दूषित पानी से अब तक 15 मौतें; सरकार ने हाईकोर्ट में बताईं चार; महापौर बोले- 10 की जानकारी मिली
भागीथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई से अब तक 15 मौतें की बात सामने आई है। लेकिन सरकार ने जो स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की है, उसमें दूषित पानी से चार मौतें होना बताया गया है। जबकि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 10 लोगों की मौत हो जाने की जानकारी मिलने की बात कही है। दरअसल, हाईकोर्ट में दूषित पेयजल मामले में दो याचिकाएं लगी हैं। भागीरथपुरा में हुई मौतों में एक महिला का पोस्मार्टम किया गया, बाकी सभी को स्वास्थ्य विभाग प्रारंभिक तौर पर सामान्य मौतें बताता रहा है। बाद में चार मौतों की वजह डायरिया बताई गई है।
शुक्रवार को दूषित पानी के मामले में एमपी हाई्कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में निगमायुक्त और अपर आयुक्त को शोकाज नोटिस जारी किया है। उन्हें इस घटना के तथ्य पेश करने को कहा गया है। जबलपुर में हाईकोर्ट जस्टिस डी डी बंसल तथा जस्टिस राजेन्द्र कुमार वाणी की अवकाशकालीन युगलपीठ के समक्ष सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि दूषित पानी के कारण इंदौर में चार व्यक्तियों की मौत हुई है। अभी तक कुल 294 व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है, जिसमें से 32 व्यक्तियों आईसीयू में भर्ती है और 93 व्यक्तियों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। वर्तमान में 201 व्यक्ति उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। अवकाशकालीन विशेष बेंच ने स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है।
इंदौर निवासी रितेश ईनानी तथा महेश गर्ग भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण नागरिकों की मौत तथा उनके बीमार होने के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई थी। इसके अलावा अन्य व्यक्तियों ने भी इंटर विनर बनने के लिए आवेदन पेश किया था। एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने याचिकाओं की सुनवाई करते हुए सरकार को शुद्ध पेयजल आपूर्ति, मृतक व प्रभावित व्यक्तियों की संख्या तथा उनके उपचार तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सहित अन्य बिंदुओं के समक्ष में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किए थे।शुक्रवार को हाईकोर्ट की मुख्यपीठ में जस्टिस डी डी बंसल तथा जस्टिस राजेन्द्र कुमार वाणी की विशेष अवकाशकालीन पीठ ने याचिकाओं की सुनवाई की। सरकार की तरफ से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में उक्त जानकारी पेश की गई। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि भागीरथपुरा पुलिस स्टेशन के समीप स्थित संभावित संदूषण बिन्दु की पहचान कर ली गई है। जिस संरचना के कारण पानी संदूषित हो रहा था उसे हटा दिया गया है। जोनल अधिकारी तथा सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है और उप अभियंता को सेवामुक्त कर दिया गया है।प्रभावित क्षेत्र में टैंकर के माध्यम से स्वच्छ जल की आपूर्ति की जा रही है। पानी उबालकर व छानकर पीने के संबंध में लगातार घोषणा करवाई जा रही है। पानी की गुणवत्ता जानने के लिए 29 दिसंबर को 20 तथा 30 दिसंबर को 30 नमूने लिए गए हैं। सभी मैनहोल तथा सीवर लाइन की पूरी तरह सफाई की जा रही है। सीएमएचओ तथा नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम मिलकर कार्य कर रही हैं। उपचार के लिए भर्ती व्यक्तियों पर निगरानी रखी जा रही है, जिसके लिए डॉक्टरों की टीम नियुक्त की गई है। अवकाशकालीन विशेष बेंच ने पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेने के निर्देश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता कुलदीप पाठक तथा अधिवक्ता मनीष यादव उपस्थित हुए। इधर, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को बताया कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण फैले डायरिया के प्रकोप से 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है। हालांकि, स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस स्वास्थ्य संकट के कारण छह महीने के शिशु सहित 14 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। भार्गव ने मीडिया को बताया कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भागीरथपुरा में डायरिया के प्रकोप से चार लोगों की मौत हुई है। हालांकि, मुझे इस प्रकोप से 10 लोगों की मौत की सूचना मिली है।भागीरथपुरा मामले में सरकारी रिपोर्ट भी खूब इंतजार करवा रही है। मौतों का सिलसिला 28 दिसंबर से शुरू हो चुका था, लेकिन पहली रिपोर्ट दो जनवरी को आई जिसमें पेयजल दूषित बताया गया। जिन 15 मौतों की बात की जा रही है उनमें इनमें 9 महिलाएं, छह पुरुष और एक नवजात शामिल है। मौतों की वजह का खुलासा रिपोर्ट में शामिल नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया की वजह से चार मौतें रिकार्ड की है। इंदौर में जब मुख्यमंत्री आए थे तो उन्हें भी अफसरों ने चार मौतें ही बताई, जबकि बस्ती में लगातार लोगों की मौत हो रही है।इंदौर जिले के कलेक्टर शिवम वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि जल प्रदूषण की घटना में अब तक आधिकारिक तौर पर पांच मौतों की पुष्टि हुई है, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 210 हो गई है।