राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ ने फिर किया नोटबंदी का समरà¥à¤¥à¤¨, लोकसà¤à¤¾ और विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ साथ कराने की à¤à¥€ पैरवी की
68वें गणतंतà¥à¤° दिवस की पूरà¥à¤µ संधà¥à¤¯à¤¾ पर राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के नाम संबोधन में आज राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ ने लोकसà¤à¤¾ और विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ साथ कराने की पà¥à¤°à¤œà¥‹à¤° वकालत करने के साथ ही नोटबंदी का समरà¥à¤¥à¤¨ किया. इसके अलावा उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ लोकतंतà¥à¤° के लिठविचारों की à¤à¤•ता से अधिक, सहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾, धैरà¥à¤¯ और दूसरों का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ जैसे मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, और ये मूलà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ के हृदय और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में रहने चाहिà¤, ताकि उनमें समà¤à¤¦à¤¾à¤°à¥€ और दायितà¥à¤µ की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¤°à¤¤à¥€ रहे. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि लोकतंतà¥à¤° के फलने-फूलने के लिà¤, à¤à¤• बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿à¤®à¤¾à¤¨ और विवेकपूरà¥à¤£ मानसिकता की जरूरत है.
68वें गणतंतà¥à¤° दिवस की पूरà¥à¤µ संधà¥à¤¯à¤¾ पर राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के नाम संबोधन में मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ ने कहा कि मà¥à¤à¥‡ पूरा विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ का बहà¥à¤²à¤µà¤¾à¤¦ और उसकी सामाजिक, सांसà¥à¤•ृतिक, à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤¯à¥€ और धारà¥à¤®à¤¿à¤• अनेकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है. हमारी परंपरा ने सदैव 'असहिषà¥à¤£à¥' à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ की नहीं, बलà¥à¤•ि 'तरà¥à¤•वादी' à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ की सराहना की है. सदियों से हमारे देश में विविध दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोणों, विचारों और दरà¥à¤¶à¤¨ ने शांतिपूरà¥à¤µà¤• à¤à¤•-दूसरे के साथ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤§à¤¾ की है.
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हमारा लोकतंतà¥à¤° कोलाहलपूरà¥à¤£ है. फिर à¤à¥€ जो लोकतंतà¥à¤° हम चाहते हैं, वह अधिक हो. हमारे लोकतंतà¥à¤° की मजबूती इस सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ से देखी जा सकती है कि 2014 के आम चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में कà¥à¤² 83 करोड़ 40 लाख मतदाताओं में से 66 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से अधिक ने मतदान किया. हमारे लोकतंतà¥à¤° का विशाल आकार हमारे पंचायती राज संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में आयोजित किठजा रहे नियमित चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤•ता है. फिर à¤à¥€ हमारे कानून निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं को वà¥à¤¯à¤µà¤§à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के कारण सतà¥à¤° का नà¥à¤•सान होता है, जबकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर बहस करनी चाहिठऔर विधान बनाने चाहिà¤. बहस, परिचरà¥à¤šà¤¾ और निरà¥à¤£à¤¯ पर पà¥à¤¨: धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने के सामूहिक पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठजाने चाहिà¤.
मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ ने कहा कि हमारा गणतंतà¥à¤° अपने 68वें वरà¥à¤· में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर रहा है, हमें यह सà¥à¤µà¥€à¤•ार करना होगा कि हमारी पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ नहीं हैं. तà¥à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पहचान की जानी चाहिठऔर उनमें सà¥à¤§à¤¾à¤° लाना चाहिà¤. सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ आतà¥à¤®à¤¸à¤‚तोष पर सवाल उठाने होंगे. विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ की नींव मजबूत करनी होगी. चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ पर रचनातà¥à¤®à¤• परिचरà¥à¤šà¤¾ करने और सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ के बाद के उन शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दशकों की परंपरा की ओर लौटने का समय आ गया है, जब लोकसà¤à¤¾ और राजà¥à¤¯ विधानसà¤à¤¾à¤“ं के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ à¤à¤• साथ आयोजित होते थे. राजनीतिक दलों के विचार-विमरà¥à¤¶ से इस कारà¥à¤¯ को आगे बढ़ाना चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयोग का दायितà¥à¤µ है.