अमेरिका नहीं भेजेगा सेना, यूक्रेन के राष्ट्रपति बोले- जंग में हम अकेले पड़े
यूक्रेन पर रूस के हमले का 25 फरवरी, गुरुवार को दूसरा दिन है। हमले तेज हो गए हैं। अब तक 137 यूक्रेन नागरिकों की मौत हो चुकी है। रूस को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, युद्ध के दूसरे दिन (LIVE Day 2 Russian-Ukraine War) यूक्रेन के लिए बुरी खबर आई। अमेरिका और नाटो देशों ने यूक्रेन में सेना भेजने से इन्कार कर दिया है। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस द्वारा बड़े पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद पहले दिन 130 से अधिक यूक्रेनियन मारे गए हैं। ऐसे हालात में पूरी दुनिया ने उन्हें जंग के मैदान में अकेला छोड़ दिया है। हमले के खिलाफ रूस में ही भड़का गुस्सा: यूक्रेन पर हमले के बाद रूस में ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विरोध शुरू हो गया है। यहां मास्को समेत 53 शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने 1700 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। वहीं जंग के मैदान में यूक्रेन की कोई मदद नहीं करने के खिलाफ अमेरिका में भी राष्ट्रपति जो बाइडन का विरोध शुरू हो गया है।
यूक्रेन में अपनी सेना नहीं भेजेगा अमेरिका : इससे पहले यूक्रेन पर रूसी हमले के मुद्दे पर जी-7 देशों के साथ चर्चा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका यूक्रेन में अपनी सेनाएं नहीं भेजेगा। बाइडन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को हमलावर बताते हुए कहा कि उन्होंने युद्ध को चुना है। इस दौरान उन्होंने रूस के खिलाफ नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की घोषणा भी की। इनमें रूसी बैंकों और सरकारी कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधों से लेकर दुनिया की प्रमुख मुद्राओं में कारोबार करने की रूसी क्षमताओं को बाधित करना शामिल है।व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया रूस के खिलाफ एकजुट है। इस हमले का हम जबाव दिए बिना नहीं रहेंगे। अमेरिका स्वतंत्रता के साथ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रूस से कोई साइबर हमला हुआ तो अमेरिका उसका जवाब देने के लिए तैयार है। बाइडन ने नाटो सहयोगियों के खिलाफ रूसी हमले से बचाव के लिए और अमेरिकी सैनिक भेजने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह पूरे यूरोप के लिए खतरनाक क्षण है और यह हमला रूस के लिए कभी भी सुरक्षा की वास्तविक चिंता के लिए नहीं था।अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा यह पूर्वनियोजित हमला है और पुतिन ने वार्ता के पश्चिम के प्रयासों को ठुकरा दिया और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया। उन्होंने बताया कि प्रतिबंध इस तरह के हैं कि उनका रूस पर दीर्घकालिक असर होगा। अमेरिका इस दिशा में और कार्रवाई करने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों से रूस की डालर, यूरो, पौंड और येन में कारोबार करने की क्षमता बाधित होगी। इसके अलावा आगे के कदमों पर विचार के लिए शुक्रवार को नाटो देशों की बैठक होगी। उन्होंने कहा कि पुतिन का यूक्रेन के खिलाफ आक्रमण रूस के लिए काफी महंगा साबित होगा। विश्व मंच पर पुतिन को बहिष्कृत कर दिया जाएगा।