रक्षा मंत्रालय ने राहुल गांधी को 5वीं पंक्ति में सीट देने की बताई वजह, बोले…
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे की पंक्ति में बिठाए जाने पर कांग्रेस पार्टी आग बबूला हो गई। कांग्रेस पार्टी ने इल्जाम लगाया कि जानबूझकर राहुल गांधी का अपमान करने के इरादे से उन्हें पांचवीं पंक्ति में बिठाया गया। प्रश्न उठा तो रक्षा मंत्रालय ने उत्तर दिया और वजह भी बताई कि आखिर क्यों उन्हें इतना पीछे बिठाया गया।
स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गांधी को 5वीं पंक्ति में सीट दी गई। मल्लिकार्जुन खरगे के लिए भी 5वीं पंक्ति में ही सीट रिजर्व थी, लेकिन वे नहीं गए। राहुल गांधी को पीछे बिठाने पर कांग्रेस पार्टी भड़क उठी। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, छोटे मन के लोगों से बड़ी चीजों की आशा करना बेमानी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में पांचवीं लाइन में बिठा कर गवर्नमेंट ने अपनी कुंठा जरूर दिखाई, लेकिन इससे राहुल गांधी को कोई फर्क नहीं पड़ता। नेता प्रतिपक्ष का दर्जा कैबिनेट मंत्री का होता है। गवर्नमेंट के मंत्री पहली पंक्ति में बैठे थे तो।। इन लोगों को लोकतंत्र और लोकतांत्रिक परंपराओं की कोई परवाह नहीं। राहुल गांधी पांचवीं पंक्ति में बैठें या पचासवीं, वो जननायक ही रहेंगे। लेकिन आपलोग इस तरह की हरकतें करना कब बंद करेंगे?’’
रक्षा मंत्रालय का क्या जवाब
रक्षा मंत्रालय की ओर से इस पर उत्तर आया। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, हम हमेशा प्रोटोकॉल का ख्याल रखते हैं, लेकिन इस बार भारतीय ऑलंपिक टीम को सम्मान देने के लिए उन्हें कार्यक्रम में आगे बैठाया गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस बयान पर भी प्रश्न उठाए। पूछा, जब ओलंपियंंस का सम्मान करना चाहते थे, तो क्या राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला, जयशंकर और जेपी नड्डा ओलंपियनों का सम्मान नहीं करना चाहते। उन्हें क्यों आगे बिठाया गया।
इतना तुच्छ व्यवहार क्यों?
इससे पहले, कांग्रेस पार्टी नेता विवेक तन्खा ने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में राहुल गांधी के बैठने की तस्वीर साझा करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘रक्षा मंत्रालय इतना तुच्छ व्यवहार क्यों कर रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीछे की पंक्ति में बैठे। नेता प्रतिपक्ष किसी भी कैबिनेट मंत्री से ऊपर है। लोकसभा में वह पीएम के बाद हैं। उन्होंने कहा, राजनाथ सिंह जी, आप रक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय कार्यक्रमों का राजनीतिकरण नहीं होने दे सकते। आपसे ऐसी आशा नहीं थी।