव, शैक्षिक कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे, परंतु आय में कमी व अधिक खर्च की स्थिति रहेगी। 7 मार्च बाद कुटुम्ब/परिवार में धार्मिक कार्य होने चाहिए। अप्रैल-मई में नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक रहेगी, परंतु परिणाम यथानुरूप संदिग्ध हैं। इस वर्ष किसी पैतृक सम्पत्ति का लाभ हो सकता है, लेकिन बंधु-बांधवों के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता हे। वाहन लेते समय सतर्क रहें। वाहन से हानि के योग भी बन रहे हैं।

क्या करें
बृहस्पतिवार के दिन गाय को दो केले या दो बेसन के लड्डू खिलाएं।
नित्य भगवान सूर्य को ताम्बे के लोटे में जल भरकर उसमें चावल, चीनी या गुड़ तथा रोली डालकर जल अर्पित करें।
शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद कुत्ते को इमरती खिलाएं।

वास्तु के उपाय
घर के मुख्य द्वार पर चांदी के स्वस्तिक लगायें।
देशी कपूर गाय के घी में डुबोकर जलाकर पूरे घर में दिखाएं।
घर के उत्तर-पूर्व में फिश एक्वेरियम या फाउंटेन, कोई भी पानी के स्रोत की तस्वीर लगाएं।

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