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गाय को राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पशॠघोषित किया जाà¤- राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हाईकोरà¥à¤Ÿ ने सरकार से कहा
जयपà¥à¤°. राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हाईकोरà¥à¤Ÿ ने बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को हिंगोनिया गोशाला मामले में फैसला सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ सरकार से कहा कि गाय को राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पशॠघोषित किया जाà¤à¥¤ नà¥à¤¯à¥‚ज à¤à¤œà¥‡à¤‚सी à¤à¤à¤¨à¤†à¤ˆ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, हाईकोरà¥à¤Ÿ ने ये à¤à¥€ कहा कि गाय की हतà¥à¤¯à¤¾ करने वाले को उमà¥à¤°à¤•ैद की सजा देनी चाहिà¤à¥¤ बता दें कि 2016 में सरकार की ओर से चलाई जाने वाली हिंगोनिया गोशाला में सैकड़ों गायों की मौतों का मामला सामने आया था। हर तीन महीने में गोशाला की रिपोरà¥à¤Ÿ तैयार की जाà¤-HC
- HC के जज महेश चंदà¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾ ने कहा, "à¤à¤‚टी करपà¥à¤¶à¤¨ बà¥à¤¯à¥‚रो को हर तीन महीने में गोशाला पर रिपोरà¥à¤Ÿ तैयार करनी होगी। मà¥à¤¯à¥‚निसिपल कमिशà¥à¤¨à¤° और दूसरे अधिकारियों को हर महीने गोशाला जाकर जांच करनी चाहिà¤à¥¤ फॉरेसà¥à¤Ÿ डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट गोशाला में हर साल 5000 पौधे लगाà¤à¥¤"
- बता दें कि राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ HC का फैसला à¤à¤¸à¥‡ वकà¥à¤¤ आया है, जब केंदà¥à¤° ने मारने के मकसद से मवेशियों को खरीदने और बेचने पर बैन लगा दिया है। इस फैसले का केरल और करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• में विरोध हो रहा है।
लापरवाही के चलते हà¥à¤ˆ थीं मौतें- रिपोरà¥à¤Ÿ
- पिछले साल इस गोशाला में सैकड़ों गायों की मौतों की खबर के बाद राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ सरकार ने इस मामले में रिपोरà¥à¤Ÿ मांगी थी और गोशाला के हालात सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ की बात कही थी। रिपोरà¥à¤Ÿ में सामने आया था कि गायों की मौत गोशाला के रख-रखाव में खामियों की वजह से हà¥à¤ˆ है।
- राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के मिनिसà¥à¤Ÿà¤° राजेंदà¥à¤° नाथ ने कहा, "सीà¤à¤® ने रिपोरà¥à¤Ÿ मांगी है और हम à¤à¤• à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤²à¤¾à¤¨ तैयार कर रहे हैं, ताकि हिंगोनिया में हालात सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‡ जा सकें।'
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में अफसरों ने लापरवाही की बात को नकारा था
- गायों की मौतों के मामले में जब अधिकारियों से सवाल उठे तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लापरवाही की बात नहीं मानी। अधिकारियों ने कहा कि जिन गायों की मौत हà¥à¤ˆ हैं, वो पहले से ही बीमार थीं और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार थीं।
- बता दें कि हिंगोनिया गोशाला में 8000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गायें हैं और 14 डॉकà¥à¤Ÿà¤°, 24 असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट और 200 अनà¥à¤¯ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« उनकी देखà¤à¤¾à¤² के लिठयहां मौजूद है।
करोड़ों का बजट, फिर à¤à¥€ मौतें
- मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, हिंगोनिया गोशाला में 2011-12 में 3.59 करोड़ रà¥à¤ªà¤ खरà¥à¤š किठगà¤à¥¤ वहीं, जिस साल गाय की मौतों का मामला हà¥à¤†, यानी 2015-16 में ये बजट बढ़कर 10.78 करोड़ रà¥à¤ªà¤ हो गया था। 2014-15 में गोशाला के इनà¥à¤«à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° पर 7.59 करोड़ रà¥à¤ªà¤ खरà¥à¤š किठगà¤à¥¤
केंदà¥à¤° के पशॠबिकà¥à¤°à¥€ बैन पर मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ HC ने लगाई 4 हफà¥à¤¤à¥‡ की रोक
- मंगलवार को मारने के मकसद से मवेशियों की खरीद-बिकà¥à¤°à¥€ बैन करने वाले केंदà¥à¤° के नोटिफिकेशन पर मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ हाईकोरà¥à¤Ÿ की मदà¥à¤°à¤ˆ बेंच ने रोक लगा दी थी। हाईकोरà¥à¤Ÿ ने 4 हफà¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥€à¤¤à¤° राजà¥à¤¯ और केंदà¥à¤° सरकार से जवाब मांगा। हाईकोरà¥à¤Ÿ में दायर पिटीशन में कहा गया है कि किसे कà¥à¤¯à¤¾ खाना है, यह तय करना हर शखà¥à¤¸ का अधिकार है और इसे कोई दूसरा आदमी तय नहीं कर सकता।
IIT मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ में बीफ फेसà¥à¤Ÿ में हिसà¥à¤¸à¤¾ लेने पर सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट को पीटा
- इंडियन इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€, मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ में बीफ फेसà¥à¤Ÿ कराने के आरोप में à¤à¤• पीà¤à¤šà¤¡à¥€ सà¥à¤•ॉलर की मंगलवार को कà¥à¤› लोगों ने पिटाई कर दी थी। इस सà¥à¤•ॉलर की आंख में चोट आई है। आरोप है कि ये हमला राइट विंग के सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ ने किया है।
- घटना के बाद IIT-M के बाहर सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट ने पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ किया। बता दें कि रविवार रात IIT-M में बीफ फेसà¥à¤Ÿ का आयोजन किया गया था। इसमें 70-80 सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ ने हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया था। सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट केंदà¥à¤° सरकार के पशॠबिकà¥à¤°à¥€ बैन का विरोध कर रहे थे।
- बता दें कि राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ HC का फैसला à¤à¤¸à¥‡ वकà¥à¤¤ आया है, जब केंदà¥à¤° ने मारने के मकसद से मवेशियों को खरीदने और बेचने पर बैन लगा दिया है। इस फैसले का केरल और करà¥à¤¨à¤¾à¤Ÿà¤• में विरोध हो रहा है।
लापरवाही के चलते हà¥à¤ˆ थीं मौतें- रिपोरà¥à¤Ÿ
- पिछले साल इस गोशाला में सैकड़ों गायों की मौतों की खबर के बाद राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ सरकार ने इस मामले में रिपोरà¥à¤Ÿ मांगी थी और गोशाला के हालात सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ की बात कही थी। रिपोरà¥à¤Ÿ में सामने आया था कि गायों की मौत गोशाला के रख-रखाव में खामियों की वजह से हà¥à¤ˆ है।
- राजसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के मिनिसà¥à¤Ÿà¤° राजेंदà¥à¤° नाथ ने कहा, "सीà¤à¤® ने रिपोरà¥à¤Ÿ मांगी है और हम à¤à¤• à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ पà¥à¤²à¤¾à¤¨ तैयार कर रहे हैं, ताकि हिंगोनिया में हालात सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‡ जा सकें।'
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में अफसरों ने लापरवाही की बात को नकारा था
- गायों की मौतों के मामले में जब अधिकारियों से सवाल उठे तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लापरवाही की बात नहीं मानी। अधिकारियों ने कहा कि जिन गायों की मौत हà¥à¤ˆ हैं, वो पहले से ही बीमार थीं और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार थीं।
- बता दें कि हिंगोनिया गोशाला में 8000 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गायें हैं और 14 डॉकà¥à¤Ÿà¤°, 24 असिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट और 200 अनà¥à¤¯ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« उनकी देखà¤à¤¾à¤² के लिठयहां मौजूद है।
करोड़ों का बजट, फिर à¤à¥€ मौतें
- मीडिया रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, हिंगोनिया गोशाला में 2011-12 में 3.59 करोड़ रà¥à¤ªà¤ खरà¥à¤š किठगà¤à¥¤ वहीं, जिस साल गाय की मौतों का मामला हà¥à¤†, यानी 2015-16 में ये बजट बढ़कर 10.78 करोड़ रà¥à¤ªà¤ हो गया था। 2014-15 में गोशाला के इनà¥à¤«à¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤° पर 7.59 करोड़ रà¥à¤ªà¤ खरà¥à¤š किठगà¤à¥¤
केंदà¥à¤° के पशॠबिकà¥à¤°à¥€ बैन पर मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ HC ने लगाई 4 हफà¥à¤¤à¥‡ की रोक
- मंगलवार को मारने के मकसद से मवेशियों की खरीद-बिकà¥à¤°à¥€ बैन करने वाले केंदà¥à¤° के नोटिफिकेशन पर मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ हाईकोरà¥à¤Ÿ की मदà¥à¤°à¤ˆ बेंच ने रोक लगा दी थी। हाईकोरà¥à¤Ÿ ने 4 हफà¥à¤¤à¥‡ के à¤à¥€à¤¤à¤° राजà¥à¤¯ और केंदà¥à¤° सरकार से जवाब मांगा। हाईकोरà¥à¤Ÿ में दायर पिटीशन में कहा गया है कि किसे कà¥à¤¯à¤¾ खाना है, यह तय करना हर शखà¥à¤¸ का अधिकार है और इसे कोई दूसरा आदमी तय नहीं कर सकता।
IIT मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ में बीफ फेसà¥à¤Ÿ में हिसà¥à¤¸à¤¾ लेने पर सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट को पीटा
- इंडियन इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€, मदà¥à¤°à¤¾à¤¸ में बीफ फेसà¥à¤Ÿ कराने के आरोप में à¤à¤• पीà¤à¤šà¤¡à¥€ सà¥à¤•ॉलर की मंगलवार को कà¥à¤› लोगों ने पिटाई कर दी थी। इस सà¥à¤•ॉलर की आंख में चोट आई है। आरोप है कि ये हमला राइट विंग के सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ ने किया है।
- घटना के बाद IIT-M के बाहर सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट ने पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ किया। बता दें कि रविवार रात IIT-M में बीफ फेसà¥à¤Ÿ का आयोजन किया गया था। इसमें 70-80 सà¥à¤Ÿà¥‚डेंटà¥à¤¸ ने हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया था। सà¥à¤Ÿà¥‚डेंट केंदà¥à¤° सरकार के पशॠबिकà¥à¤°à¥€ बैन का विरोध कर रहे थे।