बेंगलà¥à¤°à¥‚ की वो डरावनी रात...पीड़िता ने सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ à¤à¤•à¤à¥‹à¤° देने वाली आपबीती
31 दिसंबर की रात पूरा देश नठसाल के जशà¥à¤¨ में डूबा हà¥à¤† था, हर तरफ जशà¥à¤¨ का माहौल था, उस रात बेंगलà¥à¤°à¥‚ में कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ हà¥à¤† जिसने पूरे देश को à¤à¤•à¤à¥‹à¤° दिया। वो रात बेंगलà¥à¤°à¥‚ के लिठशरà¥à¤®à¤¨à¤¾à¤• और डरावनी थी। उस रात लड़कों की à¤à¥€à¤¡à¤¼ ने लड़कियों के साथ à¤à¤¸à¥€ हरकतें कीं, जो अगले दिन सà¥à¤°à¥à¤–ियां बनी। जिसने à¤à¥€ इस घटना के बारे में सà¥à¤¨à¤¾, सोचे बिना नहीं रह सका कि आखिर बेंगलà¥à¤°à¥ जैसे तरकà¥à¤•ीपसंद शहर में à¤à¤¸à¤¾ हो कैसे हो सकता है?
31 दिसंबर की उस रात शहर के à¤à¤®à¤œà¥€ रोड और बà¥à¤°à¤¿à¤—ेड रोड पर नठसाल का जशà¥à¤¨ मनाया जा रहा था, इसी बीच हजारों लड़कों की à¤à¥€à¤¡à¤¼ ने लड़कियों के साथ छेडछाड़ करनी शà¥à¤°à¥‚ कर दी। इन मनचलों ने अशà¥à¤²à¥€à¤² हरकतें कीं, à¤à¤¦à¥à¤¦à¥‡ कमेंटà¥à¤¸ किठऔर ये सब हà¥à¤† वहां मौजूद पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के सामने। à¤à¤• अखबार के रिपोरà¥à¤Ÿà¤° ने बताया कि उसने खà¥à¤¦ देखा कि कई महिलाओं ने पà¥à¤²à¤¿à¤¸ के पास जाकर छेड़छाड़ और गंदे कमेंट की शिकायत की, लेकिन पà¥à¤²à¤¿à¤¸ ने ये कहकर à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ नहीं लिया कि इस पर कोई à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤†à¤° दरà¥à¤œ नहीं हà¥à¤ˆà¥¤
अगले दिन अखबार में मदद की गà¥à¤¹à¤¾à¤° लगाती लड़कियों और महिलाओं की तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ à¤à¥€ छपीं जिनमें दिखाई दे रहा है लड़कियां रो रही हैं, अपनी सैंडल हाथ में लेकर à¤à¤¾à¤— रही हैं। लाचार लड़कियां पà¥à¤²à¤¿à¤¸ से मदद की à¤à¥€à¤– मांग रही हैं। 31 की उस रात à¤à¤®à¤œà¥€ रोड पर जब ये सब हà¥à¤† उसी वकà¥à¤¤ à¤à¤®à¤œà¥€ रोड के पास इंदिरा नगर में à¤à¥€ à¤à¤• लड़की के साथ à¤à¥€ कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ ही हà¥à¤†à¥¤