मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने बताया सरकार का अगला प्लान कहा गृहिणियों को मिलेगा हर महीने 10,000 रुपए...
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर तबके की हर गृहिणी के लिए 10,000 रुपए की मासिक आमदनी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह घोषणा ऐसे वक्त की, जब सूबे में इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के बीच होड़ लगी है।
चौहान ने इंदौर में एक भव्य समारोह के दौरान एक उपकरण से प्रतीकात्मक बटन दबाकर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना की दूसरी किश्त करीब 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के खाते में पहुंचाई।
उन्होंने इस समारोह में शामिल होने के बाद मीडिया से कहा, "हमारा नया संकल्प है कि हर बहन की मासिक आमदनी कम से कम 10,000 रुपए होनी चाहिए और वे अपने घर का काम-काज करने के साथ ही छोटे-मोटे काम-धंधे से इतनी आय अर्जित कर सके।"
चौहान ने कहा कि इस संकल्प को सच करने के लिए संबंधित महिलाओं को महज दो प्रतिशत की ब्याज दर पर बैंक से कर्ज दिलाया जाएगा, जिसकी अदायगी की गारंटी प्रदेश सरकार लेगी। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन के तहत इन महिलाओं के स्व-सहायता समूह बड़े पैमाने पर बनाए जाएंगे ताकि वे बैंक कर्ज लेकर अपना काम-काज शुरू कर सकें।
राज्य विधानसभा चुनाव से चंद महीने पहले, 10 जून से शुरू की गई लाडली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिला को हर महीने सरकारी खजाने से 1,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इस रकम को सिलसिलेवार तरीके से बढ़ाकर 3,000 रुपये तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस भी मतदाताओं से वादा कर चुकी है कि विधानसभा चुनावों में जीतने और राज्य की सत्ता में लौटने पर महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बहरहाल, मुख्यमंत्री चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहने पर महिलाओं के लिए कभी कुछ नहीं किया, लेकिन अब उसके नेता आधी आबादी के मुद्दों को लेकर 'घड़ियाली आंसू' बहा रहे हैं।
चौहान ने कहा,‘‘कांग्रेस ने देश में 50 साल तक सरकारें चलाईं। क्या कांग्रेस ने कभी बहनों को इज्जत दी और क्या इस पार्टी ने कभी महिलाओं का सम्मान बढ़ाया? क्या कांग्रेस ने बहनों की आंखों से आंसू पोंछने का काम किया?’’
उन्होंने कहा,‘‘मैंने बैगा, भारिया और सहरिया जनजातियों की महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 रुपये पहुंचाने का सिलसिला शुरू किया था। यह बात दस्तावेजों में दर्ज है कि कमलनाथ की अगुवाई वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने ये पैसे इन महिलाओं से छीन लिए।'