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स्थाई समिति के सामने पेश हुए RBI गवर्नर, कड़े सवालों पर साधी चुप्पी

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल बुधवार को वित्त मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के सामने पेश हुए। इस दौरान स्थाई समिति ने उनसे कई सवाल किए लेकिन कई अहम सवालों के जवाब आरबीआई गवर्नर ने नहीं दिए। उर्जित पटेल ने स्थाई समिति को बताया कि नोटबंदी के बाद से 9.2 लाख करोड़ रुपये के नए नोट बाजार में आए हैं।

आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद अनुमान था कि 15 लाख 44 हजार के पुराने नोट बैंकों में जमा होंगे। स्थाई समिति ने जब इस मामले में आरबीआई गवर्नर से पूछा कि कितने के पुराने नोट बैंकों में जमा हुए है तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

टीएमसी सांसद और वित्त मामलों की स्थाई समिति के सदस्य सौगत राय ने बताया कि आरबीआई गवर्नर नहीं बता सके कि बैंकों में कितना पैसा वापस आया है। उन्होंने कहा कि वह यह भी नहीं बता सके कि कब तक हालात सामान्य हो जाएंगे। राय ने कहा कि स्थाई समिति के सामने भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी बचाव की मुद्रा में थे।

पटेल ने स्थाई समिति को बताया कि नोटबंदी के बारे में बताया और उससे अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है। इतना ही नहीं सेंट्रल बैंक ने पैसों की कमी के चलते क्या कदम उठाए है इसके बारे में भी स्थाई समिति को जानकारी दी।

आपको बता दें कि उर्जित पटेल संसदीय समिति के समक्ष नोटबंदी से संबंधित मुद्दों और अर्थव्यवस्था पर इसके असर की जानकारी देने थी। उर्जित पटेल के साथ स्टैंडिंग कमेटी की यह बैठक पार्लियामेंट एनेक्सी में थी।

आरबीआई गवर्नर ने नोटबंदी और अर्थवयवस्था पर इसके प्रभाव के बारे में आज संसद की समिति के सामने जानकारी देनी थी। इसके साथ ही पटेल संसदीय समिति को यह भी बताना था कि नकदी संकट से निपटने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली स्थायी संसदीय समिति (वित्त) के सामने वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, एसबीआई, पीएनबी और ओबीसी के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

 

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