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पीएम ने साधा वीरभद्र पर निशाना, कहा- शायद ही किसी सीएम ने कोर्ट में इतना समय दिया हो

नई दिल्ली। हिमाचल दौरे पर गए पीएम मोदी ने गुरुवार को शिमला में एक जनसभा को भी संबोधित किया। पीएम ने इशारों में कहा कि हिमाचल में भी ईमानदारी के युग का इंतजार। जिन्होंने गरीबों को लूटा, उन्हें गरीबों को लौटाना ही पड़ेगा, तब तक चैन से नही बैठूंगा। शायद ही देश के किसी मुख्यमंत्री को इतना समय कोर्ट में लगाना पड़ा हो जितना.....लोग समझ गए क्योंकि हिमाचल के लोग बहुत समझदार हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पर्यटन को बल देने के लिए हिमाचल पर खास ध्यान है। ऊना में 30 साल से लटके रेल प्रोजेक्ट की फाइल मैंने दोबारा निकलवाई है। उड़ान योजना से हिंदुस्तान में नए काम की नींव पड़ी है। मोदी ने कहा कि अब वक्त बदल गया है। अब उत्तर प्रदेश की हवा हिमाचल में आ रही है। उत्तराखंड की हवा और दिल्ली की ताजा हवा भी हिमाचल में आ रही है।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने गरीबों को लूटा, उन्हें गरीबों को लौटाना ही पड़ेगा, तब तक चैन से नही बैठूंगा। देश का सामान्य आदमी ईमानदारी से आगे बढ़ना चाहता है। विश्व में भारत ने तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में पहचान बनाई है। किसानों को सुरक्षा, बीमा के दो रुपये किसान व 98 सरकार देगी। बुआई न होने पर भी लाभ मिलेगा। हिमाचल के फलोत्पादकों को लाभ होगा। कोल्ड ड्रिंक में पांच फीसद फलों का रस डालना होगा। इस संबंध में कंपनियों से बात चल रही है।

केंद्र की हर योजना किसी न किसी वर्ग के हिट से जुडी है। मृदा योजना से 3.5 करोड़ युवायों को लाभ हुआ है। महिलाओं के लिए उज्जवला योजना है। गैस कनेक्शन के लिए कहीं मिन्नतें नहीं करनी पड़ेगी। पहले महिलाएं व बच्चे धुएं से बेहाल रहते थे। तीन साल में 5 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य है। नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन बढ़ा। इसे हिमाचल भी अपनाए, टूरिज्म में मदद मिलेगी। भीम एप का प्रयोग करें। हर दुकान होटल पर भीम से लेनदेन हो। कम पूंजी निवेश से टूरिज्म से आय संभव है। मैंने हिमाचल का नमक खाया है, इसलिए आपका मुझ पर ज्यादा अधिकार है। इस दौरान मोदी ने वन रैंक वन पेंशन का भी जिक्र किया।

मोदी ने भारत माता की जय से भाषण शुरू किया। मोदी ने कहा कि हिमाचल देवभूमि भी, वीरभूमि भी, वीर माताओं की भूमि जिन्होंने वीर जवानों को जन्म दिया। हिमाचल आकर पुरानी यादें ताज़ा होती हैं। माल रोड पर पैदल चलता था।

इससे पहले मोदी ने सबसे सस्ती हवाई सेवा उड़ान की शुरुआत की। मोदी ने कहा कि हवाई यात्रा में हवाई चप्पल वाला नज़र आना चाहिए। उनके मुताबिक, एयरपावर और हाइड्रोपावर देश की जरूरत है। हिमाचल की भूमि पर एयरपावर और हाइड्रो पावर को देख रहा हूं।⁠⁠⁠⁠ इसके बाद मोदी ने शिमला में रोड शो किया। मोदी ने वाहन में बैठकर जनता का अभिनन्दन किया।

इस दौरान लोगों में उत्साह दिखा। लोगों ने मोदी पर फूल बरसाए। सड़क के दोनों तरफ भारी भीड़ थी। इसके बाद मंच पर पहुंच कर पीएम मोदी ने लोगों का अभिवादन किया। मोदी पहाड़ी टोपी पहने हुए थे। रिज मैदान पर भारी भीड़ थी। स्वागत में लोगो नारे लगा रहे हैं। मोदी के साथ धूमल नड्डा व शांता कुमार भी मंच पर हैं।

जेपी नड्डा ने कहा कि हिमाचल से मोदी का विशेष लगाव है। इसलिए उड़ान के लिए इसलिए शिमला को चुना। उन्होंने हाइड्रो इंजीनिरिंग कॉलेज के लिए मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार देश को विकास पथ पर ले जा रहे हैं। केंद्र व राज्यों में तालमेल बढ़ा है। भाजपा का दलगत राजनीति में विश्वास नहीं है।⁠⁠⁠

यूपी की आंधी की तरह हिमाचल में भाजपा जीतेगी। हिमाचल सरकार विकास योजनायों के लिए जमीन नहीं दे पाई। इस दौरान उन्होंने वीरभद्र को भी घेरा। उन्होंने कहा कि जब वीरभद्र की पेशी और पूछताछ की बात होती है तो हिमाचल शर्मसार होता है। अब समय आ गया कि सच्चा पक्का पहाड़ी हिमाचल का नेतृत्व करे व शासन करे।

मोदी ने बिलासपुर में बनने वाले हाइड्रो इंजीनयरिंग कॉलेज को देश के युवाओं के लिए तोहफा बताया। मोदी ने कहा कि इससे देश के विकास में मदद मिलेगी। मोदी ने ऑनलाइन कॉलेज का शिलान्यास किया।

इससे पहले मुख्‍यमंत्री वीरभद्र स‍िंह, राज्‍यपाल आचार्य देवव्रत, पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने पीएम का स्‍वागत किया।

मोदी ने ढाई हजार रुपये में 500 किलोमीटर की हवाई यात्रा कराने वाली रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम 'उड़ान' की पहली फ्लाइट को हरी झंडी दिखाई। पीएम बनने के बाद यह मोदी की पहली शिमला यात्रा है। ।

मोदी ने इससे पहले 2003 में उस वक्त शिमला का दौरा किया था, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। वैसे राज्य के हिसाब से यह हिमाचल प्रदेश का उनका दूसरा दौरा है। पिछले साल उन्होंने मंडी में एक रैली को संबोधित किया था। भाजपा में मोदी आठ वर्ष तक हिमाचल मामलों के संगठनात्मक प्रभारी थे और उन्होंने 2002 तक यह भूमिका निभाई थी।

उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) देश के छोटे व मझोले कस्बों को बड़े नगरों तथा परस्पर किफायती हवाई यातायात सुविधा से जोड़ने की स्कीम है। इसके तहत 500 किमी की विमान यात्रा के लिए 2500 रुपये का किराया वसूला जाएगा। इसके तहत फिक्स विंग विमानों के मामले में यात्रा की अवधि अधिकतम एक घंटे तथा हेलीकॉप्टर के मामले में आधा घंटे मानी गई है।

'उड़ान' की उड़ानें देश के 70 हवाई अड्डों से होंगी। इनमें 27 व्यस्त, 12 कम उपयोग में आने वाले तथा 31 अप्रयुक्त हवाई अड्डे शामिल हैं। इसके लिए विभिन्न नई, पुरानी एयरलाइनों की तरफ से कुल 27 प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुए हैं। इनमें 17 एयरपोर्ट उत्तर, 24 पश्चिम, 11 दक्षिण, 12 पूर्व, 6 पूर्वोत्तर भारत तथा 2 केंद्र शासित प्रदेशों में हैं। इससे 22 राज्य व दो केंद्रशासित प्रदेश सस्ती उड़ानों से जुड़ जाएंगे। 16 प्रस्ताव एक-एक रूट पर उड़ान भरने से संबंधित हैं। जबकि 11 प्रस्तावों में एक से अधिक शहरों को जोड़ने की इच्छा जताई गई है। छह प्रस्ताव ऐसे हैं जिनमें किसी तरह की सब्सिडी (वीजीएफ) की मांग नहीं की गई है।

स्कीम के तहत एयरलाइनों को नुकसान की स्थिति में वायबिलटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के तहत सब्सिडी देने की व्यवस्था है। सरकार का अनुमान है कि स्कीम पर सालाना 6.5 लाख सीटों के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी की जरूरत पड़ेगी।

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