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अग्नि-5 की जद में आधी दुनिया, जानें इसकी खास बातें

सफलता की एक नई गाथा लिखते हुए भारत ने सोमवार को अपनी सबसे मारक और परमाणु क्षमता से युक्त अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) अग्नि-5 मिसाइल का ओडिशा तट से दूर अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित लक्ष्य को भेदने सें सक्षम है। इस शक्तिशाली मिसाइल की जद में चीन-पाकिस्तान समेत पूरा एशिया और आधा यूरोप होगा।

इस मिसाइल ने अपने सभी लक्ष्यों को भेदने में सफलता हासिल की। अंतिम सफल परीक्षण के बाद इस मिसाइल को स्पेशल फोर्सेस कमांड (एसएफसी) में शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है। सफल परीक्षण पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को बधाई दी।

इन देशों तक अग्नि-5 की पहुंच

  • पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, ईरान और इटली समेत करीब आधा यूरोप
  • चीन, रूस, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस तक निशाना लगाने की क्षमता
  • भारत की सबसे मारक मिसाइल का सफल परीक्षण, चीन-पाकिस्तान तक मारक क्षमता
  • 5000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम
  • 11:05 बजे सुबह मोबाइल प्रक्षेपण यान के जरिए लॉन्च किया गया
  • 17 मीटर लंबाई, 50 टन वजन

अग्नि-5 की खास बातें

  • 1000 किलो तक वारहेड ले जाने में सक्षम
  • 85 फीसदी स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल
  • 20 मिनट में लक्ष्य पर हिट कर सकती है
  • अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइल
  • तीन चरणों और सतह से सतह तक मार करने में सक्षम
  • नेवीगेशन, गाइडेंस, वारहेड और इंजन से जुड़ी नई तकनीकें शामिल
  • मिसाइल को आसानी से डिटेक्ट करना मुश्किल
  • आरआईएनएस और माइक्रो नेविगेशन सिस्टम की वजह से सटीक निशाना लगाने में माहिर
  • एक साथ कई लक्ष्यों पर निशाना लगाने की क्षमता
  • कई परमाणु वारहेड एक साथ छोड़े जा सकते हैं। एक बार छोड़ने के बाद रुकना नामुमकिन
  • अग्नि-6 की भी तैयारी
  • तैयारियां अभी शुरुआती स्तर पर
  • 8000-10,000 किलोमीटर तक होगी मारक क्षमता
  • जमीन और समुद्र से भी मार करने की क्षमता

‘अग्नि-5 के सफल परीक्षण ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। इससे हमारी सामरिक प्रतिरक्षा में जबरदस्त इजाफा होगा।’ --नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

दुनिया के पांच प्रमुख देशों में शामिल हुआ भारत
ओडिशा के तट से दूर अब्दुल कलाम द्वीप से सोमवार को अग्नि-5 के सफल परीक्षण के साथ ही भारत दुनिया के पांच शक्तिशाली देशों में शुमार हो गया है। परमाणु युक्त अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) बनाने वाला भारत पांचवां देश है। इससे पहले रूस, अमेरिका, फ्रांस और चीन इस तरह की मिसाइल विकसित कर चुके हैं।

ताकत में पाक से आगे
अग्नि-5 ने भारत और पाकिस्तान के बीच मिसाइल ताकत का फासला और बढ़ा दिया है। भारत पहले ही शक्ति के मामले में पड़ोसी देश से आगे है। अग्नि-5 के अलावा भारत अग्नि-6 की तैयारी में है, जिसकी मारक क्षमता 10 हजार किलोमीटर तक होगी। पाकिस्तान की बात करें, तो शाहीन-3 की मारक क्षमता 2750 किलोमीटर तक ही है। हालांकि पाक भी तैमूर के नाम से 5000 किलोमीटर की रेंज वाली मिसाइल तैयार करने में जुटा हुआ है।

अग्नि मिसाइल की रेंज

  • अग्नि-1 : 700 किलोमीटर
  • अग्नि-2 : 2000 किलोमीटर
  • अग्नि-3 : 2500 किलोमीटर
  • अग्नि-4 : 3500 किलोमीटर

पाकिस्तानी मिसाइलों की रेंज

  • शाहीन-1 : 700 किलोमीटर
  • शाहीन-2 : 2000 किलोमीटर
  • शाहीन-3 : 2750 किलोमीटर
  • तैमूर (अभी तैयार नहीं ): 5000 किलोमीटर

चार परीक्षणों से गुजरी अग्नि-5

  • पहला परीक्षण : 19 अप्रैल, 2012
  • दूसरा परीक्षण : 15 सितंबर, 2013
  • तीसरा परीक्षण : 31 जनवरी, 2015
  • चौथा परीक्षण : 26 दिसंबर, 2016

स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल
अग्नि-5 के सफल परीक्षण में स्वदेशी तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। ‘रिंग लेजर गायरो’ आधारित ‘इनरशियल नेविगेशन सिस्टम’ (आरआईएनएस) और सबसे आधुनिक एवं सटीक माइक्रो नेविगेशन सिस्टम (एमआईएनएस) ने कुछ मीटर की सटीकता से लक्ष्य भेदने को सुनिश्चित किया। साथ ही बहुत तेज गति से चलने वाले कंप्यूटर और चूक का पता लगाने वाले सॉफ्टवेयर एवं मजबूत और विश्वसनीय बस ने मिसाइल का मार्गदर्शन किया।

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