हारà¥à¤Ÿ ऑफ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ समà¥â€à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤Ÿà¤•ा, à¤à¤¸à¥‡ बदला रूस का रà¥à¤–, पाक की कूटनीतिक जीत..!
अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को लेकर हà¥à¤ हारà¥à¤Ÿ ऑफ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का चितà¥à¤° इस बार बदल-बदला-सा दिखा। चूंकी इस बार पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ पूरी कूटनीतिक तैयारी से आया, इसलिठवह à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कूटनीति पर à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€ पड़ा। हालांकि à¤à¤• बार फिर अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को आतंकवाद की जमीन कहा, और साफ शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की आलोचना करते हà¥à¤ कहा कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ à¤à¤²à¥‡ उसे आरà¥à¤¥à¤¿à¤• मदद दे या नहीं, अपने देश से आतंकवाद का निरà¥à¤¯à¤¾à¤¤ करना वह बंद करे।
अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के इस बयान को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कूटनीतिजà¥à¤ž अपनी जीत के रूप में पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कर रहे हैं, लेकिन इसी समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ में रूस ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ का बचाव किया है और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कूटनीतिजà¥à¤žà¥‹à¤‚ को साफ शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहा कि जिस पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर से पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ पर कूटनीतिक आकà¥à¤°à¤®à¤£ हो रहा है, उससे दोनों देशों को कोई लाठहोने वाला नहीं है।
दरअसल, यह समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शांति के लिठहà¥à¤†, न कि दो देशों के बीच आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• कूटनीतिक आलोचनाओं के लिà¤à¥¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤ को रूस ने सलाह दी कि इस पà¥à¤°à¤•ार के आपसी आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•ता को शांति के लिठकाम करने वाले मंचों पर नहीं उठाया जाना चाहिà¤à¥¤ रूस का यह बदला हà¥à¤† तेवर à¤à¤¾à¤°à¤¤ के लिठखतरनाक साबित हो सकता है। बता दें कि हॉरà¥à¤Ÿ ऑफ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ का मकसद मधà¥à¤¯ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ और अफगानिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की शांति रहा है।
बहरहाल, विगतॠकà¥à¤› दिनों में दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जबरदसà¥à¤¤ तरीके से बदली है। सीरियाई अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में रूस के शामिल होते ही à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ में नाटो की पकड़ कमजोर होने लगी है। पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ दिन-ब-दिन रूसी खेमे के निकट होता जा रहा है। इधर, विगतॠदिनों रूस ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के साथ हथियार की बड़ी डील की, साथ ही रूसी सेना ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की सेना के साथ यà¥à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ किया। हाल ही में जो बेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ खबर आई वह यह है कि अब रूसी सेना पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के गà¥à¤µà¤¾à¤²à¥à¤¦à¤° बंदरगाह का सामरिक उपयोग à¤à¥€ करेगा।
दरअसल, पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की रणनीति बड़ी तेजी से बदल रही है। वह पहले से अमेरिका के निकट रहा है, जबकि इन दिनों उसने चीन और रूस के साथ à¤à¥€ अपनी नजदीकी बढ़ा ली है। इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ अब साफ दिखने लगा है और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मंचों पर अà¤à¥€ तक चीन ही उसकी तरफदारी करता दिखता था, लेकिन अब रूस à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ को आंखें दिखाने लगा है। यह संकेत कà¥à¤› अचà¥à¤›à¥‡ नहीं है।
देखा जाठतो जो लोग विदेशनीति को लेकर महज कà¥à¤› बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं पर सकारातà¥à¤®à¤• बयान से ही अपनी पीठथपथपाने लगते हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से विचार करना चाहिठकि आखिर चीन और रूस का à¤à¤• साथ पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की ओर à¤à¥à¤•ना à¤à¤¾à¤°à¤¤ की कूटनीति के लिठकितना हितकर होगा? हालांकि मामला यह मंच बेहद छोटा था, लेकिन चीन के साथ ही साथ रूस ने जो पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के पकà¥à¤· में सà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ड लिया, वह निरà¥à¤µà¤¿à¤µà¤¾à¤¦ रूप से पà¥à¤°à¤•ारांतर में à¤à¤¾à¤°à¤¤ को घाटा पहà¥à¤‚चाà¤à¤—ा। यह कोई साधारण बात नहीं है। यह à¤à¤¾à¤°à¤¤ की विदेशनीति का à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• मामला साबित होगा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जो रूस कल तक à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पकà¥à¤· में खड़ा होता था, वही अब कई मोरà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर à¤à¤¾à¤°à¤¤ को हानि à¤à¥€ पहà¥à¤‚चा सकता है।
हालांकि à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि हारà¥à¤Ÿ ऑफ à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ से वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठते हैं, लेकिन जो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ सामने आ रही हैं, उसमें à¤à¤¾à¤°à¤¤ को बड़ी गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से अपनी रणनीति बनानी होगी। दूसरी ओर हमारे जो कूटनीतिजà¥à¤ž अमेरिका की ओर अपना à¤à¥à¤•ाव जगजाहिर करते जा रहे हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस बारे में कà¥à¤› सोचना होगा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अमेरिका के नये राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ डोनॉलà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤‚प ने विगतॠदिनों à¤à¤• बयान के माधà¥à¤¯à¤® से साफ कर दिया कि उनकी सरकार à¤à¤¾à¤°à¤¤ और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को à¤à¤• ही नजरों से देखेगी। हालिया बयान में टà¥à¤°à¤‚प ने कहा था कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ अमेरिका के लिठबेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ देश है, उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तो यहां तक कह दिया कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ बड़ा पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ देश है।
यकीनन, इस पूरे परिदृशà¥à¤¯ में अब à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ कूटनीतिजà¥à¤žà¥‹à¤‚ को समठलेना चाहिठकि जब पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤ जूà¤à¥‡à¤—ा तो उसके लिठविशà¥à¤µ समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के ताकतवर देशों में से à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पकà¥à¤· में कौन खड़ा होगा? अब à¤à¤¾à¤°à¤¤ को सोचना होगा कि आखिर वह किस रासà¥à¤¤à¥‡ चले?