छह घंटे में दो बार जबलपुर पहुंचे पीएम मोदी, विमानतल पर राज्यपाल व सीएम ने रानी दुर्गावती की प्रतिमा भेंट कर दी विदाई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शहडोल आगमन के दौरान जबलपुर में वे छह घंटे के अंतराल में दो बार पहुंचे। शहडोल में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हाेने शनिवार को दोपहर दो बजकर 15 मिनट पर जबलपुर के डुमना विमानतल पर विशेष विमान से पहुंचे। यहां लगभग 10 मिनट रुकने के बाद वे 2 बजकर 25 मिनट पर हेलीकाप्टर से शहडोल के लिए रवाना हो गए। इसके बाद लगभग रात आठ बजे वे हेलीकप्टर से वापस जबलपुर के डुमना हवाई अड्डे पहुंचे जहां से रात्रि 08ः10 पर वे भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्हें राज्यपाल, मुख्यमंत्री व जनप्रतिनिधियों ने विदाई दी।डुमना विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय जल शक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मिनिस्टर इन वेटिंग प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव, सांसद राकेश सिंह एवं राज्य सभा सदस्य सुमित्रा वाल्मिकी, मप्र पर्यटन विकास निगम के चेयरमेन विनोद गोंटिया ने प्रधानमंत्री को विदाई दी। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने स्मृति स्वरूप गोंडवाना साम्राज्य की महारानी अमर शहीद वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की। प्रधानमंत्री को डुमना विमानतल पर विदाई देने के लिए तमाम जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री की ट्रांजिट विजिट को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर रहा। शुक्रवार को जहां पूरे दिन उनके आगमन को लेकर माकड्रिल की गई थीं वहीं शनिवार को भी प्रधानमंत्री के आने से लेकर लौटने तक डुमना हवाई अड्डे की सुरक्षा चाक चौबंध की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी को वैसे तो डुमना विमानतल के बाहर निकलना भी नहीं था, लेकिन फिर भी आपात स्थिति में जबलपुर के एमईएस गेस्ट हाउस में उनके विश्राम की पूरी तैयारी की गई। वहां चिकित्सा दल तैनात किए गए और सड़क मार्ग को भी चाक-चौबंद व सुरक्षा के इंतजाम किए गए।