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सरकारी मंदिर में खूंखार अपराधी है,पुजारी

भोपाल। एक तरफ तो सरकार प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का दावा करती है और वहीं दूसरी तरफ अपराधियों को प्रशासन संरक्षण दे रहा है। दरअसल ग्वालियर जिले की घाटीगांव तहसील के मोहना गांव में प्रशासन के द्वारा आदतन अपराधी को संरक्षण दिया जा रहा है, जानकारी के अनुसार मोहना गांव के सरकारी मंदिर में नियुक्त पुजारी दीपू उर्फ धर्मेन्द्र सिंह तोमर पर थाना मोहना, घाटीगांव व गोला का मंदिर में कई आपराधिक प्रकरण आइपीसी की 448,147,148,149,457,380,341,294,323,506,323,294,34,399,402,25,27 आर्म्स एक्ट तथा हत्या 302  सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध है। हैरानी की बात तो यह है कि एक सरकारी धार्मिक स्थल पर धाराओं की लंबी सूची वाला पुजारी प्रशासन ने नियुक्त किया है, जिस पर हत्या सहित ढेरों संगीन अपराध दर्ज किए जा चुके है। इस मामले को देख कर प्रशासन और अपराधी के बीच साठगांठ साफ तौर पर नजर आरही है।

ग्रामीणों की आपत्ति और शिकायत के बाद भी नही हो सकी कार्रवाई

मोहना क्षेत्र में सर्वाधिक अनुसूचित जाति/जनजाति के लोग निवासरत है। पुजारी की स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायतें मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित विभिन्न जिम्मेदार कार्यालयों मे की लेकिन स्थिति जस की तस रही।

ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं, युवतियां और छोटे बच्चें आस्था के चलते पूजा अर्चना करने जाते है लेकिन मन में भय बना रहता है कि कहीं कोई अप्रिय घटना घटित न हो जाये, स्थानीय लोगों की माने तो यह सब पटवारी सहित प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के साथ प्रदेश में आये दिन घटनाएं घटित हो रही है। इस मामले में जब हमनें घाटीगांव के एसडीएम प्रदीप शर्मा से बात करनी चाही तो उन्होंने कई बार फोन करने पर फोन नही उठाया वहीं ग्वालियर एडीएम किशोर ने उक्त मामले की जानकारी न होने की बात कहीं। 

 इधर अजाक्स ने भी लगाए आरोप

अजाक्स संगठन ने भी आरोप लगाया है कि अनारक्षित वर्ग के नौकरशाह आरक्षित वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रूचि नहीं रखते है, साथ ही मुख्यमंत्री से जिलों में कलेक्टर अनुसूचित जाति/जनजाति के हो की मांग लगातार कर रहा है। 

- अंकित पचौरी

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