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à¤à¤¸à¤¡à¥€à¤“ आरà¤à¤¨ सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सरकार ने à¤à¤• बार गिनीज बà¥à¤• ऑफ वरà¥à¤²à¥à¤¡ रिकॉरà¥à¤¡ में नाम दरà¥à¤œ कराने की तैयारी की है। à¤à¤• दिन में पूरे पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में पांच करोड़ पौधे लगाने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखा है। इंदौर जिले में इनमें से साढ़े चार लाख पौधे लगाठजाà¤à¤‚गे। सà¤à¥€ नरà¥à¤¸à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में फरवरी-मारà¥à¤š में ही पौधे तैयार करना शà¥à¤°à¥‚ कर दिठथे। बाहर से à¤à¥€ पौधे बà¥à¤²à¤¾à¤ जाà¤à¤‚गे।
रिंग रोड की सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ रोड छायादार हà¥à¤ˆ
वरà¥à¤²à¥à¤¡ कप (पीपलà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¤¾à¤¨à¤¾) चौराहा से मूसाखेड़ी की ओर जाने पर सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ रोड के किनारे पर वन विà¤à¤¾à¤— ने 300 पौधे लगाठहैं। नगर निगम से अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ लेकर विà¤à¤¾à¤— ने यहां पर पौधे लगाठथे। अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि सà¤à¥€ पौधे पनप गठहैं और इनमें नई कोंपल à¤à¥€ आ गई हैं। बाकायदा सà¤à¥€ पौधों की देखरेख सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को की जाती है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पानी डालने की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¥€ विà¤à¤¾à¤— ने की है।
इंदौर में रोपे जाà¤à¤‚गे साढ़े चार लाख पौधे, गिनीज बà¥à¤• में दरà¥à¤œ होगा रिकॉरà¥à¤¡
इंदौर.कà¥à¤²à¥€à¤¨ इंदौर के बाद अब वन विà¤à¤¾à¤— गà¥à¤°à¥€à¤¨ इंदौर अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ चलाà¤à¤—ा। 2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को सà¥à¤•ूल, कॉलेज कैमà¥à¤ªà¤¸, असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤², सरकारी विà¤à¤¾à¤—ों सहित पूरे इंदौर में à¤à¤• दिन में साढ़े चार लाख पौधे लगाठजाà¤à¤‚गे। वहीं पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¤à¤° में à¤à¤• दिन में पांच करोड़ पौधे लगाकर गिनी बà¥à¤• ऑफ वरà¥à¤²à¥à¤¡ रिकॉरà¥à¤¡ में नाम दरà¥à¤œ कराया जाà¤à¤—ा। शहरवासियों को à¤à¤¾à¤—ीदार बनाने के लिठदेवगà¥à¤°à¤¾à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¤¾ को चà¥à¤¨à¤¾ गया है। यहां पर गडà¥à¤¢à¥‹à¤‚ के पास पौधा तैयार मिलेगा। लोग बस जाकर अपने हाथों से पौधा रोप सकेंगे। अपने घर से नाम पटà¥à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ लाकर लगा सकते हैं। 50 हजार पौधे पहाड़ी पर लगाठजाà¤à¤‚गे। वन विà¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤®à¥à¤– सड़कों के किनारों पर 3 से 5 फीट के पौधे लगाà¤à¤—ा। इसका रखरखाव à¤à¥€ खà¥à¤¦ करेगा। रिंग रोड के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ को विà¤à¤¾à¤— ने पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— बतौर लिया। यहां पर सौ फीसदी पौधे पनप गठहैं।
à¤à¤¸à¤¡à¥€à¤“ आरà¤à¤¨ सकà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ सरकार ने à¤à¤• बार गिनीज बà¥à¤• ऑफ वरà¥à¤²à¥à¤¡ रिकॉरà¥à¤¡ में नाम दरà¥à¤œ कराने की तैयारी की है। à¤à¤• दिन में पूरे पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में पांच करोड़ पौधे लगाने का लकà¥à¤·à¥à¤¯ रखा है। इंदौर जिले में इनमें से साढ़े चार लाख पौधे लगाठजाà¤à¤‚गे। सà¤à¥€ नरà¥à¤¸à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में फरवरी-मारà¥à¤š में ही पौधे तैयार करना शà¥à¤°à¥‚ कर दिठथे। बाहर से à¤à¥€ पौधे बà¥à¤²à¤¾à¤ जाà¤à¤‚गे।
à¤à¤¸à¥‡ होगा गà¥à¤°à¥€à¤¨ इंदौर
वन संरकà¥à¤·à¤• वीके वरà¥à¤®à¤¾ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• गà¥à¤°à¥€à¤¨ इंदौर के लिठविà¤à¤¾à¤— सामाजिक संगठन, सà¥à¤•ूल, कॉलेज, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• संगठन, सामाजिक संसà¥à¤¥à¤¾, रहवासी संघ, टाउनशिप, शासकीय विà¤à¤¾à¤—ों से संपरà¥à¤• कर रहा है। कोशिश की जा रही है कि जो संसà¥à¤¥à¤¾ जितने à¤à¥€ पौधे ले वह पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• की देखरेख की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€ ले। जो à¤à¥€ संसà¥à¤¥à¤¾ आकर विà¤à¤¾à¤— में संपरà¥à¤• करेगी उसे पौधे मà¥à¤¹à¥ˆà¤¯à¤¾
कराठजाà¤à¤‚गे।
कराठजाà¤à¤‚गे।
रिंग रोड की सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ रोड छायादार हà¥à¤ˆ
वरà¥à¤²à¥à¤¡ कप (पीपलà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¤¾à¤¨à¤¾) चौराहा से मूसाखेड़ी की ओर जाने पर सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ रोड के किनारे पर वन विà¤à¤¾à¤— ने 300 पौधे लगाठहैं। नगर निगम से अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ लेकर विà¤à¤¾à¤— ने यहां पर पौधे लगाठथे। अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि सà¤à¥€ पौधे पनप गठहैं और इनमें नई कोंपल à¤à¥€ आ गई हैं। बाकायदा सà¤à¥€ पौधों की देखरेख सà¥à¤¬à¤¹ और शाम को की जाती है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पानी डालने की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¥€ विà¤à¤¾à¤— ने की है।