मोदी ने नौकरशाहों को सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ गडà¥à¤¢à¤¾ खोदने और à¤à¤°à¤¨à¥‡ की कहानी, हंस पड़े अफसर
सिविल सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¥‡à¤œ डे के मौके पर दिलà¥à¤²à¥€ के विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤¨ में हर साल पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ देश के नौकरशाहों से मà¥à¤–ातिब होते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने अपने ढंग से नसीहत देते रहे हैं. लेकिन मंच पर जब नरेंदà¥à¤° मोदी हों, यह बात तो तय है कि उनका अंदाज ठबयां कà¥à¤› और होगा.
पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मोदी नौकरशाहों को यह बात समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश कर रहे थे कि अगर देश में सचमà¥à¤š परिवरà¥à¤¤à¤¨ लाना है तो सोच को बदलना होगा. आंकड़ों की बाजीगरी से काम नहीं चलने वाला. हर कदम उठाने से पहले मन में यह सोचना होगा कि कà¥à¤¯à¤¾ हमारे इस काम से देश में कोई सारà¥à¤¥à¤• परिवरà¥à¤¤à¤¨ होगा या नहीं. सिरà¥à¤« दिखाने के लिठकाम करने का कोई मतलब नहीं है जब तक उसका कोई असर ना हो.
अपनी बात समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठपà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने à¤à¤• कहानी सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ. à¤à¤• बार à¤à¤• सीनियर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ने देखा कि à¤à¤• बगीचे में दो लोग बड़ी मेहनत से काम कर रहे हैं. लेकिन पास जाकर देखा तो उसे कà¥à¤› समठमें नहीं आया कि वो लोग कर कà¥à¤¯à¤¾ रहे हैं, उनमें से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ गडà¥à¤¢à¤¾ खोद रहा था और दूसरा आदमी गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ में मिटà¥à¤Ÿà¥€ डाल रहा था.
उस सीनियर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को बड़ा कौतूहल हà¥à¤† कि आखिर यह लोग करना कà¥à¤¯à¤¾ चाहते हैं? उसने उन दोनों के पास जाकर पूछा à¤à¤¾à¤ˆ आप लोग दोनों कà¥à¤¯à¤¾ काम कर रहे हो. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि दरअसल हम दो नहीं तीन लोग हैं. सीनियर ने पूछा लेकिन तीसरा वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ तो दिखाई नहीं दे रहा है. दोनों ने कहा कि वह असल में आज छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ पर है और आया नहीं है.
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया तीन लोगों में पहले का काम है गडà¥à¤¢à¤¾ खोदना जो मैं कर रहा हूं. दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जिमà¥à¤®à¥‡ है उन गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ में पेड़ डालना. लेकिन जिस वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जिमà¥à¤®à¥‡ गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ में पौधे डालने का काम है वह आज नहीं आया है. तीसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का काम है गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ में मिटà¥à¤Ÿà¥€ डालना. तो दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के नहीं आने के बाद à¤à¥€ हम लोग अपना काम कर रहे हैं.
मोदी ने कहा कà¥à¤¯à¤¾ कर आंकड़ों के लिहाज से देखें तो सचमà¥à¤š दोनों लोग पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं. लेकिन उनके काम का नतीजा कà¥à¤¯à¤¾ निकला यह बात आप पूरी तरह से समठसकते हैं. मोदी किस कहानी से पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा.
मोदी ने नौकरशाहों से कहा कि पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लेने के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी और कहानी की जरूरत नहीं है और ना ही किसी और की बात सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की जरूरत है. अगर आप सब लोग सिरà¥à¤« उस दिन को याद करें जिस दिन सिविल सरà¥à¤µà¤¿à¤¸à¥‡à¤¸ में आपका सलेकà¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤† था. याद कीजिठकि उस दिन आपके मां बाप ने आप के दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ ने और खà¥à¤¦ आपने कà¥à¤¯à¤¾ सपने देखे थे. अगर आप खà¥à¤¦ से यह सवाल पूछें कि कà¥à¤¯à¤¾ आज आप उन सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं तो आपको अपका रासà¥à¤¤à¤¾ खà¥à¤¦ ही मिल जाà¤à¤—ा.