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स्व. मधु भैया का जीवन हम सबको मार्गदर्शन देता है : नरेंद्र सिंह तोमर

ग्वालियर। स्व. मधु भैया एक आदर्श व्यक्ति, आदर्श शिक्षक, आदर्श वकील, आदर्श कार्यकर्ता और आदर्श नेता थे। उनका जीवन हम सबको हमेशा मार्गदर्शन देता है। वह सदैव कार्यकर्ताओं की चिंता करते थे। उन्होंने अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से समाज, पूव में जनसंघ और भाजपा दिशा देने का कार्य किया। आज हम सब स्व. मधु भैया की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में उपस्थित होकर स्वास्थ्य एवं रक्त परीक्षण व रक्तदान शिविर के साथ साथ मधु भैया की स्मृतियों को ताजा कर रहे हैं। उक्त उद्गार केंद्रीय ग्रामीण एवं विकास स्वच्छता व पेयजल मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज स्व. माधवशंकर इंदापुरकर की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर सेवाभारती एवं राष्ट्रोत्थान न्यास के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रोत्थान न्यास माधव महाविद्यालय के सामने आयोजित विशाल स्वास्थ्य एवं रक्त परीक्षण व रक्तदान शिविर में उपस्थित लोगों मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन डॉ कुमार संजीव ने एवं आभार रामनिवास गुप्ता जी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्जवलन कर एवं स्व. माधव शंकर इंदापुरकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इस अवसर पर मंच पर रूस्तम सिंह, विवेक नारायण शेजवलकर, राजेंद्र बांदिल, डॉ श्रीप्रकाश लोहिया उपस्थित थे।
केन्द्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि स्व. मधु भैया से मेरा अल्प आयु से ही नजदीक का संबंध था। मुझे उनका सानिध्य निकट से प्राप्त हुआ और आज राजनीति के इस पायदान तक पहुंचने में उनके दिखाए मार्ग का बहुत बडा योगदान है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है लेकिन जनता के बीच विश्वास जीतने की नींव मधु भैया जैसे अनेकों लोगों के त्याग, तपस्या और बलिदान के बल पर पडी जो उन्होंने बिना किसी नाम व स्वार्थ के किया। स्व. मधु भैया कार्यकर्ताओं की उस पीढी का नेतृत्व करते थे जहां कार्यकर्ता जनता के बीच पार्टी का नाम पहुंचाने के लिए कार्य करते थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मप्र शासन के स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह ने कहा कि स्व. माधव शंकर इंदापुरकर जी चलते फिरते विश्व विद्यालय थे उन्होंने सूर्य बनकर सबको रोशनी दी। उनके पास ज्ञान का भंडार था उनका व्यक्तित्व बेहद आकर्षक था सुगमता, सहजता, सरलता उनके मुख्य गुण थे जिनके चलते उनके संपर्क में आने वाला व्यक्ति का मन अपने आप उनके सामने झुकने का करता था। उन्होंने कहा कि स्व. इंदापुरकर राजनीति में शुचिता और सुचिता के प्रतीक थे। 
स्व. माधवशंकर इंदापुरकर की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर आज आयोजित स्वास्थ्य व रक्त परीक्षण एवं रक्तदान शिविर में शहर के ख्यातिलब्ध डॉ. शरद इंदापुरकर, डॉ. खोजेमा शैफी, डॉ. आरके एस धाकड, डॉ राष्ट्रअमन शास्त्री, डॉ अमित अग्रवाल, डॉ सुभाष चंद्रा एवं डॉ कुमार संजीव के मार्गदर्शन में लगभग 527 मरीजों की ईसीजी, डायबिटीज, रक्तचाप, रक्तसमूह एवं रक्त से संबंधित सभी आवश्यक जांच करने के पश्चात् उन्हें निशुल्क सलाह एवं निशुल्क दवाईयां दी गईं तथा रेडक्रॉस की टीम के सहयोग से 48 यूनिट ब्लड रक्तदान के द्वारा एकत्रित किया गया।

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