पुराना नौकर इरफान निकला हत्यारा, तीन साथियों के साथ मां-बेटी को उतारा था मौत के घाट
ग्वालियर में बीते दिनों हुए मां और बेटी के डबल मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि मां और बेटी ने जिस युवक को कुछ दिन पहले नौकरी से निकाला था, उसने बदला लेने के लिए तीन दोस्तों के साथ हत्या की प्लानिंग की और चारो आरोपी हैदराबाद के लिए निकलने वाले थे, इससे पहले पुलिस ने पकड़ लिया।दरअसल, सोमवार को सिटी सेंटर अल्कापुरी में गार्डन होम्स सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-322 में इंदुपुरी और उनकी बेटी रीना भल्ला का शव मिला था। सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध नजर आए थे।पड़ताल करने पर एक युवक इरफान निकला, जो रीना के ग्रोसरी स्टोर में डिलीवरी बॉय था। हिसाब में गड़बड़ी करने पर इरफान को रीना ने नौकरी से निकाल दिया था। इरफान गोहद का रहने वाला है।वह लंबे समय तक रीना के ग्रोसरी स्टोर में काम कर चुका था, इसलिए उसे पता था कि घर का दरवाजा हमेशा खुला रहता है और घर में जेवर-कैश रखे रहते हैं।
उसने दोस्त अंकुल झा से बात की। फिर हैदराबाद में काम करने वाले दो अन्य दोस्तों प्रमोद माथुर और छोटू राणा को बुलाया। चारो ग्वालियर में बस स्टैंड पर मिले और फिर गार्डन होम्स पहुंच गए।सबसे पहले इरफान घर में घुसा, फिर बाकी आरोपी अंदर गए। पहले इंदुपुरी का मुंह दबाया और घर में रखा सामान उठाने लगे। इतने में रीना घर पहुंच गई। इरफान ने उसका भी मुंह दबा दिया, दोनों की मौत हो गई।
पुलिस के सामने उठे ये सवाल
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस के सामने तीन सवाल थे। हत्या कब हुई, क्यों हुई और किसने की? पुलिस की पड़ताल में यह भी सामने आ गया है कि हत्या सोमवार की रात 9.20 बजे से 10.30 बजे के बीच हुई है। क्योंकि रीना भल्ला के यहां रात को दो हाउस मेड आती हैं। एक साफ-सफाई और रोटी बनाती है, दूसरी सब्जी बनाकर जाती है। एक हाउस मेड ने पुलिस को बताया कि वह सोमवार रात 9.20 बजे रोटियां बनाकर गई थी।
मंगलवार सुबह जब पुलिस स्पॉट पर पहुंची थी, तो जार में सभी रोटियां रखी हुई थीं। मतलब मां-बेटी ने खाना नहीं खाया था। किसी भी बर्तन में सब्जी नहीं मिली है।इससे यह भी साफ है कि सब्जी बनाने वाली आई तो दरवाजा अंदर से बंद था या फिर वह आई ही नहीं। रात 10.02 बजे दो युवक फुटेज में नजर आए। इसी के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
ऐसे की हत्या
पुलिस का मानना था कि हत्या करने वाले पूरे घर से अच्छी तरह वाकिफ थे। आरोपियों ने अंदर दाखिल होने के लिए कोई फोर्स एंट्री नहीं ली थी। वे आसानी से घर में दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने जाते से ही दोनों महिलाओं पर अटैक किया। बेडरूम और उसके पास के रूम में कुछ सामान के बीच छानबीन की। इसके अलावा पूरे घर में आरोपियों ने किसी भी सामान को हाथ तक नहीं लगाया।
पुलिस के हिसाब से घटना के समय दोनों महिलाएं बेड पर थीं। वहां हमलावर पहुंच गए। महिलाओं ने उनके इरादे भांपकर विरोध जताना चाहा होगा, इतने में एक हमलावर ने 72 साल की इंदुपुरी को दबोचा। दो हमलावरों ने रीना को पकड़कर पेट के बल लिटाकर सिर को कसकर दबाया होगा। बेड पर गद्दे में ही नाक और मुंह दबने से दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पुलिस का ऐसा मानना इसलिए है, क्योंकि सुबह एक हाउस मेड के पहुंचने पर परिजन ने डॉक्टर को बुलाया था। रीना को सीधा कर चेक किया गया, तो मुंह में उनके ही बाल भरे थे और चेहरा काला पड़ चुका था।