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भारत में बीते 10 वर्षों के सबसे बड़े आतंकी हमले और उनपर हुई कार्यवाही : गहराई से विश्लेषण

ग्वालियर, विनय शर्मा । बीते एक दशक में भारत को कई ऐसे आतंकवादी हमलों का सामना करना पड़ा है, जिन्होंने न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि देश की आंतरिक शांति और नागरिक जीवन पर भी गहरा प्रभाव डाला। वर्ष 2015 से 2025 के बीच हुए इन हमलों ने भारत की रणनीति, सैन्य क्षमता और वैश्विक कूटनीति को कई बार पुनर्परिभाषित किया है।

सभी प्रमुख आतंकी घटनाओं का विस्तृत विवरण:

1. पठानकोट एयरबेस हमला (2–5 जनवरी 2016) पंजाब के पठानकोट स्थित वायुसेना स्टेशन पर पाकिस्तान से आए छह आतंकवादियों ने हमला किया। तीन दिन चले ऑपरेशन में 7 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए जबकि सभी आतंकवादी मार गिराए गए। Jaish-e-Mohammed की संलिप्तता पाई गई।

2. उरी हमला (18 सितंबर 2016) जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के समीप स्थित सेना के कैंप पर तड़के सुबह हमला हुआ। चार आतंकवादियों ने ग्रेनेड से हमला कर 19 सैनिकों को शहीद किया। जवाब में भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की।

3. नागरोटा हमला (29 नवंबर 2016) जम्मू-कश्मीर के नागरोटा सैन्य स्टेशन पर सेना की यूनिफॉर्म में घुसे तीन आतंकियों ने गोलाबारी की। इस हमले में 7 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और सभी आतंकवादी मारे गए।

4. सुकमा हमला (24 अप्रैल 2017) छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा कर रहे CRPF जवानों पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। 26 जवान शहीद हुए। इस हमले की जिम्मेदारी माओवादी संगठन ने ली।

5. अमरनाथ यात्रा हमला (10 जुलाई 2017) जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की एक बस पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। 8 यात्री मारे गए और 18 घायल हुए। हमले के पीछे Lashkar-e-Taiba का हाथ बताया गया। मुख्य आरोपी अबु इस्माइल को सुरक्षा बलों ने ढेर किया।

6. सुकमा IED हमला (13 मार्च 2018) फिर से छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादियों ने CRPF के काफिले को IED से निशाना बनाया। इस हमले में 9 जवान शहीद हो गए। इसके बाद इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

7. पुलवामा आत्मघाती हमला (14 फरवरी 2019) जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आत्मघाती हमलावर आदिल अहमद डार ने RDX से भरी कार CRPF के काफिले से टकरा दी। 40 जवान शहीद हुए। जिम्मेदारी Jaish-e-Mohammed ने ली। जवाब में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की।

8. रीसी बस हमला (9 जून 2024) जम्मू-कश्मीर के रीसी इलाके में एक बस में बैठे हिंदू श्रद्धालुओं पर आतंकियों ने हमला किया, जिससे बस खाई में गिर गई। 9 लोगों की मृत्यु हुई और 41 घायल हुए। हमले की जिम्मेदारी The Resistance Front ने ली। दो संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई।

9. बायसरन (पहलगाम) हमला (22 अप्रैल 2025) जम्मू-कश्मीर के बायसरन वैली में 5 आतंकवादियों ने पर्यटकों पर गोलाबारी कर दी। इसमें 25 पर्यटक और 1 स्थानीय नागरिक मारे गए, लगभग 20 लोग घायल हुए। इस हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के अंतर्गत 7 मई को पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर मिसाइल स्ट्राइक की।

इन हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की सुरक्षा चुनौतियाँ लगातार बदल रही हैं। जहां एक ओर देश ने कूटनीतिक और सैन्य मोर्चे पर कठोर जवाबी कार्रवाई की, वहीं आतंकी संगठनों की नई रणनीतियों ने खुफिया और सुरक्षा तंत्र की परख भी की है। आने वाले समय में इन अनुभवों के आधार पर भारत को अपनी आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है।

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