किसानों का करà¥à¤œ होगा माफ, 14 दिन में गनà¥à¤¨à¥‡ का बकाया à¤à¥à¤—तान: मोदी
पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी ने रविवार को नà¥à¤®à¤¾à¤‡à¤¶ मैदान में à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया कि यूपी में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की सरकार बनने के 14 दिन के à¤à¥€à¤¤à¤° गनà¥à¤¨à¤¾ किसानों का बकाया à¤à¥à¤—तान किया जाà¤à¤—ा, साथ ही किसानों के करà¥à¤œ माफ किठजाà¤à¤‚गे। सपा-à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ गठबंधन पर कटाकà¥à¤· करते हà¥à¤ कहा कि à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की आंधी चल रही है और इस आंधी में सब उड़ जाà¤à¤‚गे। बसपा का नाम लिठबगैर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि दलितों की राजनीति के नाम पर कà¥à¤› लोगों ने बाबा साहब के नाम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया है। बाबा साहब को असली समà¥à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ ने दिया। पीà¤à¤® ने विकास की नई परिà¤à¤¾à¤·à¤¾ देते हà¥à¤ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ सरकार बनने पर यूपी को à¤à¤¯à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ और विकासपरक वातावरण देने का वादा किया।
रविवार को पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° मोदी अलीगढ़ में थे। निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ समय से 29 मिनट की देरी से वह 1.59 बजे पहà¥à¤‚चे। नà¥à¤®à¤¾à¤‡à¤¶ मैदान में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के समरà¥à¤¥à¤¨ में हà¥à¤ˆ जनसà¤à¤¾ को पीà¤à¤® ने à¤à¤• घंटा सात मिनट संबोधित किया। मंच पर पहà¥à¤‚चते ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने चिरपरिचत अंदाज में हाथ हिलाते हà¥à¤ अà¤à¤¿à¤µà¤¾à¤¦à¤¨ किया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ माता की जय के नारे के साथ à¤à¤¾à¤·à¤£ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करते हà¥à¤ पीà¤à¤® मोदी ने à¤à¥€à¤¡à¤¼ से खà¥à¤¦ को सीधे जोड़ते हà¥à¤ कहा कि 2014 के लोकसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में जब यहां आया था तो यह मैदान आधा à¤à¥€ नहीं à¤à¤°à¤¾ था, लेकिन आज केसरिया सागर उफान पर है। परोकà¥à¤· रूप से सपा-कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के गठबंधन पर कटाकà¥à¤· किया कि यह à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ की आंधी है। कà¥à¤› लोग चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ मौसम में गले मिल रहे हैं, लेकिन वह चाहे कितने à¤à¥€ गले मिले इस आंधी में उड़ जाà¤à¤‚गे। आगे कहा कि केनà¥à¤¦à¥à¤° की लड़ाई नौजवानों, गरीबों, छोटे वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¤µà¤¾à¤¸à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की लड़ाई है। मैं सà¥à¤•à¥à¤°à¥‚ टाइट कर रहा हूं तो कà¥à¤› राजनीतिक दलों को परेशानी हो रही है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अब 70 साल के पापों का हिसाब देने पड़ेगा। नोटबंदी का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ बोले कि कालेधन वाले सोच रहे थे कि मोदी ने तैयारी नहीं की होगी। यह à¤à¥‚ल गठकि बैंक पहले से पता करने को तैयार थे कि जमा हो रहे धन की पूंछ कहां तक पहà¥à¤‚चती है?