ऊर्जा मंत्री को चेतावनी: समस्याएं नहीं सुलझीं तो होगा घेराव, पहनाई जाएंगी चूड़ियां
ग्वालियर। शहर में हो रही बेतहाशा अघोषित बिजली कटौती एवं बिजली विभाग से जुडी अन्य समस्याओं को लेकर आज बिजली विभाग के मुख्य कार्यालय रोशनी घर पर विधायक डाॅ. सतीश सिकरवार के नेतृत्व में जंगी धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें हजारों महिला-पुरूष शामिल हुये। साथ ही इस दौरान 10 सूत्रीय समस्यायुक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के नाम अधीक्षण यंत्री बिजली विभाग नितिन मांगलिक को कांग्रेसजनों द्वारा सौंपा गया। विधायक डाॅ. सिकरवार ने धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुये ऐलान किया कि अगर अतिशीघ्र ज्ञापन में उल्लेखित समस्याओं को समाधान नहीं किया गया तो 50 हजार महिला-पुरूषों के साथ ऊर्जा मंत्री के निवास पर धरना प्रदर्शन किया जायेगा और गली-गली में पुतले जलाये जायेंगे। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी, मलिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, जीतू पटवारी एवं उमंग सिंघार के जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। धरने पर बैठे लोग ऊर्जा मंत्री होश में आओं, बिजली समस्या हल कराओं के नारे लिखी तख्तियां लिये हुये थे।
विधायक डाॅ. सिकरवार ने धरना प्रदर्शन में उमड़े जन सैलाब को संबोधित करते हुये कहा कि गरीबों को बढे हुये बिजली के बिल भेजे जा रहे है और मंत्री जी पार्क में टेंट लगाकर सो रहे हैं। आखिर वे कब तक इस तरह की नौटंकी और ड्रामा करते रहेंगे। टेंट में सारी सुविधायें उपलब्ध है, जिसमें वह सरकारी धन का दुरपयोग कर अधिकारियों-कर्मचारियों को भी परेशान कर रहें है, ये सब हाथों पर हाथ रखे खडे़ रहते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री जी जब विपक्ष में थे तब नसेनी कंधे पर रखकर चलते थे और बिजली के तार जोड़ते थे। मगर आज सत्ता में इतने मद-मस्त हैं कि लोगों के बिजली कनेक्शन कटवा रहे हैं। मंत्री जी का बिजली विभाग के अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि जो सरकार जनता को पानी-बिजली नहीं दे पा रही है, उस सरकार को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। विधायक डाॅ. सिकरवार ने कहा कि बिजली समस्या का समाधान नहीं होने पर उनके निवास पर धरना प्रदर्शन, गलियों में पुतले दहन और बहने चूडियां पहनायेंगीं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री होश में नहीं है। इसलिये वह जनता की चिंता नहीं कर रहे है। विधायक डाॅ. सिकरवार ने मंहगाई, बैरोजगारी एवं भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुये कहा कि तीनों समस्याओं से जनता परेशान है, सरकार मंहगाई पर नियंत्रण कर पाने में पूरी तरह असफल रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, इससे वह परेशान है और हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार चरम पर है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राम पाण्डे, एम.आई.सी सदस्य अवधेश कौरव, ब्लाॅक अध्यक्ष विनोद जैन, देवेन्द्र चौहान, हितेन्द्र यादव, श्रीमती वीना भारद्वाज, पार्षद केदार बरहादिया आदि ने विचार व्यक्त किये। धरना प्रदर्शन का संचालन ब्लाॅक अध्यक्ष अनूप शिवहरे एवं आभार ब्लाॅक अध्यक्ष महादेव अपोरिया ने व्यक्त किया।
धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में म.प्र. चेंबर कॉमर्स उपाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, बृजेश शुक्ला, पूर्व पार्षद रामअवतार जाटव, पार्षद सुरेंद्र साहू, पार्षद अंकित कठठ्ल, पार्षद प्रमोद खरे, सुधीर मंडेलिया, आई.टी. सेल अध्यक्ष आदित्य सेंगर, प्रमोद जैन, राहुल गुर्जर, कल्लू तोमर, राजा भदौरिया, सागर नाती, महेश कुशवाह, जीतू कुशवाह, सत्येंद्र नागर, हिमांशु कीकन, लालू जैन, श्रीमती रेनू चौहान, श्रीमती सीमा समाधिया, श्रीमती सरोज साहू, श्रीमती हेमलता प्रजापति, श्रीमती राजकुमारी साहू, श्रीमती प्रवेश परिहार, छोटू मंडेलिया, धर्मवीर जाटव, डिंपल भदोरिया, राकेश श्रीवास, मनोज पाल, हरेंद्र वर्मा, राकेश कुशवाह, महेंद्र शुक्ला, मयंक झा, शाहरुख खान, अनिल शर्मा ‘बिट्टू’, श्याम सुंदर निम, राजेंद्र परिहार, लोकेंद्र प्रजापति, गोविंद थोराठ, आशु तोमर, संदीप यादव, महेंद्र शर्मा ‘विक्की’, मोनू रजक, राजेंद्र राठी समेत हजारों कार्यकर्ता शामिल रहे।
सी.एम. के नाम सौंपे ज्ञापन के मुख्य बिन्दुः-
1. अघोषित बिजली कटौती को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाये, ताकि आम आदमी को राहत मिल सके।
2. कारोबारियों का बिजली कटौती से काम प्रभावित हो रहा है, इन्हे भी राहत देने के लिये अघोषित बिजली कटौती बंद की जाये।
3. अघोषित बिजली कटौती होने से अस्पतालों में मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित बिजली कटौती बार-बार होने के कारण व्यवस्थायें लगातार बिगड़ रही हैं।
4. एक मकान में अगर तीन भाई अलग-अलग रहते हैं, तो उन्हे बिजली का अलग-अलग कनेक्शन दिया जाये। ऐसा करने से पारिवारिक परेशानियां खत्म होंगीं।
5. 15 सौ फुट के प्लाट पर 75 हजार रूपये, एक हजार फुट के प्लाट पर 55 हजार रूपये एवं 500 फुट के प्लाट पर 35 हजार रूपये कनेक्शन शुल्क वसूला जा रहा है, जो कि न्यायोचित नहीं है।
6. अवैध काॅलोनी में पचास-पचास हजार रूपये लेकर बिजली मीटर का कनेक्शन दिया जा रहा हैै। इस तरह जनता से अवैध वसूली की जा रही है, जो भ्रष्टाचार होने की ओर इशारा कर रहा है।
7. कारोबारियों एवं अस्पतालों में अलग से ट्रांसफारमरों की व्यवस्था की जाये, ताकि बिजली कटौती की परेशनियों से उन्हे बचाया जा सके।
8. बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को मनमाने तरीके से बिजली के बिल दिये जा रहे हैं और उपभोक्ताओं की इस संबंध में कोई सुनवाई नहीं जाती है। उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है साथ ही आकंलित खपत के बिलों से भी जनता परेशान है। इस पर सख्त कार्यवाही की जाए।
9. आम उपभोक्ताओं के घरों में लोड बढाने को लेकर अधिकारियों द्वारा की जा रही, मनमानी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगवाई जाये तथा गरीब जनता को परेशान न किया जाये।
10. मेटिनेंस के नाम पर शहर में प्रतिदिन 5 से 9 घण्टे तक की बिजली कटौती की जाती है, जबकि की मेटिनेंस के नाम पर कुछ होता दिखाई नहीं देता है।