नरेंदà¥à¤° मोदी को नापसंद करने वाले à¤à¥‚तपूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ को पदà¥à¤® विà¤à¥‚षण समà¥à¤®à¤¾à¤¨
गणतंतà¥à¤° दिवस के अवसर पर दिठजाने वाले पदà¥à¤® समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ की घोषणा कर दी गई है. मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के पूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ सà¥à¤‚दरलाल पटवा को को यह समà¥à¤®à¤¾à¤¨ मरणोपरांत दिया जा रहा है.
à¤à¤¾à¤°à¤¤ रतà¥à¤¨ के बाद दूसरा सबसे बड़ा समà¥à¤®à¤¾à¤¨ माने जाने वाले पदà¥à¤®à¤µà¤¿à¤à¥‚षण समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के अलग-अलग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ से लोगों को चà¥à¤¨à¤¾ गया है जिनमें सà¥à¤‚दरलाल पटवा à¤à¥€ शामिल हैं. सà¥à¤‚दरलाल पटवा का पिछले महीने 28 दिसंबर को निधन हो गया था. वह 92 वरà¥à¤· के थे.
नरेंदà¥à¤° मोदी को नहीं करते थे पसंद
दो बार पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की बागड़ोर संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ वाले पटवा को पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की राजनीति में नरेंदà¥à¤° मोदी का दखल पसंद नहीं था. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤• दौर में मोदी का अघोषित बायकॉट कर रखा था.
दरअसल, 1992 में बाबरी मसà¥à¤œà¤¿à¤¦ विधà¥à¤µà¤‚स के बाद सà¥à¤‚दरलाल पटवा सरकार को बरà¥à¤–ासà¥à¤¤ कर दिया गया. पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शासन लागू किया गया, जिसके बाद हà¥à¤ विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ सिंह के नेतृतà¥à¤µ में सरकार बनाई थी.
दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ सिंह सरकार के कारà¥à¤¯à¤•ाल में 1996 और 1998 में हà¥à¤ दो लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ को शानदार सफलता मिली थी. à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के नेता इस जीत से बेहद उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ थी और उसे उमà¥à¤®à¥€à¤¦ थी कि 1998 के विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में पारà¥à¤Ÿà¥€ की सरकार बनना तय है.
उस दौर में पारà¥à¤Ÿà¥€ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· कà¥à¤¶à¤¾à¤à¤¾à¤Š ठाकरे थे. पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में संगठन मंतà¥à¤°à¥€ का जिमà¥à¤®à¤¾ उनके बेहद करीबी कृषà¥à¤£à¤®à¥à¤°à¤¾à¤°à¥€ मोघे के पास था. पारà¥à¤Ÿà¥€ हाईकमान ने à¤à¤¸à¥‡ वकà¥à¤¤ में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ महामंतà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी को पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ बनाकर मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ सौंपी थी.
'बाहर का आदमी à¤à¤®à¤ªà¥€ में आकर कà¥à¤¯à¤¾ कर सकता था'
नरेंदà¥à¤° मोदी को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ बनाने के पीछे à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ का यह तरà¥à¤• था कि वह जहां à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ रहे हैं, पारà¥à¤Ÿà¥€ को चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में जीत मिली है. गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ और हिमाचल पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ के रूप में पारà¥à¤Ÿà¥€ को चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में जीत दिलाकर मोदी का मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में आमद देना सà¥à¤‚दरलाल पटवा और कृषà¥à¤£à¤®à¥à¤°à¤¾à¤°à¥€ मोघे को रास नहीं आया था.
किताब राजनीतिकनामा मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ ही पà¥à¤°à¤¸à¤‚ग का उलà¥à¤²à¥‡à¤– कर लिया गया है, 'बाहर का आदमी मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में आकर कà¥à¤¯à¤¾ कर सकता था.'
मोदी की ठाकरे से शिकायत की गई थी कि मधà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की सरकार तो बन रही है, फिर मोदी के सिर जीत का सेहरा कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बांधना.
किताब में लिखा गया है कि मोदी उस वकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में अघोषित बायकॉट का शिकार थे और अपने आप को अछूत जैसा महसूस करते थे.'
बताते हैं कि उस दौर में मोदी अकà¥à¤¸à¤° अपने वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के कारण मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के नेताओं की आंख की किरकिरी रहते थे. वे बैठकों में अपना à¤à¤¾à¤·à¤£ देकर उठजाते थे तथा दूसरों की नहीं सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ थे, इसका बड़ा विरोध होता था.'