#Budget2017: बस ये न हों अरà¥à¤£ जेटली के इस बजट में!
नोटबंदी की तपसà¥à¤¯à¤¾ का फल, आयकर में रियायत, नई नई सबà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥€, गà¥à¤°à¥‹à¤¥ को खà¥à¤°à¤¾à¤•, नठनौकरियां और à¤à¥€ न जाने कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾? बजट से उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ की फेहरिसà¥à¤¤ कà¥à¤› जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ही लंबी नहीं हो गई है? धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखिये कि अगर उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‡à¤‚ हैं तो आशंकायें à¤à¥€ पास ही छिपी होंगी. इसलिठउमà¥à¤®à¥€à¤¦à¥‹à¤‚ की उड़ान के साथ यह दà¥à¤† à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है कि वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¤²à¥‡ ही कà¥à¤› न दें लेकिन à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› न कर बैठें जिससे टैकà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का बोठऔर बढ़ जाà¤.
दà¥à¤† करें कि बजट में कà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ नहीं होना चाहिà¤.
खरà¥à¤š पर टैकà¥à¤¸ – कà¥à¤› तो बखà¥à¤¶ दीजिये हà¥à¤œà¥‚र!
आइडिया हैं किसी को à¤à¥€ आ सकते हैं. लेकिन यह सिरà¥à¤« आइडिया नहीं है. नोटबंदी के बाद से वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ के गलियारों में à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‡à¤‚डीचर टैकà¥à¤¸ पर चरà¥à¤šà¤¾ की आहटें सà¥à¤¨à¥€ गई हैं. सà¥à¤à¤¾à¤µ हैं कि आयकर में रियायत के बदलने 20,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से ऊपर के खरà¥à¤š (मेडिकल खरà¥à¤š को छोड़कर) पर à¤à¤• फीसदी टैकà¥à¤¸ लगा दिया जाà¤!
चौंकिये नहीं खरà¥à¤š पर टैकà¥à¤¸ नया नहीं है. à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‡à¤‚डीचर टैकà¥à¤¸ 1987 के तहत महंगे होटलों और रेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚रेंट में बिलों पर यह टैकà¥à¤¸ लगाने की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आज à¤à¥€ है. अगर अरà¥à¤£ जेटली यह टैकà¥à¤¸ लगाते हैं तो वह à¤à¤¸à¤¾ करने वाले पहले वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ हरगिज नहीं होंगे. 1957 में वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ तिरà¥à¤µà¤²à¥‚र थतà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤ˆ (टी टी) कृषà¥à¤£à¥‹à¤®à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥€ पहली बार यह टैकà¥à¤¸ लेकर आठथे. 1962 ततà¥à¤•ालीन वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ मोरारजी देसाई ने इसे हटा दिया लेकिन 1964 में यह फिर लौट आया. 1966 में इसकी फिर विदाई हà¥à¤ˆ. चौधरी चरण सिंह ने 1979 इसे लाने की कोशिश की थी. वह इसे इनकम टैकà¥à¤¸ का विकलà¥à¤ª बनाना चाहते थे अलबतà¥à¤¤à¤¾ सहमति नहीं. हालांकि इस टैकà¥à¤¸ से कà¤à¥€ बहà¥à¤¤ राजसà¥à¤µ नहीं मिला.
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इन टैकà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को नहीं लगना चाहिà¤?
किसी à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ देश में जहां कमाई पर इनकम टैकà¥à¤¸ और उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ व उपà¤à¥‹à¤— पर à¤à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ व कसà¥à¤Ÿà¤® डयूटी लगती है वहां खरà¥à¤š पर टैकà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का मतलब है कि मांग और उपà¤à¥‹à¤— पर पाबंदी, खरà¥à¤š पर टैकà¥à¤¸ दकियानूसी है. उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ खà¥à¤¦ को दकियानूसी कहलाना पसंद नहीं करेंगे.
बैंकों से नकद निकासी पर टैकà¥à¤¸ – कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ फेल हà¥à¤† था चिदंबरम से पूछिये!
यह पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ डिजिटल लेन देने बढ़ाने पर मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की समिति की सिफारिशों का हिसà¥à¤¸à¤¾ बन कर औपचारिक तौर पर सरकार की मेज पर पहà¥à¤‚च चà¥à¤•ा है. इस समिति के मà¥à¤–िया आंधà¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ चंदà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤¬à¥‚ नायडू हैं.
अलबतà¥à¤¤à¤¾ इस टैकà¥à¤¸ पर विचार करने से पहले वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ अरà¥à¤£ जेटली पिछले वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ पी चिदंबरम से विमरà¥à¤¶ जरà¥à¤° करना चाहिà¤. वह à¤à¥€ बडे उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ के साथ 2005 के बैकिंग कैश टà¥à¤°à¤¾à¤‚जेकà¥à¤¶à¤¨à¤¨ टैकà¥à¤¸ (बीसीटीटी) लेकर आठथे जो पहले 25,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तक की नकद निकासी पर लगा और बाद में सीमा बढाकर 50000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ की गई.
चिदंबरम ने काले धन की पूंछ पकड़ने में इस टैकà¥à¤¸ को बहà¥à¤¤ कामयाब कहा था लेकिन राजसà¥à¤µ संगà¥à¤°à¤¹ में बà¥à¤°à¥€ तरह असफल होने के बाद 2009 में इसे वापस ले लिया गया.
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥‡à¤‚डीचर टैकà¥à¤¸à¥‡ वाला तरà¥à¤• यहां à¤à¥€ लागू होता है जब कमाई और खपत पर टैकà¥à¤¸ लगता है तो अपनी साफ सà¥à¤¥à¤°à¥€ कमाई को बैंकों से निकालने पर टैकà¥à¤¸ अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ है. उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि जेटली यह टैकà¥à¤¸ लगाकर राजनीतिक नà¥à¤•सान नहीं बढायेंगे.
सिकà¥à¤¯à¥‹à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤‚जेकà¥à¤¶à¤‚न टैकà¥à¤¸ – बढ़ाइये नहीं हटा दीजिये
शेयरों की खà¥à¤¦à¤°à¤¾ खरीद बिकà¥à¤°à¥€ पर 2004 से à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥€ लगता है. इनकम टैकà¥à¤¸ आंकडों की खà¥à¤¦à¤¾à¤ˆ से पता चलता है कि इसे हर साल सरकार को औसतन 6000 करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ राजसà¥à¤µ मिलता है. वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ के गलियारों में चरà¥à¤šà¤¾ है कि à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥€ की दर बढ़ाई जा सकती है.
हालांकि आंकडे बताते हैं कि इनकम से कमाई में बढोतà¥à¤¤à¤œà¤°à¥€ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥€ से आय घट रही है. बेहतर होगा कि वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ इसे शॉरà¥à¤Ÿ टरà¥à¤® कैपिटल गेंस टैकà¥à¤¸ का हिसà¥à¤¸à¤¾ बना दें जो à¤à¤• साल से कम अवधि के शेयर निवेश पर 15 फीसदी की दर से लगता है. इससे छोटे निवेशकों को निवेश में पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ मिलेगा.
सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ टैकà¥à¤¸ में बढोतà¥à¤¤à¤•री – इतनी निरà¥à¤®à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ ठीक नहीं !
सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ टैकà¥à¤¸ बढने की चरà¥à¤šà¤¾ है. लाजिमी है अगर जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ से जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ आना है तो सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ टैकà¥à¤¸ की दर में à¤à¤• या दो फीसदी का (15.5 से 17 फीसदी ) इजाफा हो सकता है. रियायतों का बिल सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ में यह मदद à¤à¥€ करेगा. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ आने तक छह माह में इसकी ठीक ठाक वसूली हो जाà¤à¤—ी.
लेकिन वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ इस बजट में सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ टैकà¥à¤¸ नही बढ़ाना चाहिà¤. इसे जीà¤à¤¸à¤Ÿà¥€ के साथ आना चाहिठजब निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ और वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को इसका कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤¿à¤Ÿ (चà¥à¤•ाये गठटैकà¥à¤¸ की वापसी) की सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ मिलेगी.
इस बजट मे सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ टैकà¥à¤¸à¥‹à¤‚ की दर में बढोतà¥à¤¤à¤•री महंगाई बढ़ाकर मांग और तोड़ेगी जो नोटबंदी के कारण बà¥à¤°à¥€ हालत में है. फिर à¤à¥€ अगर वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ दर बढ़ाना ही चाहते हैं तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कम से छोटे कारोबारियों के लिठछूट की सीमा (दस लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तक का सालाना कारोबार) को बढ़ाना चाहिठताकि नोटबंदी की मार पर मलहम लग सके.
वह टैकà¥à¤¸ जो लगना चाहिà¤
विरासत पर टैकà¥à¤¸à¥‹ को फिर आजमाइये
अगर वितà¥à¤¤ मंतà¥à¤°à¥€ हकीकत में कर लगाना ही चाहते हैं तो फिर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपना हाथ विरासत टैकà¥à¤¸à¥‡ (इनहेरिटेंस टैकà¥à¤¸ ) पर आजमाना चाहिà¤. 1953 में à¤à¤¾à¤°à¤¤ में यह टैकà¥à¤¸ शà¥à¤°à¥ हà¥à¤† था जिसे 1985 में वापस ले लिया गया.
ऑकà¥à¤¸à¤«à¥ˆà¤® की ताजा रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤ में à¤à¤• फीसदी लोगों के पास 58 फीसदी संपतà¥à¤¤à¤¿ है. देश में 57 अरबपति हैं जिनकी कà¥à¤² संपतà¥à¤¤à¤¿ की देश की 70 फीसदी आबादी की संपतà¥à¤¤à¤¿ के बराबर है.
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ बताते हैं कि अगले बीस साल में यह सà¤à¥€ सà¥à¤ªà¤° रिच अपनी संपतà¥à¤¤à¤¿ अपने वारिसों को देंगे. इस विरासत के टà¥à¤°à¤¾à¤‚सफर पर टैकà¥à¤¸ à¤à¤• तरà¥à¤•संगत रासà¥à¤¤à¤¾ हो सकता है.