Home > अपना शहर ,
हरियाली अमावस्या पर पितृ तर्पण और पौधे रोपने के लिए 5: 56 बजे से दोपहर 1: 25 बजे तक सही समय
चार अगस्त रविवार को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण के अलावा शहर में कई धार्मिक और सामाजिक संगठन विभिन्न स्थानों पर पौधे रोपेंगे। सावन महीने की अमावस्या चार अगस्त को विशेष योगों में मनाई जाएगी। इस दिन श्रीवत्स योग, रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, सिद्धि योग और पुष्प नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, इसलिए यह विशेष फलदायी रहेगी।
इस दिन के अधिपति विष्णु भगवान हैं, इसलिए इस दिन पीपल और बरगद का पौधा अवश्य रोपें। पितृ दोष की शांति के लिए शाम को पीपल के पेड़ के पास दीप प्रज्जवलित करें। हरियाली अमावस्या के दिन पौधे लगाने और भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना का विशेष महत्व है।
योग कब से कब तक
पंडित राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर श्रीवत्स योग सुबह 5: 56 बजे से दोपहर 1: 25 बजे तक रहेगा।
रवि पुष्य योग शनिवार को 11:59 बजे से शुरू होकर रविवार को दोपहर 1:25 बजे तक है।
सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:56 बजे से दोपहर 1: 25 बजे तक है।
सिद्धि योग शनिवार को 11 बजे सुबह से रविवार को सुबह 11:41 बजे तक रहेगा।
पुष्य नक्षत्र तड़के 5:56 बजे से दोपहर 1: 26 बजे तक है।
पंडित राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि हरियाली अमावस्या पर श्रीवत्स योग सुबह 5: 56 बजे से दोपहर 1: 25 बजे तक रहेगा।
रवि पुष्य योग शनिवार को 11:59 बजे से शुरू होकर रविवार को दोपहर 1:25 बजे तक है।
सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5:56 बजे से दोपहर 1: 25 बजे तक है।
सिद्धि योग शनिवार को 11 बजे सुबह से रविवार को सुबह 11:41 बजे तक रहेगा।
पुष्य नक्षत्र तड़के 5:56 बजे से दोपहर 1: 26 बजे तक है।