राहà¥à¤² गांधी की आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤•ता से बैकफà¥à¤Ÿ पर पूरी सरकार, बà¥à¤°à¥€ तरह घिरे संसद में मौन मोदी..!
अपने आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• तेवर से हमेशा विपकà¥à¤· को बैकफà¥à¤Ÿ पर ला देने वाली केंदà¥à¤° की नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी सरकार खà¥à¤¦ ‘बैकफà¥à¤Ÿ’ पर आती जा रही है। अवà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ नोटबंदी की वजह से à¤à¤• साथ कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से घिरी सरकार पर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राहà¥à¤² गांधी का जà¥à¤¬à¤¾à¤¨à¥€ हमला पीà¤à¤® नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी के सियासी गà¥à¤°à¤¾à¤« को नीचे की ओर खिसका रहा है और सीधे तौर पर सरकार और उसके चिंतकों के लिठचिंता का विषय है।
दरअसल, 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद से ही पूरे देश में अफरा-तफरी है। 16 नवंबर से संसद का शीतकालीन-सतà¥à¤° चल रहा है, लेकिन शायद ही कोई दिन हो, जिस दिन सदन की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ रूप से चली हो। नोटबंदी पर संसद में हंगामे के बीच 9 नवंबर को à¤à¥€ राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ व लोकसà¤à¤¾ के कामकाज में रà¥à¤•ावट आई। संसद के बाहर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राहà¥à¤² गांधी ने मीडिया से कहा कि सरकार बहस से à¤à¤¾à¤— रही है, अगर मà¥à¤à¥‡ बोलने देंगे तो आप देखेंगे कि à¤à¥‚कंप आ जाà¤à¤—ा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि नोटबंदी हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। नोटबंदी पर संसद के शीतकालीन-सतà¥à¤° में केंदà¥à¤° सरकार को घेरने की कोशिश कर रही विपकà¥à¤·à¥€ पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के बयान की मांग कर रही हैं।
पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी पर निशाना साधते हà¥à¤ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राहà¥à¤² गांधी ने कहा कि पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ पूरे देश में तो à¤à¤¾à¤·à¤£ दे रहे हैं, मगर लोकसà¤à¤¾ में आने से डरते हैं। आखिर इतनी घबराहट कà¥à¤¯à¥‹à¤‚? à¤à¤• महीने से हम विमà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤•रण पर बहस की कोशिश कर रहे हैं, हम चाहते हैं दूध का दूध पानी का पानी हो जाà¤à¥¤ राजनीति के जानकार बताते हैं कि राहà¥à¤² का यही सवाल सरकार से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ लोगों को परेशान कर रहा है, और यह समठसे परे है कि आखिर मोदी सदन में आने से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ कतरा रहे हैं?
बड़े नोटों को अमानà¥à¤¯ करने के à¤à¤²à¤¾à¤¨ के à¤à¤• महीना (8 नवमà¥à¤¬à¤°) पूरा होने पर विपकà¥à¤· ने संसद और संसद के बाहर ‘काला दिवस’ मनाया। संसद परिसर में महातà¥à¤®à¤¾ गांधी की मूरà¥à¤¤à¤¿ के पास सांसदों ने पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ किया। इस पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ में शामिल कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राहà¥à¤² गांधी ने पीà¤à¤® मोदी पर तीखा हमला करते हà¥à¤ कहा कि उनके मूरà¥à¤–तापूरà¥à¤£ फैसले ने देश को बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ कर दिया है। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ संसद में जवाब देने से बच रहे हैं, लेकिन हम लोग उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤—ने नहीं देंगे। संसद में चरà¥à¤šà¤¾ में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ लें, सà¤à¥€ चीजें सà¥à¤µà¤¤: सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो जाà¤à¤‚गी। विमà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤•रण के फैसले ने मजदूरों और किसानों को बरà¥à¤¬à¤¾à¤¦ कर दिया है। हम बहस चाहते हैं, वोटिंग चाहते हैं। लेकिन सरकार à¤à¤¸à¤¾ नहीं चाहती। राहà¥à¤² गांधी ने कहा कि लोकसà¤à¤¾ में मैं सब बता दूंगा कि पेटीà¤à¤® कैसे पे टू मोदी हो जाता है। पिछले à¤à¤• महीने से इस मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ अपनी बातें बदल रहे हैं। लोग कठिनाइयों के बोठमें दबते जा रहे हैं। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मà¥à¤¸à¥à¤•रा रहे हैं। वह अचà¥à¤›à¤¾ समय वà¥à¤¯à¤¤à¥€à¤¤ कर रहे हैं, जबकि देश की जनता परेशान है, इसलिठवे à¤à¤• मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ से दूसरे मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर जा रहे हैं। हम उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सदन में घेरेंगे। वे सदन से à¤à¤¾à¤— नहीं पाà¤à¤‚गे।
इस पà¥à¤°à¤•ार आप देखेंगे कि सतà¥à¤¤à¤¾à¤ªà¤•à¥à¤· के अकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रूख के कारण हमेशा कथित रकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रà¥à¤– अपनाने वाले कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राहà¥à¤² गांधी आकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हैं, और पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी समेत उनकी पूरी जमà¥à¤¬à¥‹à¤œà¥‡à¤Ÿ कैबिनेट रकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में नजर आ रही है। निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के बारे में लोगों के मन में जो छवि बनी थी, वह धीरे-धीरे खतà¥à¤® हो रही है।
दरअसल, विपकà¥à¤· का आरोप है कि नोटबंदी की घोषणा को चà¥à¤¨à¤¿à¤‚दा तरीके से लीक किया गया, जिन लोगों को उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताना था, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बता दिया गया था। यदि मामले लीक नहीं हà¥à¤ होते तो à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल इकाई ने बैंकों में करोड़ों रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ जमा किà¤, पारà¥à¤Ÿà¥€ ने बिहार में जमीन खरीदी, ये सब नहीं हो पाता। करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ सरकार में पूरà¥à¤µ मंतà¥à¤°à¥€ रहे à¤à¤• नेता ने अपनी पà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के विवाह में 500 करोड़ रà¥à¤ªà¤ खरà¥à¤š किà¤à¥¤ नोटबंदी के कारण हजारों की संखà¥à¤¯à¤¾ में लोगों की नौकरियों से छंटनी हो रही है। किसान मर रहे हैं। अब तक 100 से अधिक लोग कतारों में मर चà¥à¤•े हैं।
आपको बता दें कि 8 नवमà¥à¤¬à¤° को हà¥à¤ˆ नोटबंदी का मकसद कालेधन पर चोट करना था, लेकिन सरकार को इसमें कोई कामयाबी नहीं मिल सकी है। कालेधन वालों ने देश की कथित à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿ बैंकिग सिसà¥à¤Ÿà¤® से सेटिंग कर अपने पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोट को बदल लिया। जबकि आम जनता नोटबंदी के à¤à¤• माह बाद तक कतार में खड़ी होकर धकà¥à¤•े खा रही है और सरकार को कोस रही है। नोटबंदी के बाद से आम लोगों को काफ़ी मà¥à¤¶à¥à¤•िलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार कहती है कि नोटबंदी की वजह से साढ़े गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤ बैंकों में जमा हो गà¤à¥¤ इसमें से चार लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤ बैंकों ने लोगों को दे दिà¤à¥¤ इस हिसाब से बैंकों के पास साढ़े सात लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤ जमा हो गà¤à¥¤ सरकार के पास पैसे आ गà¤, पर लोगों के पास नहीं रहे।
बताते हैं कि नोटबंदी का जीडीपी पर तीन तरह से असर पड़ेगा। à¤à¤¾à¤°à¤¤ का कालाधन अब विदेश चला जाà¤à¤—ा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लोगों के मन में डर बन गया है। लोग डॉलर खरीदने लगे हैं, इसका सबूत यह है कि डॉलर के मà¥à¤•़ाबले रà¥à¤ªà¤¯à¤¾ लगातार टूट रहा है। छोटे उदà¥à¤¯à¥‹à¤—ों को à¤à¥€ नकद न होने से दिकà¥à¤•तें हो रही है। आशंका है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ मंदी की चपेट में आ सकती है।
खैर, पांच सौ, हजार रà¥à¤ªà¤ की नोटबंदी के अचà¥à¤›à¥‡ नतीजे तो जाने कब दिखाई देंगे, मगर उसके खराब पहलू पूरी तरह सामने आ गठहैं। दावे के हिसाब से न कालाधन पकड़ा गया न ही à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¤¾à¤° में कोई कमी आई है। मकान-दà¥à¤•ान आदि के ससà¥à¤¤à¥‡ होने की बात कही गई थी, बैंकों के करà¥à¤œ की बà¥à¤¯à¤¾à¤œ-दरों में कमी आने का à¤à¥€ दावा था, मगर à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› खास नहीं हà¥à¤† है। रिजरà¥à¤µ बैंक ने अपनी ताजा मौदà¥à¤°à¤¿à¤• नीति में बà¥à¤¯à¤¾à¤œ दरें यथावत रखी हैं और विकास दर का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ घटा दिया है। मगर पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ दिवासà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ दिखाठजा रहे हैं।
नोटबंदी का सबसे बड़ा कहर आम आदमी पर टूटा है, चाहे वह शहरी हो या गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥¤ बैंकों और à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® के सामने दो-चार हजार रà¥à¤ªà¤ निकालने के लिठलग रही कतारें टूटने का नाम नहीं ले रहीं। राहत की सरकारी घोषणाओं और उनके अमल में कोई तालमेल नहीं है। सरकार का कहना है कि कोई à¤à¥€ खाताधारक à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में बैंक से चौबीस हजार और à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® से à¤à¤• दिन में ढाई हजार रà¥à¤ªà¤ निकाल सकता है, मगर बैंकों और à¤à¤Ÿà¥€à¤® में जब पैसे ही नहीं होते, तो इस फरमान का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब है?
इधर, केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार की नाकामी पर विपकà¥à¤· को उस वकà¥à¤¤ और बल मिल गया जब सतà¥à¤¤à¤¾à¤°à¥‚ढ़ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के वरिषà¥à¤ सांसद लालकृषà¥à¤£ आडवाणी ने संसद ठपà¥à¤ª रहने पर सरकार को घेरा। आडवाणी ने सदन बाधित होने पर लोकसà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤°à¤¾ महाजन और संसदीय कारà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ अनंत कà¥à¤®à¤¾à¤° को ठहराया। आडवाणी अपने वाणी-संयम के लिठविखà¥à¤¯à¤¾à¤¤ हैं, फिर à¤à¥€ लोकसà¤à¤¾ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¾ सà¥à¤®à¤¿à¤¤à¥à¤°à¤¾ महाजन की आलोचना करनी पड़ी।
उधर, इस मसले पर सोशल मीडिया पर जबरà¥à¤¦à¤¸à¥à¤¤ गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ दिख रही है। दिलà¥à¤²à¥€ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ आईटी सेल के कनà¥à¤µà¥‡à¤¨à¤° विशाल कà¥à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ फेसबà¥à¤•, टà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤° और वà¥à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¤ªà¥à¤ª के जरिठताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। बिना तैयारी की गई नोटबंदी को जनविरोधी करार देते हà¥à¤ टà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤° पर विशाल कà¥à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ लिखते हैं-‘