Homeप्रमुख खबरे,slider news,अपना मध्यप्रदेश,
ग्लोबल स्किल समिट: सीएम बोले- मुझे ढूंढना पड़ा जो एमओयू हुए वो कंपनियां कहां गईं

भोपाल.स्किल डेवलपमेंट पर देश की पहली समिट में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया कि इस बार कंपनियों के साथ जो एमओयू हुए हैं, उसका रिपोर्ट कार्ड अगले साल लूंगा। क्योंकि पिछले वर्षों में जो एमओयू हुए, उनकी कुछ दिन पहले मैंने समीक्षा की तो मुझे ही ढूंढना पड़ा कि कई कंपनियां कहां गईं? हम हाथ पकड़कर कंपनियों को लाए और उन्होंने ही बाद में हाथ जोड़ लिए कि हम निवेश नहीं कर पाएंगे। अबकी बार हमने हाथ पकड़े हैं तो छोड़ेंगे नहीं।
मुख्यमंत्री ने यह बात गुरुवार को ग्लोबल स्किल एंड इंप्लायमेंट पार्टनरशिप समिट 2017 में कही। इसमें केंद्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राजीव प्रताप रूडी भी मौजूद रहे।
सीएम ने कहा कि अगले साल फिर यह समिट होगी, जिसमें देखा जाएगा कि कितने एमओयू का क्रियान्वयन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार बोर्ड को लेकर कहा कि वह अब तकनीकी शिक्षा व कौशल विकास के साथ काम करेगा। तमाम एमओयू को जमीन पर उतारने के लिए हर माह मॉनिटरिंग भी होगी।
केंद्रीय मंत्री रूडी ने कहा कि साठ सालों में कौशल विकास की कोई पूछ-परख नहीं हुई। अब तीन साल से इसमें काम दिख रहा है। मप्र में एक-दो साल में कौशल विकास रिजल्ट देने लगेगा, देश में दस साल लगेंगे। इस समय निर्माण के क्षेत्र में ही तीन करोड़ लोगों की जरूरत है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने कहा कि बैंक महिलाओं के साथ भेदभाव बरतते हैं। बैंकर्स खुद देखें कि उन्होंने कितनी महिला उद्यमियों को ऋण दिया है।
समिट में एंप्लायमेंट का भी नाम, लेकिन चर्चा नहीं
ग्लोबल स्किल एंड एंप्लायमेंट पार्टनरशिप समिट नाम था, लेकिन इसमें सिर्फ कौशल की ही बात हुई। रूडी ने भी कहा कि दिल्ली का मीडिया पूछता भी है कि कितनों को रोजगार दिया। मैंने उन्हें बताया कि मेरा काम रोजगार दिलाना नहीं, लोगों को इस लायक बनाना है।
मप्र के 5.70 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
- 619 इंटेंशन टू इंप्लायमेंट व 5.70 लोगों को रोजगार।
- 392 इंटेंशन टू स्किल डेवलेपमेंट 5.5 लाख लोगों को कौशल ट्रेनिंग।
- भोपाल में 600 करोड़ की लागत से ग्लोबल स्किल पार्क बनेगा, सिंगापुर की तर्ज पर।
- रोजगार के लिए जर्मनी-सिंगापुर मॉडल चर्चित हैं, मप्र में लागू होंगे।

Share This News :