खà¥à¤²à¥‡ बदरीनाथ धाम के कपाट, दरà¥à¤¶à¤¨ को पहà¥à¤‚चे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿
चमौली। चार धामों में से à¤à¤• à¤à¤¾à¤—वान बदरीनाथ के कपाट खà¥à¤² गठहैं। इसके साथ ही राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ यहां पूजा-अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ करने पहà¥à¤‚चे हैं। मंदिर के कपाट सà¥à¤¬à¤¹ 4.15 बजे परंपरानà¥à¤¸à¤¾à¤° शà¥à¤°à¤§à¥à¤¦à¤¾à¤²à¥à¤“ं के लिठखà¥à¤²à¥‡à¥¤ इस मौके पर हजारों लोग à¤à¤—वान के दरà¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ को मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि à¤à¤—वान बदà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¾à¤¥ के दरà¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठ10 हजार से अधिक शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥ पहà¥à¤‚चे और मंदिर के बाहर दरà¥à¤¶à¤¨à¥‹à¤‚ के लिठलंबी लाइन लगी है। राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤£à¤¬ मà¥à¤–रà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ सà¥à¤¬à¤¹ 8.45 बजे बदरीनाथ पहà¥à¤‚चे और मंदिर में पूजा-अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ की। इस मौके पर मंदिर को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया है।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ के बदà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¾à¤¥ आगमन पर शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं को मà¥à¤–à¥à¤¯ मारà¥à¤— व मंदिर परिसर से हटाया गया और वो 7 बजे से 11बजे तक बदà¥à¤°à¥€à¤¨à¤¾à¤¥ जी के दरà¥à¤¶à¤¨ नहीं कर पाà¤à¤‚गे।