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गोवा और मणिपुर में भाजपा-कांग्रेस के बीच सत्ता काबिज करने की लड़ाई

शनिवार को आए 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद भाजपा ने एक ओर उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में एकतरफा जीत हासिल की। वहीं अन्य दो राज्य गोवा और मणिपुर में सीटों के मामले में कांग्रेस से पिछड़ गई। हालांकि दोनों ही राज्यों में किसी भी पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हुआ। गोवा में यदि मनोहर पर्रिकर सीएम बनते है तो महाराष्ट्र गोमंतक पार्टी समर्थन देने के लिए तैयार है। वहीं गोवा कांग्रेस के प्रभारी एवं पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह ने सूबे में सरकार बनाने का दावा ठोंका है। दूसरी ओर भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सरकार बनाने की कवायद के लिए गोवा पहुंच चुके हैं।

गोवा में भाजपा 13, कांग्रेस 17 व अन्य 10 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि मणिपुर में कांग्रेस 28, बीजेपी 21 व अन्य को 11 सीटें मिलीं। दोनों ही जगहों पर भाजपा अपनी सरकार बनाने के लिए एड़ी चोटी पर जोर लगाने को तैयार है। कांग्रेस भी यहां अन्य दलों को मनाकर अपनी सरकार बनाने के प्रयास में है।

दोनों ही राज्यों में त्रिशंकु विधानसभा के संकेत है। गोवा विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) और गोवा फॉरवर्ड को तीन-तीन सीटें और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को एक सीट हासिल हुई है। तीन सीटें निर्दलीयों ने जीत ली है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का कहना है कि भले भाजपा को बहुमत ना मिला हो लेकिन पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में है। ऐसे में गोवा में भाजपा की उपस्थिति को नकारा नहीं जा सकता। भाजपा अभी भी सरकार बनाने की दौड़ में शामिल है। पर्रिकर ने कहा कि पार्टी छोटी पार्टियों से जवाब का इंतजार कर रही है क्योंकि किसी पार्टी को उपयुक्त जनादेश नहीं मिला है।

मणिपुर में भी दोनों पार्टियां ठोकेंगी सत्ता के लिए ताल

वहीं मणिपुर में सत्तारुढ़ कांग्रेस केवल 28 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई। राज्य मणिपुर में बहुमत हासिल करने के लिए 31 सीटों की जरूरत है, जो किसी को नहीं मिला है। बीजेपी 21 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही है। पूर्वोत्तर राज्यों में इसे बीजेपी की बड़ी जीत माना जा रहा है। सत्ता काबिज करने के लिए अब दोनों ही पार्टी की निगाहें चार-चार सीटों पर जीत हासिल करने वाले नगा पीपुल्स फ्रंट और नेशनल पीपुल्स पार्टी पर हैं। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस और लोक जनशक्ति पार्टी के हिस्से एक-एक सीटें आई हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष टीएन हाओकिप ने लगातार चौथी बार सरकार बनाने का दावा किया है और कहा है कि उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए 'समान सोच वाली धर्मनिरपेक्ष स्थानीय पार्टियों' से बातचीत शुरू कर दी है। वहीं भाजपा के प्रवक्ता नोंगथोम्बम बिरेन ने भी दावा किया है कांग्रेस की संख्या अधिक होने के बावजूद उनकी पार्टी अगले मंत्रिमंडल का गठन करेगी।

मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी ने कहा कि लोगों ने बीते 15 वर्षो के विकास कार्यो की प्रशंसा की है। लोग शांति, स्थिरता, विकास और क्षेत्रीय एकता की सुरक्षा चाहते हैं।' वहीं भाजपा के निमाईचंद लुवांग ने कांग्रेस पर धनबल और अपराध को हथियार बनाने का आरोप लगाया।

चुनावों से ठीक पहले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) छोड़कर भाजपा से जुड़े टी राधेश्याम और पार्टी प्रवक्ता एन बिरेन ने मामूली अंतर से जीत हासिल करने में सफल रहे है। राधेश्याम ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मोइरांगथेम ओकेंद्रो को मात्र 1647 मतों से और बिरेन ने कांग्रेस के ही पांगेइजाम शरतचंद्र सिंह को 1206 मतों के अंतर से हराया।

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