देशà¤à¤° में खà¥à¤²à¥‡à¤‚गे 62 नठनवोदय विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, SC-ST छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठमौके बढ़े
मानव संसाधन विकास मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ ने देश à¤à¤° में 62 नठनवोदय विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ खोलने का à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया है। मानव संसाधन विकास मंतà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤•ाश जावडेकर ने नवोदय विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ के नेशनल इंटिगà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ मीटिंग के बाद à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया। देश के हर राजà¥à¤¯ को हिसà¥à¤¸à¤¾ मिला है, सिरà¥à¤« तमिलनाडॠइस बार पीछे रह गया। इसकी वजह ये रही कि राजà¥à¤¯ सरकार से कोई पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ ही नहीं आया। देश à¤à¤° में अब तक 600 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नवोदय विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ खà¥à¤² चà¥à¤•े हैं। इनमें 22 फीसदी शहरी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में और 78 फीसदी सà¥à¤•ूल गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ इलाकों में हैं।
मानव संसाधन विकास मंतà¥à¤°à¥€ जावडेकर ने कहा कि इस साल नवोदय विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में छठी ककà¥à¤·à¤¾ में दाखिले के लिठदेश à¤à¤° की 40000 सीटों थीं। और इन सीटों के लिठ22 लाख से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आवेदन आà¤à¥¤ ये उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ साबित करता है कि देश का गरीब तबका à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ शिकà¥à¤·à¤¾ के लिठततà¥à¤ªà¤° है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो अनà¥à¤¸à¥‚चित जाति और जनजाति के छातà¥à¤° की संखà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रही है। हर सà¥à¤•ूल में आवंटित 15 फीसदी सीटों से कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़कर 25 फीसदी अनà¥à¤¸à¥‚चित जाति के सांसदों को दाखिला मिला तो अनà¥à¤¸à¥‚चित जनजाति के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के दाखिले आवंटित 7 फीसदी से खासे आगे बढ़ कर 19 फीसदी हो हो गठहैं।
जावडेकर मानते हैं कि इतनी बडी संखà¥à¤¯à¤¾ में इन गरीब छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के दाखिले ये जताते हैं कि इनका पूरे सरकारी तंतà¥à¤° पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ à¤à¥€ लगातार बढ़ रहा है। पर जावडेकर की असली चिंता लडकियों के दाखिले को लेकर है। नवोदय विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में 33 फीसदी आरकà¥à¤·à¤£ लड़कियों के लिठहै। दाखिलों में पिछले साल ये औसत 39 फीसदी पहà¥à¤‚च गयी थी। लेकिन सरकार को लगता है कि पूरी तरह से बोरà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग सà¥à¤•ूल होने यानि हॉसà¥à¤Ÿà¤² वाले सà¥à¤•ूल होने के कारण कई अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• अपनी बेटियों को नवोदय विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯à¥‹à¤‚ में नहीं à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ चाहते। जावडेकर ने कहा कि इसके लिठपूरा माइंड सेट बदलने की जरà¥à¤°à¤¤ है जिसके लिठसरकार लगातार पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¤°à¤¤ है।