मेरे संघर्ष की हत्या की गई : मुन्नालाल गोयल
ग्वालियर ।भाजपा नेता मुन्नालाल गोयल ने कहा है कि प्रत्याशी का टिकिट महत्वपूर्ण नहीं होता । जनता के बीच उसकी स्वीकार्यता ही उसे चुनाव जिताती है । लेकिन जो लोग जनता में एक दिन भी गये नहीं, जिनका नाम सर्वे में कहीं नहीं था उनको टिकिट दे दिया गया । और जिन लोगों ने पिछले तीन वर्षों में अपना एक-एक पल जनता के बीच बिताकर भाजपा को मजबूती देने का काम किया । ऐसे कार्यकर्ताओं को टिकिट से वंचित कर उनके संघर्ष की हत्या की गई । महापौर चुनाव में जो षड़यंत्र हुआ ग्वालियर पूर्व विधानसभा में भी इस षड़यंत्र की पुनरावृत्ति हुई है । जिसकेे कारण भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है । जब भाजपा सरकार बनाने के लिये एक-एक सीट का संघर्ष कर रही है। तब ग्वालियर पूर्व की सीट का अप्रत्याशित निर्णय कार्यकर्ताओं को गंवारा नहीं। हम तो 2023 तक विधायक रह सकते थे और अगला चुनाव भी जीतते । कार्यकर्ताओं को दुःख मेरा टिकिट कटने का नहीं बल्कि एक विश्वास की हत्या का है । टिकिट निर्णय के फैसले से पूर्व पार्टी हाईकमान चर्चा करेगा इतने विश्वास एवं नैतिक साहस की उम्मीद विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को थी । मुन्नालाल गोयल की भूमिका कल भी जनसेवक की थी और आज भी है । जीवन की अन्तिम सांस तक क्षेत्र की जनता एवं कार्यकर्ताओं के लिये जनसेवक की रहेगी ।
ग्वालियर पूर्व में हुए पार्टी के निर्णय से पार्टी कार्यकर्ता और मैं व्यथित है, इस संदर्भ में कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी तरीके से अपनी भावनाओं से पार्टी हाईकमान को अवगत करा दिया है । संगठन के अंदर अपने नेता अपनी पार्टी से अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ना हमारा हक है । लेकिन मेरा किसी अन्य दल में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं है । सिंधिया हमारे नेता हैं, मैं भाजपा में हूॅं और रहूंगा । चुनाव में पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, उसका निर्वाह मेरे एवं पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किया जायेगा ।