Modi@3: नोटबंदी है मासà¥à¤Ÿà¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को हà¥à¤† 5 लाख करोड़ का फायदा
कालेधन पर लगाम और डिजिटल टà¥à¤°à¤¾à¤‚जैकà¥à¤¶à¤¨ को बढ़ावा देने के लिठ500 और 1000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोटों का चलन बंद करने के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी के कदम से देश की अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को करीब 5 लाख करोड़ का लाठहà¥à¤† है. सरकार की à¤à¤• उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ आंतरिक आंकलन रिपोरà¥à¤Ÿ में यह बात कही गई है.
हमारे सहयोगी अखबार मेल टà¥à¤¡à¥‡ को इस रिपोरà¥à¤Ÿ की कॉपी मिली है, जिसमें बताया गया है कि पिछले साल 8 नवंबर को पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के अचानक लिठइस फैसले के वकà¥à¤¤ हमारी अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में करीब 17.77 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ मूलà¥à¤¯ के नोट चलन में थे. वहीं मई, 2017 आते-आते उपयोग किठजा रहे बैंक नोटों का मूलà¥à¤¯ करीब 19.25 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तक पहà¥à¤‚च गया.
हालांकि, यहां गौर करने वाली बात यह है कि इस अपà¥à¤°à¥ˆà¤² के अंत में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रिजरà¥à¤µ बैंक की ओर से जारी आंकड़ों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, कà¥à¤² 14.2 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के नोट चलन में हैं. इसका अरà¥à¤¥ यह हà¥à¤† कि इस वकà¥à¤¤ अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में नकदी की मौजूगी नोटबंदी न किठजाने की हालत के मà¥à¤•ाबले करीब 5 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ कम है.
इससे यह à¤à¥€ पता चलता है कि लोगों के पास रखी नकदी की संखà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ कमी आई है. चूंकि इस तरह घर में पड़े पैसों का अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के विकास में कोई योगदान नहीं होता, à¤à¤¸à¥‡ में इसकी संखà¥à¤¯à¤¾ में कमी देश के फायदेमंद है.
रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, नोटबंदी के दूसरे फायदों में टैकà¥à¤¸ आधार का बढ़ना, डिजिटल लेनेदेन में इजाफा, बैंक जमा में बढ़ोतरी और हाउसिंग सेकà¥à¤Ÿà¤° में मजबूती à¤à¥€ शामिल है.
बता दें कि 500 और 1000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ नोटों का चलन अचानक बंद किठजाने के फैसले के बाद नठनोटों की उस रफà¥à¤¤à¤¾à¤° से पूरà¥à¤¤à¤¿ नहीं होने के कारण देश की लाखों जनता को खासी मà¥à¤¶à¥à¤•िलों का सामना करना पड़ा था. पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने इस à¤à¤²à¤¾à¤¨ के वकà¥à¤¤ कहा था कि नोटबंदी का कदम कालेधन और जाली नोटों पर लगाम लगाने के साथ à¤à¤¾à¤°à¤¤ को निशाना बनाने वाले आतंकियों की फंडिंग खतà¥à¤® करने के लिठजरूरी कदम था.
सरकार की इस रिपोरà¥à¤Ÿ में कहा गया है कि अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में इस वकà¥à¤¤ 14.2 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ के नोट चलन में हैं, जो कि सारी टà¥à¤°à¤¾à¤‚जैकà¥à¤¶à¤¨ जरूरतों को पूरा करने के लिठकाफी हैं. इसमें यह à¤à¥€ अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया गया है कि नोटबंदी की वजह से à¤à¤¾à¤°à¤¤ का कà¥à¤² निजी आयकर राजसà¥à¤µ à¤à¥€ अगले दो वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में बढ़कर दोगà¥à¤¨à¤¾ हो जाà¤à¤—ा और इसके कà¥à¤› लाठअà¤à¥€ से दिखने à¤à¥€ लगे हैं.
वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· 2016-17 के लिठसेलà¥à¤« टैकà¥à¤¸ असेसमेंट फॉरà¥à¤® à¤à¤°à¤¨à¥‡ वाले लोगों की संखà¥à¤¯à¤¾ में 23.8 फीसदी का उछाल देखा गया है. सरकार का मानना है कि इस 23.8 फीसदी में से कम से कम 10 फीसदी का बढ़ोतरी को नोटबंदी की वजह से ही देखने को मिली है.
इस रिपोरà¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, नोटबंदी का à¤à¤• सबसे बड़ा फायदा यह हà¥à¤† कि लोग डिजिटल लेनदेन की तरफ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हà¥à¤ हैं. वितà¥à¤¤ वरà¥à¤· 2016-17 में कà¥à¤² 300 करोड़ डिजिटल टà¥à¤°à¤¾à¤‚जैकà¥à¤¶à¤¨ दरà¥à¤œ की गई. वहीं सरकार का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है कि वितà¥à¤¤à¤µà¤°à¥à¤· 2017-18 के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का चलन आगे à¤à¥€ जारी रहा तो इस साल डिजिटल टà¥à¤°à¤¾à¤‚जैकà¥à¤¶à¤¨ की संखà¥à¤¯à¤¾ बढ़कर 2,500 करोड़ तक जा सकती है.
पेटीà¤à¤®, à¤à¤¸à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ बडी और फà¥à¤°à¥€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ आदि मोबाइल वॉलेट के जरिये अà¤à¥€ ही रोजाना करीब 200 करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का लेनदेन हो रहा है. वहीं BHIM à¤à¤ª के लॉनà¥à¤š होने के पांच महीनों के अंदर करीब दो करोड़ लोगों ने इसे डाउनलोड किया है. इस अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, BHIM और UPI पेमेंट गेटवे के जरिये अà¤à¥€ ही करीब रोजाना 140 करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ का लेनदेन हो रहा है. वहीं डेबिट कारà¥à¤¡ का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नोटबंदी के बाद से काफी बढ़ा है. वरà¥à¤· 2015-16 में जहां डेबिट कारà¥à¤¡ से करीब 117 करोड़ टà¥à¤°à¤¾à¤‚जैकà¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤†, जो कि 1.58 लाख करोड़ मूलà¥à¤¯ का था. वहीं 2016-17 में यह बढ़कर 240 करोड़ टà¥à¤°à¤¾à¤‚जैकà¥à¤¶à¤¨ हो गया, जिसका कà¥à¤² मूलà¥à¤¯ 3.3 लाख करोड़ रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ था.