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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का करगिल दिवस पर एलान, अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में देंगे आरक्षण

उत्तर प्रदेश के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण देने का फैसला किया है। कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों से अपील की थी कि अपने यहां पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण दें। इस पर अनुसरण करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भी पुलिस और पीएसी में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। अभी तक मध्य प्रदेश में यह स्पष्ट नहीं है कि आरक्षण कितना होगा। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कहा कि सरकार अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देगी। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार कारगिल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मंशानुसार निर्णय करती है कि हमारे यहां विभिन्न प्रकार की पुलिस, सशस्त्र बलों की भर्ती में अग्निवीरों जवानों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। अग्निवीर जवानों की योजना सच्चे अर्थों में सेना के आधुनिकरण के साथ-साथ योग्य सैनिकों की भर्ती के अलावा वैश्विक स्तर पर सेना को युवा बनाने की योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल दिवस पर जो संकल्प लिया है, उसका पूर्णत: अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार उनकी भावनाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी।

बीएसएफ और सीआईएसएफ में 10 प्रतिशत आरक्षण

दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने बीएसएफ और सीआईएसएफ में अग्निवीरों को दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है। इस संबंध में फैसला दो हफ्ते पहले हो गया था। औपचारिक घोषणा बुधवार को हुई है।  

 

अग्निपथ स्कीम क्या है?

अग्निपथ योजना में चार साल के अनुबंध पर सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किया जा रहा है। इन्हें ही अग्निवीर नाम दिया गया है। छह महीने की ट्रेनिंग के बाद तैनाती होती है। अग्निवीरों को प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये वेतन दिया जाता है। उनके लिए सेवा निधि अंशदायी पैकेज भी बनाया गया है। इसमें मासिक वेतन का 30 प्रतिशत योगदान अग्निवीर करते हैं और उतनी ही राशि केंद्र सरकार मिलाती है। चार साल खत्म होने के बाद एकमुश्त राशि उन्हें दी जाती है।

चार साल की नौकरी के बाद नहीं होंगे बेरोजगार 

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल सवाल उठाते रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल तो स्थायी नौकरी से जुड़ा हुआ है। चार साल बाद अग्निवीर क्या करेंगे? इसके जवाब के तौर पर ही केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए बीएसएफ और सीआईएसएफ के रास्ते खोले हैं। अब अग्निवीरों के सामने अपने राज्यों की पुलिस या सशस्त्र बलों में शामिल होने का विकल्प भी होगा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ने तो इसके लिए आरक्षण का एलान कर ही दिया है। अन्य राज्य भी जल्द ही फैसला ले सकते हैं। इससे अग्निपथ योजना को आकर्षित बनाने में मदद मिलेगी। 

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