राज्यसभा के रेस में आगे नरोत्तम मिश्रा, बड़ा सवाल ज्योतिरादित्य सिंधिया की सीट से किसे मिलेगा मौका?
भोपाल। लोकसभा चुनाव के बाद अब रिक्त हुई 10 राज्यसभा सीटों को लेकर चुनाव आयोग कभी भी तारीखों का घोषणा कर सकता है। गुना-शिवपुरी लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के चुनाव जीतने के बाद अब प्रदेश में भी राज्यसभा की एक सीट रिक्त हो गई है। सिंधिया के लोकसभा चुनाव जीतने के साथ ही प्रदेश की रिक्त हुई राज्यसभा सीट से भाजपा किसे उच्च सदन भेजी गई यह सवाल सियासी गलियारों में चर्चा के केंद्र में लगातार बना हुआ है।
नरोत्तम मिश्रा दावेदारी में सबसे आगे- राज्यसभा की एक सीट पर भाजपा के अंदर कई दावेदार है। इसमें सबसे प्रमुख नाम पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और गुना-शिवपुरी के पूर्व सांसद केपी यादव का है। भाजपा के फायर ब्रांड नेता और प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भाजपा की ओर से राज्यसभा के लिए टिकट के दावेदारों में सबसे आगे माने जा रहे है। विधानसभा चुनाव में दतिया से हार का सामना करने वाले नरोत्तम मिश्रा को पार्टी ने लोकसभा चुनाव के समय न्यू ज्वानिंग टोली का संयोजक बनाया था और नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के तीन वर्तमान विधायकों के साथ तीन पूर्व सांसदों के साथ जबलपुर महापौर और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल कराकर बखूबी अपनी भूमिका को अंजाम दिया। ऐसे में अब केंद्रीय नेतृत्व नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेज कर उनकी वरिष्ठता का फायदा उच्च सदन और प्रदेश में ले सकता है।
नरोत्तम मिश्रा की राज्यसभा दावेदारी के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार उनकी मुलाकात ने भी सियासी पारा को गर्मा दिया है। सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंदर नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात करने उनके बंगले पर पहुंचे। इससे पहले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद दतिया में कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि ''मैं लौट के आउंगा यह मेरा वादा है। समुद्र का पानी उतरता देखकर किनारे पर घर मत बना लेना। मैं ज्यादा समय शांत रहने वाला जीव नहीं हूं”। ऐसे में अब लोकसभा चुनाव के बाद नरोत्तम मिश्रा के सियासी पुर्नवास की अटकलें लगाई जा रही है।