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कैरेक्टर सर्टिफिकेट अब एसडीएम नहीं पुलिस देगी

चरित्र प्रमाण-पत्र को लेकर राजस्व और पुलिस अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न
विभिन्न उद्देश्यों के लिये उपयोग किया जाने वाला “कैरेक्टर सर्टिफिकेट” (चरित्र प्रमाण-पत्र) अब एसडीएम द्वारा नहीं दिया जायेगा। यह प्रमाण-पत्र 18 वर्ष से अधिक आयु वाले आवेदकों को पुलिस विभाग द्वारा प्रदान किया जायेगा। चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया में एकरूपता और विश्वसनीय बनाने के लिये गृह मंत्रालय मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिनके अनुसार सभी प्रकार के चरित्र सत्यापनों के लिये फोटोयुक्त आवेदन निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होंगे। इसके लिये विभाग द्वारा शुल्क और समयावधि दोनों का निर्धारण कर दिया गया है।
इसकी प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी देने के लिये गत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व अधिकारियों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला कलेक्टर डॉ. संजय गोयल और पुलिस अधीक्षक श्री हरिनारायणचारी मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
कलेक्टर डॉ. गोयल ने बताया कि शासकीय-अशासकीय सेवा में चुने जाने वाले उम्मीदवारों व अन्य उद्देश्यों के लिये चरित्र प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होती है। आवेदक द्वारा चरित्र सत्यापन के लिये कार्यपालिक दण्डाधिकारी के रूप में राजस्व अधिकारियों के या पुलिस विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। साथ ही चरित्र सत्यापन कार्य के लिये कोई निर्धारित प्रारूप में आवेदन और चरित्र प्रमाण-पत्र का भी कोई प्रारूप निर्धारित न होने के कारण अनेक बार उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है। इस परिस्थिति में राज्य सरकार द्वारा चरित्र सत्यापन के लिये विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। चरित्र प्रमाण-पत्र अब संबंधित थाना प्रभारी या पुलिस की विशेष शाखा द्वारा ही प्रदान किए जायेंगे। चरित्र प्रमाण-पत्र के लिये आवेदन निर्धारित प्रारूप में तीन फोटो के साथ प्रस्तुत करना होगा। आवेदन का प्रारूप सभी पुलिस थानों, पुलिस अधीक्षक कार्यालयों व मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।
आवेदक को अपनी पहचान और पता स्थापित करने के लिये आधारकार्ड या शस्त्र लायसेंस अथवा पासपोर्ट की प्रति दस्तावेजों के रूप में लगाना आवश्यक होगी। इसके अतिरिक्त आवेदक बैंक द्वारा जारी फोटो पासबुक, पोस्ट ऑफिस द्वारा जारी किसान पासबुक, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण-पत्र, विकलांगता प्रमाण-पत्र, स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत स्मार्ट कार्ड, संपत्ति के पंजीकृत फोटोयुक्त दस्तावेज, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का फोटोयुक्त जॉबकार्ड, मतदाता परिचय पत्र, 10वीं अथवा 12वीं की अंकसूची जो फोटो के साथ जारी की गई हो, पहचान पत्र के रूप में लगाई जा सकती है।
एडीएम श्री शिवराज वर्मा ने बताया कि चरित्र प्रमाण-पत्र के लिये बीपीएल कार्डधारी आवेदक से कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। जबकि अन्य आवेदकों को यदि प्रकरण एक ही थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है तो 100 रूपए, यदि प्रकरण एक ही जिले के एक से अधिक थानों के अंतर्गत आता है तो 200 रूपए और यदि प्रकरण एक से अधिक जिलों का है तो 400 रूपए शुल्क के रूप में विभाग के शासकीय कोषालय के मेजर हैड 0055 में जमा कर चालान की प्रति आवेदन के साथ प्रस्तुत करनी होगी।
विभाग द्वारा आवेदन जमा करने की प्रक्रिया और स्थान का निर्धारण भी कर दिया गया है। इसके तहत 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति का चरित्र प्रमाण-पत्र नहीं दिया जायेगा। 18 वर्ष से अधिक आयु के उपरांत यदि वे एक से अधिक थाना क्षेत्र मंप रहा है तो आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक कार्यालय की जिला विशेष शाखा में प्रस्तुत करना होगा। यदि आवेदक एक ही थाना क्षेत्रांतर्गत रहा है तो वह संबंधित थाने में प्रस्तुत करना होगा। आवेदक को आवेदन की प्राप्ति निर्धारित प्रारूप में प्रदान की जायेगी। आवेदन प्रत्येक कार्यालय में प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे के मध्य लिए जायेंगे। यदि आवेदन पत्र सीधे थाने को प्राप्त होता है तो सात दिवस के अंदर चरित्र प्रमाण पत्र निर्धारित प्रारूप के रूप में प्रदान किया जायेगा। यदि एक ही जिले में एक से अधिक थाना क्षेत्र में निवास किया गया हो तो 15 दिवस में, यदि आवेदक एक से अधिक जिलों में रहा है तो प्रमाण-पत्र 30 दिवस के अंदर प्रदान किया जायेगा। लेकिन अगर आवेदक किसी अन्य राज्य में निवास करता है तो यथाशीघ्र उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि अशासकीय सेवा के लिये चरित्र प्रमाण-पत्र लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रदान किए जायेंगे। गृह विभाग द्वारा इस प्रक्रिया के प्रभावी ढंग से संचालन के लिये नवीन सॉफ्टवेयर तैयार कराया गया है।

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