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बाबरी केस में आरोप तय, पर आडवाणी लड़ सकते हैं प्रेसिडेंट इलेक्शन: एक्सपर्ट्स

नई दिल्ली.बाबरी ढांचा गिराने के मामले में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 12 लोगों पर साजिश रचने के आरोप में केस चलेगा। ऐसे में सवाल ये है कि क्या ट्रायल का सामना कर रहे आडवाणी-जोशी प्रेसिडेंट इलेक्शन लड़ पाएंगे? जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए दोनों नेता बीजेपी के संभावित कैंडिडेट्स में गिने जा रहे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि ट्रायल के दौरान कोई दोषी नहीं होता। लिहाजा, आडवाणी-जोशी या बाकी आरोपियों के चुनाव लड़ने में कोई कानूनी रुकावट नहीं है। एक्सपर्ट्स ने DainikBhaskar.com से कहा...
- "आरोप तय होने के बाद भी कानूनी और संवैधानिक तौर पर राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं। लड़ना चाहिए या नहीं, ये उन्हें और उनकी पार्टी को तय करना है।" - सुभाष कश्यप, कॉन्स्टिट्यूशनल एक्सपर्ट
- "किसी केस में जब तक आरोपियों को दोषी न ठहराया जाए, वह कानून के सामने निर्दोष हैं। लिहाजा, आडवाणी, जोशी या बाकी आरोपियों के चुनाव लड़ने में कोई कानूनी रुकावट नहीं है।" - राजेश सक्सेना, सुप्रीम कोर्ट के वकील
- ''देश में किसी के ऊपर भी आरोप लगाना आसान है। लेकिन किसी केस में आरोपी होना इलेक्शन लड़ने के लिए मुश्किल नहीं हो सकता है। अगर बीजेपी की नीयत उन्हें प्रेसिडेंट कैंडिडेट बनाने की है तो इसमें कोई परेशानी नहीं आएगी।'' - यतेंद्र शर्मा, सुप्रीम कोर्ट के वकील
हमारे नेता बेकसूर: वेंकैया
- उधर, केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि यह लीगल प्रॉसेस है। इसे होने दीजिए। हमारे नेता बेकसूर हैं। वे बरी हो जाएंगे। मैं इस पर कोई कमेंट्स नहीं करना चाहता हूं।
- राम विलास वेदांती ने कहा, ''हमने कोई अपराध किया होगा, तभी तो सजा मिलेगी। राम मंदिर को बनाने की कोशिश है। अधर्मियों का नाश करना अपराध नहीं होता है। राम मंदिर हमेशा से रहा है, मंदिर बनेगा। कोर्ट के फैसले पर यकीन है। हमारे हक में फैसला आएगा।" किसने साजिश की, वहां किसने मूर्तियां स्थापित कीं, तो कांग्रेस का नाम आएगा। ताला किसने तोड़ा तो कांग्रेस का नाम आएगा। शिलान्यास किसने कराया तो कांग्रेस का नाम आएगा। ढांचा किसके कार्यकाल में तोड़ा...सवा 9 बजे कल्याण सिंह ने इस्तीफा दे दिया था।
- "नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे। नरसिम्हा के कार्यकाल में ढांचा टूटा तो साक्षी महाराज को घेरा जा रहा है, आडवाणी को लपेट रहे हैं। आप कांग्रेस को घेर नहीं रहे हैं, जो विभाजन कर रही है। हिंदू-मुसलमान के बीच में दरार पैदा करती रही है। हमने कौन-सा पहाड़ तोड़ दिया। हमने जो किया, ठीक किया।''
बाबरी केस में 12 लोगों पर आरोप तय
- मंगलवार को आडवाणी-जोशी, उमा समेत 12 आरोपी सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने उन्हें 50-50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी।
- इसके बाद उन्हें बरी करने के लिए पिटीशन दायर की गई, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने सभी 12 लोगों पर आरोप तय कर दिए हैं।
- बता दें कि 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के मामले में आडवाणी समेत सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश का केस चलेगा। इस मामले में दायर किए गए दोनों केस को दो साल के अंदर खत्म करने को कहा था।
किन लोगों पर केस है?
- लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चंपत राय बंसल, महंत धरम दास और सतीश प्रधान।
- कल्याण सिंह फिलहाल राजस्थान के गवर्नर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पद पर रहने की वजह से इस मामले से उन्हें दूर रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब तक वे इस पद पर हैं, उनके खिलाफ केस दर्ज न किया जाए। लेकिन विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर सकता है। ढांचा गिराए जाने के वक्त कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के सीएम थे। इसलिए 12 लोगों के खिलाफ मंगलवार को सुनवाई हुई।
- इनके अलावा बाल ठाकरे, गिरिराज किशोर, अशोक सिंघल, महंत अवैद्यनाथ, परमहंस राम चंद्र और मोरेश्वर सावे के नाम भी हैं। इन सभी लोगों का निधन हो चुका है।

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