Homeवायरल न्यूज़,
धरती और चांद की दूरी आज होगी सबसे कम,बेहद खूबसूरत नजर आएगा चांद

माघ पूर्णिमा यानि आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन एक ऐसी खगोलीय घटना भी होने जा रही है जो इतिहास में दर्ज हो जाएगी. पूर्णिमा की रात का चांद इतना विशाल और खूबसूरत होगा कि जो भी देखेगा, वो देखता ही रह जाएगा. जिसे सुपर स्नो मून कहते हैं. इस दौरान धरती और चांद के बीच की दूरी सबसे कम होगी.

चंद्रमा और पृथ्वी के बीच की दूरी महज 221,681 मील होगी. इस वजह से चांद अन्य पूर्णिमा की तुलना में ज्यादा बड़ा और चमकदार दिखेगा. सुपरमून को स्नो मून या बर्फीला चांद या दूधिया चांद भी कहा जाता है. जानें सुपरमून का नजारा किस समय देखने को मिलेगा और भारत में किस समय इसका दीदार किया जा सकता है. दरअसल सुपरमून अंतरिक्ष में पृथ्वी और चांद के बीच होने वाली दो घटनाओं पूर्णिमा और लूनर पेरिगि का मिश्रण है. जब चांद धरती से सबसे ज्यादा पास में होता है तो इसे लूनर पेरिगि कहा जाता है जबकि जब यह पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर (238,000 मील) होता है तो इसे माइक्रोमून कहा जाता है. 19 फरवरी की पूर्णिमा का चांद साल का सबसे बड़ा चांद होने वाला है.

सुपरमून 19 फरवरी की रात को 9 बजकर 23 मिनट पर सबसे चमकीला दिखेगा. आप किसी छोटे दूरबीन की मदद से खुले आसमान में देख सकते हैं. सुपरमून को लेकर खगोल और अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले छात्र और वैज्ञानिक भी उत्साहित हैं. वैज्ञानिक इस घटना का गहराई से विश्लेषण करेंगे.

Share This News :