आरबीआई का निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶, नोटबंदी के बाद की सीसीटीवी फà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ संà¤à¤¾à¤² कर रखें बैंक
आरबीआई ने सà¤à¥€ बैंकों को निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिठहैं कि वे कालेधन के खेल से सावधान रहें। आरबीआई का यह निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ à¤à¤¸à¥‡ समय में आया है जब आबीआई का ही à¤à¤• अधिकारी डेढ़ करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ काले धन को बदलने में पकड़ा गया है। उस अधिकारी को आरबीआई ने ससà¥à¤ªà¥‡à¤‚ड कर दिया है। आरबीआई ने कहा है कि गड़बड़ी करने वालों पर हमारी नजर है।
आरबीआई के अधिकारियों ने पà¥à¤°à¥‡à¤¸ कॉनà¥à¤«à¥à¤°à¥‡à¤‚स कर सà¤à¥€ बैंकों से कहा है कि वे नठनोटों का रिकॉरà¥à¤¡ रखें। साथ ही कालेधन के खेल से सावधान रहें। आरबीआई ने लोगों से अपील की है कि वे नोटों को जमा करने की बजाठउसे खà¥à¤²à¤•र खरà¥à¤š करें।
रिजरà¥à¤µ बैंक ने बैंकों से कहा है कि वे बैंक शाखाओं व करंसी चेसà¥à¤Ÿ के परिचालन की सीसीटीवी रिकारà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग को संà¤à¤¾à¤²à¤•र रखें ताकि पà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों को उन लोगों की पहचान करने में आसानी हो जो नोटबंदी के बाद नये नोटों की जमाखोरी कर रहे हैं। केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ बैंक ने इस बारे में आज à¤à¤• अधिसूचना जारी की है।
इसमें बैंकों से कहा गया है कि वे 8 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक बैंक शाखाओं व करंसी चेसà¥à¤Ÿ में लगे सीसीटीवी रिकारà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग संà¤à¤¾à¤²à¤•र रखें। रिजरà¥à¤µ बैंक ने कहा है कि इस रिकारà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग से पà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¤¨ à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों को नये नोटों की जमाखोरी करने वालों को पहचानने व उनके खिलाफ कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ में मदद मिलेगी।
वहीं रिजरà¥à¤µ बैंक के डिपà¥à¤Ÿà¥€ गवरà¥à¤¨à¤° à¤à¤¸ à¤à¤¸ मूंदड़ा ने कहा कि सà¤à¥€ बैंकों को आंकड़ों की जांच को लेकर नोटिस दिठगठहैं। आरबीआई के डिपà¥à¤Ÿà¥€ गवरà¥à¤¨à¤° आर गांधी ने बताया कि नोटबंदी के बाद आज की तारीख तक 12.44 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚धित नोट बैंकों में जमा हो चà¥à¤•े हैं। बैंकों ने आठ-नौ नवंबर से à¤à¤Ÿà¥€à¤à¤® और बैंक काउंटरों के जरिये 4.61 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ जारी किये हैं। इसके अलावा विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ राशि के 21.8 अरब नोट जारी किये गठहैं।
नोटबंदी के फैसले के बाद से देशà¤à¤° के कई शहरों से अब तक कई करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के नठनोट जबà¥à¤¤ किठजा चà¥à¤•े हैं। आयकर विà¤à¤¾à¤— की टीम कई जगह छापे मार चà¥à¤•ी है। कालेधन के खेल में कारोबारी से लेकर कई बैंकों के अधिकारी तक शामिल पाठगठहैं।