अखिलेश के दांव से मà¤à¤§à¤¾à¤° में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸, गठबंधन के लिठकर सकती है सरेंडर!
जिस अखिलेश यादव को कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥€ मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® से अलग मान रहे थे, उनका à¤à¥à¤°à¤® टीपू ने शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को तोड़ दिया. अब लखनऊ के कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥€ ये मान गठकि अखिलेश तो अपना राजनीतिक हित साधने में अपने पिता से चार कदम आगे हैं. जैसे ही अखिलेश यादव ने ताबड़तोड़ 209 लोगो की अपनी लिसà¥à¤Ÿ जारी की कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की धड़कनें बॠगई. लखनऊ के पारà¥à¤Ÿà¥€ दफà¥à¤¤à¤° पर सà¤à¥€ सनà¥à¤¨ हो गà¤. गठबंधन में टिकट फाइनल मानकर चल रहे नेताओं को तो जैसे काटो तो खून नहीं.
मथà¥à¤°à¤¾ में नॉमिनेशन के बाद तो जब ये बात कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ विधायक दल के नेता पà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ª माथà¥à¤° से पूछी गई तो वो ये मानने को तैयार ही नहीं थे कि à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› हà¥à¤† है. वो बार-बार खà¥à¤¦ को कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ और सपा का जॉइंट कैंडिडेट ही बताते रहे और पतà¥à¤°à¤•ारो को कंफà¥à¤¯à¥‚जन होने की बात करते रहे.
पारà¥à¤Ÿà¥€ दफà¥à¤¤à¤° में मौजूद नेता बताते रहे कि पिछले 100 दिन में कोई कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥€ जनता के बीच गया ही नहीं. किसी ने कोई कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® किया ही नहीं और वो अखिलेश से गठबंधन मानकर ही चलता रहा. सबसे खराब हालात उन नेताओं की है जो इस गठबंधन को पकà¥à¤•ा मानकर चल रहे थे और पिछले कà¥à¤› दिनों से अखिलेश की मजबूरी का फायदा उठाकर बैतरणी पार करने का खà¥à¤µà¤¾à¤¬ पाले बैठे थे. पारà¥à¤Ÿà¥€ के à¤à¤• वरिषà¥à¤ नेता नाम न छापने की शरà¥à¤¤ पर बतातें हैं कि कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की हालात अखिलेश के इस धोबियापाट से à¤à¤¸à¥€ खराब हà¥à¤ˆ है कि पारà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¤¸à¥€ रसातल में जा पंहà¥à¤šà¥€ है जहां से उठना à¤à¥€ फिलहाल मà¥à¤®à¤•िन नहीं है. यही वजह है कि जो कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पिता-पà¥à¤¤à¥à¤° के इस à¤à¤—ड़े में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदा उठाने की फिराक में थी. वो समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ के लिठअब 80 सीटों के आस-पास मान सकती है.
अब समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ करेगी कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸!
शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को राजबबà¥à¤¬à¤° पहले दफà¥à¤¤à¤° आà¤, जहां इस उमà¥à¤®à¥€à¤¦ में रà¥à¤•े कि कोई बात हो जाà¤à¤—ी. à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ से कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने वापस लौटाया, तब à¤à¥€ इस उमà¥à¤®à¥€à¤¦ में अपने घर करीब ढेड़ घंटे रà¥à¤•े कि शायद कोई बात बनेगी, लेकिन जब अखिलेश यादव ने कोई घास नहीं डाला तो बैरंग वापस हो गà¤. लखनऊ के कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अब आखिरी उमà¥à¤®à¥€à¤¦ बाकी है और उमà¥à¤®à¥€à¤¦ कर रहे हैं कि शायद 80 के आसपास कोई आखिरी समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ हो जाà¤. वहीं समाजवादी पारà¥à¤Ÿà¥€ नेता किरणमय नंदा ने कहा है कि सपा कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को 84-89 सीटें दे सकती है.