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स्तन कैंसर को फैलाने वाले प्रोटीन पर अब वैज्ञानिक करेंगे प्रहार, नहीं बढ़ेगी बीमारी
भोपाल। स्तन कैंसर पर नियंत्रण करने के लिए वैज्ञानिकों ने उस प्रोटीन की पहचान कर ली है, जो कैंसर कोशिकाओं को फैलने में मदद करता है। अब इस प्रोटीन पर नियंत्रण कर कैंसर कोशिकाओं को फैलने से रोका जा सकता है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) के वैज्ञानिकों की यह कोशिश चिकित्सा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
यहां के जीव विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों की टीम ने CTCF नामक प्रोटीन (जीन) का पता लगाया है, जिसके बढ़ने-घटने से स्तन कैंसर बढ़ता है। प्रोफेसर संजीव शुक्ला ने बताया कि हमने स्तर कैंसर को बढ़ाने वाले प्रोटीन सीटीसीएफ पर नियंत्रण करने की विधि खोज ली है। करीब 3 वर्ष के शोध में यह निष्कर्ष निकाला गया है। इस शोध का प्रकाशन अमेरिका के एक जर्नल सेल रिपोटर्स में हो चुका है।
क्रिस्पर तकनीक से रोकेंगे कैंसर
प्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि स्तन कैंसर जैसे ठोस ट्यूमर में CTCF नामक जीन की कैंसर मेटास्टेसिस में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सीटीसीएफ एक डीएनए बाइंडिंग प्रोटीन है, जो मानव जीनोम पर बड़ा प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि हाइपोक्सिक स्तन कैंसर और मेटास्टेसिस में इसका अध्ययन नहीं हुआ था। कम ऑक्सीजन होने पर कैंसर सेल्स में एपीजीनोम बदलता है, जिससे सीटीसीएफ प्रोटीन में वृद्धि होती है। क्रिस्पर तकनीक से एपीजेनेटिक परिवर्तन को बदला जा सकता है और इस तरह से कैंसर मेटास्टेसिस को रोका जा सकता है।
एपीजेनेटिक्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण
शरीर में स्तन कैंसर मेटास्टेसिस के कारकों व उन्हें नियंत्रित करने के उपायों पर शोध करने वाली टीम की शोधकर्ता डॉ. परीक काकानी ने बताया कि कैंसर कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होने पर कैंसर सेल्स में तनाव की स्थिति बनती है, जिससे कैंसर कोशिकाएं शरीर के बाकी अंगों में फैलने लगती है।
कैंसर कोशिकाओं में हाइपोक्सिया की स्थिति बनने पर सीटीसीएफ नाम के प्रोटीन में वृद्धि होती है। हाइपोक्सिया और सीटीसीएफ नामक जीन प्रमोटर पर एपीजेनेटिक आर्किटेक्चर को परिवर्तित करता है और हाइपोक्सिया में मौजूद मास्टर रेगुलेटर एचआइएफ-1 अल्फा व सीटीसीएफ के प्रोटीन में वृद्धि करता है। ऐसे में यह शोध एपीजेनेटिक्स के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण है।इस शोध की मदद से स्तन कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है।
भारत में स्तन कैंसर से 11 प्रतिशत मौतें
भारत में कैंसर से होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत स्तन कैंसर के चलते होती हैं। ऐसे में इसके प्रसार को समझने के लिए यह शोध अहम है। इसकी मदद से रोगग्रस्त कोशिकाओं और उनकी असामान्य वृद्धि और प्रसार को रोका जा सकता है।
ट्यूमर दो प्रकार के होते हैं
वैज्ञानिकों के अनुसार, ट्यूमर किसी खास जगह तक सीमित रहता है तो उसे सौम्य ट्यूमर कहते हैं, लेकिन जब ट्यूमर कोशिकाएं शरीर के दूसरे भाग में पहुंचने लगती हैं तो इसे कैंसर कहा जाता है। सीटीसीएफ नामक प्रोटीन से कैंसर की अवस्था को पता कर कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है। कुछ जीन के कारण ही कैंसर कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि और रोगग्रस्त कोशिकाओं का प्रसार होता है।
प्रोफेसर शुक्ला ने बताया कि स्तन कैंसर जैसे ठोस ट्यूमर में CTCF नामक जीन की कैंसर मेटास्टेसिस में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सीटीसीएफ एक डीएनए बाइंडिंग प्रोटीन है, जो मानव जीनोम पर बड़ा प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि हाइपोक्सिक स्तन कैंसर और मेटास्टेसिस में इसका अध्ययन नहीं हुआ था। कम ऑक्सीजन होने पर कैंसर सेल्स में एपीजीनोम बदलता है, जिससे सीटीसीएफ प्रोटीन में वृद्धि होती है। क्रिस्पर तकनीक से एपीजेनेटिक परिवर्तन को बदला जा सकता है और इस तरह से कैंसर मेटास्टेसिस को रोका जा सकता है।
एपीजेनेटिक्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण
शरीर में स्तन कैंसर मेटास्टेसिस के कारकों व उन्हें नियंत्रित करने के उपायों पर शोध करने वाली टीम की शोधकर्ता डॉ. परीक काकानी ने बताया कि कैंसर कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होने पर कैंसर सेल्स में तनाव की स्थिति बनती है, जिससे कैंसर कोशिकाएं शरीर के बाकी अंगों में फैलने लगती है।
कैंसर कोशिकाओं में हाइपोक्सिया की स्थिति बनने पर सीटीसीएफ नाम के प्रोटीन में वृद्धि होती है। हाइपोक्सिया और सीटीसीएफ नामक जीन प्रमोटर पर एपीजेनेटिक आर्किटेक्चर को परिवर्तित करता है और हाइपोक्सिया में मौजूद मास्टर रेगुलेटर एचआइएफ-1 अल्फा व सीटीसीएफ के प्रोटीन में वृद्धि करता है। ऐसे में यह शोध एपीजेनेटिक्स के क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण है।इस शोध की मदद से स्तन कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है।
भारत में स्तन कैंसर से 11 प्रतिशत मौतें
भारत में कैंसर से होने वाली मौतों में 11 प्रतिशत स्तन कैंसर के चलते होती हैं। ऐसे में इसके प्रसार को समझने के लिए यह शोध अहम है। इसकी मदद से रोगग्रस्त कोशिकाओं और उनकी असामान्य वृद्धि और प्रसार को रोका जा सकता है।
ट्यूमर दो प्रकार के होते हैं
वैज्ञानिकों के अनुसार, ट्यूमर किसी खास जगह तक सीमित रहता है तो उसे सौम्य ट्यूमर कहते हैं, लेकिन जब ट्यूमर कोशिकाएं शरीर के दूसरे भाग में पहुंचने लगती हैं तो इसे कैंसर कहा जाता है। सीटीसीएफ नामक प्रोटीन से कैंसर की अवस्था को पता कर कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है। कुछ जीन के कारण ही कैंसर कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि और रोगग्रस्त कोशिकाओं का प्रसार होता है।