पहली बारिश में ही धंसी विकास की नींव – 27 करोड़ ज़मीन में समाए
ग्वालियर (विनय शर्मा) : शहर में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कों की असलियत पहली ही बारिश में सामने आ गई। जीवाजी क्लब से चेतकपुरी की ओर जाने वाली सड़क, जो हाल ही में 18 करोड़ की लागत से बनी थी, बारिश होते ही धंस गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
नगर निगम की महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार जब निरीक्षण पर पहुंचीं तो धंसी हुई सड़क देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
रेलवे कॉलोनी से हजीरा तक बनी 9 करोड़ की सड़क भी फेल
शहर की एक अन्य सड़क, जो लक्ष्मणपुरा रेलवे फाटक से हजीरा तक बनाई गई है, उसकी हालत भी दयनीय हो चुकी है। करीब 9 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई इस सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। बारिश के बाद इतना पानी भर गया कि वाहन चलना असंभव हो गया और जेसीबी मशीन से सड़क को खोदना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है। जिस तरह से यह सड़कें पहली ही बारिश में धंसी हैं, उससे स्पष्ट है कि ठेकेदारों ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया है।
हर गली, हर मोहल्ले में पानी और गड्ढे
शहर की कई सड़कों पर पानी भरा हुआ है, जिससे दो पहिया और चार पहिया वाहन आए दिन गड्ढों में फंस रहे हैं। राहगीरों को चलना मुश्किल हो गया है। नागरिकों का कहना है कि शहर की हालत अब गांवों से भी खराब नजर आ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण के समय जल निकासी की योजना नहीं बनाई गई, जिससे करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों का हाल यह हो गया है। अगर जल्द जांच नहीं हुई और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्थिति और भी भयावह हो सकती है।