5 जून से इन राशि वालों पर रहेगी शनिदेव की विशेष कृपा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी ग्रह के राशि परिवर्तन का असर मेष से लेकर मीन राशि तक पर पड़ता है। कुछ राशि वालों के लिए ग्रह की स्थिति का शुभ असर पड़ता है, जबकि कुछ राशि वालों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित होती है। अब जून महीने में ग्रहों के न्यायाधीश शनिदेव 5 जून को कुंभ राशि में वक्री होने जा रहे हैं। वक्री का अर्थ किसी भी ग्रह की उल्टी चाल से होता है।
मेष- मेष राशि वालों के लिए वक्री शनि खुशियों की सौगात ला सकते हैं। आपकी राशि से शनिदेव 11वें भाव में वक्री होने जा रहे हैं। जिसे आय या लाभ का भाव कहा जाता है। इसलिए इस दौरान आपकी आय में अच्छी वृद्धि हो सकती है। आय के नए साधन बनेंगे। व्यापार में कोई लाभकारी डील फाइनल हो सकती है। नौकरी पेशा करने वाले जातकों के लिए यह समय लाभकारी रहने वाला है। व्यापारियों को मुनाफा होगा।
वृषभः आपकी जन्मकुंडली से शनिदेव दशम भाव में वक्री होने जा रहे हैं। जिसे कर्मक्षेत्र या जॉब का स्थान कहा जाता है। इसलिए इस दौरान आपके मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। इस समय आपको नई नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है। आपकी कार्यशैली में सुधार होगा। आपकी कार्यस्थल पर तारीफ हो सकती है। बॉस आपसे प्रसन्न रहेंगे। वृषभ राशि के स्वामी शुक्रदेव हैं। ज्योतिष के अनुसार, शनि और शुक्र के बीच मित्रता का भाव है। इसलिए शनि का वक्री होना आपके लिए लाभकारी साबित होगा।
मकर- मकर राशि वालों के लिए शनि की वक्री स्थिति शुभ साबित हो सकती है। शनिदेव आपकी कुंडली से दूसरे स्थान पर वक्री होने जा रहे हैं। जिसे धन या वाणी का भाव कहा जाता है। इसलिए इस समय आपको आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। लंबे समय से अटके धन की प्राप्ति हो सकती है। वाहन या जमीन खरीदने के लिए यह समय उत्तम है। किसी प्रॉपर्टी में निवेश का मन बना रहे हैं तो सफलता हासिल होगी। मकर राशि पर शनिदेव का आधिपत्य है। इसलिए आपके लिए यह समय लाभकारी रहने वाला है।