बरोह में à¤à¤¾à¤—वत कथा में समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हà¥à¤ मंतà¥à¤°à¥€ नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤°
दतिया । जल संसाधन, जनसमà¥à¤ªà¤°à¥à¤• à¤à¤µà¤‚ संसदीय कारà¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— मंतà¥à¤°à¥€ डाà¤. नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤° बरोह पहà¥à¤‚चे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वहां पर आयोजित शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¦à¥ à¤à¤¾à¤—वत कथा में वà¥à¤¯à¤¾à¤¸ गदà¥à¤¦à¥€ पर माथा टेका और कथावाचक रामगोपाल पाणà¥à¤¡à¤¼à¥‡ डबरा वालों का आरà¥à¤¶à¥€à¤µà¤¾à¤¦ लिया। इस दौरान उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¦à¥ à¤à¤¾à¤—वत मूल पाठकरà¥à¤¤à¤¾ पंडि़त शà¥à¤°à¥€ कृषà¥à¤£ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤•रण आचारà¥à¤¯ दतिया को à¤à¥€ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¹à¤¾à¤° पहनाकर उनका आरà¥à¤¶à¥€à¤µà¤¾à¤¦ लिया। इस दौरान जनसमà¥à¤ªà¤°à¥à¤• मंतà¥à¤°à¥€ के साथ अवधेश नायक, बृजमोहन शरà¥à¤®à¤¾ आदि मौजूद रहे। तथा कथा सà¥à¤¥à¤² बालाजी हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ मंदिर गड़ा बरोह पहà¥à¤‚चने पर जनसमà¥à¤ªà¤°à¥à¤• मंतà¥à¤°à¥€ का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯à¤œà¤¨ à¤à¤µà¤‚ पारीकà¥à¤·à¤¿à¤¤ लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€ राजकà¥à¤®à¤¾à¤° सà¥à¤°à¤µà¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ अनà¥à¤¯à¤œà¤¨ ने सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया। इस दौरान जनपद सदसà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ रामलली दांगी, पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª दांगी बानोली तथा गडा व बरोह के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯à¤œà¤¨ मौजूद रहे।