सहारा-बिड़ला डायरी मामले में पीà¤à¤® मोदी के खिलाफ याचिका सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने की खारिज
सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ ने बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि इस आरोप की जांच होनी चाहिठकि गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ का मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ रहने के दौरान पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने बिड़ला और सहारा समूह से रिशà¥à¤µà¤¤ ली थी।
गैरसरकारी संसà¥à¤¥à¤¾ कॉमन कॉज की याचिका को खारिज करते हà¥à¤ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ अरà¥à¤£ मिशà¥à¤°à¤¾ और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ अमिताव रॉय की खंडपीठने कहा कि à¤à¤«à¤†à¤ˆà¤†à¤° दरà¥à¤œ कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ व अनà¥à¤¯ राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ जो सबूत दिठगठहैं, वे सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯ नहीं हैं।
अदालत ने कहा कि अगर हम बिना ठोस साकà¥à¤·à¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ सामगà¥à¤°à¥€ के आधार पर जांच का आदेश देते हैं, तो संवैधानिक पदाधिकारियों का काम करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाà¤à¤—ा, जो लोकतंतà¥à¤° के लिठअचà¥à¤›à¤¾ नहीं होगा। अदालत ने कहा कि जिस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में इन दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¥‹à¤‚ को à¤à¤•तà¥à¤° किया गया है और अदालत में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया गया है, उस पर हमारी राय है कि यह समà¥à¤šà¤¿à¤¤ जांच के आदेश जारी करने लायक नहीं है।