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प्रेस कॉन्फ्रेंस में येचुरी से हाथापाई की कोशिश, CPM बोली- ये RSS की साजिश

नई दिल्ली. सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो युवकों ने हाथापाई की कोशिश की। इसके बाद वहां मौजूद पार्टी वर्कर्स ने दोनों को पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। सीपीआई का दावा है कि हमलावर हिंदू सेना के वर्कर हैं। जिन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के इशारे पर हमला किया। युवकों ने पार्टी हेडक्वार्टर में सीपीआईएम मुर्दाबाद, भारत माता की जय और हिंदू सेना जिंदाबाद के नारे भी लगाए। लेफ्ट ने की हमले की निंदा...

- पार्टी के जनरल सेक्रेटरी येचुरी ने कहा, ''यह हमला विरोध की आवाज को दबाने के RSS की कोशिश का हिस्सा है। हमें चुप कराने के लिए संघ की गुंडागर्दी के आगे नहीं झुकेंगे। यह भारत की आत्मा की लड़ाई है, जिसे हम जीतेंगे।"
- केरल के सीएम पिनरई विजयन और पार्टी के कई नेताओं ने येचुरी पर हमले की निंदा की। विजयन ने ट्वीट किया, ''यह हमला भारत के लोकतंत्र को कमजोर करने के इरादे से किया गया।''
- केरल में अपोजिशन लीडर रमेश चेन्नीथला ने कहा, ''हमला करने वाले कायर हैं, जो विचारधारा के जरिए लड़ाई नहीं लड़ सकते हैं। इसीलिए हिंसा का सहारा लेकर राजनीतिक दुश्मनी निकालते हैं। हिंदू सेना के वर्कर्स का ये हमला लोकतंत्र के लिए चुनौती है।''
CPM नेता पर क्यों हुआ हमला?
- पिछले दिनों सीपीआईएम नेता प्रकाश करात ने एक आर्टिकल लिखकर मेजर लीतुल गोगोई के कश्मीरी शख्स को आर्मी जीप के आगे बंधने की आलोचना की। बंगाल के मशहूर राइटर पार्थ चटर्जी ने इस मामले में मेजर को क्लीन चिट देने पर आर्मी चीफ विपिन रावत की तुलना जनरल डायर से की थी।
- दूसरी ओर, केरल के सीएम पिनरई विजयन ने केंद्र के पशु बिक्री कानून के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। जिसे लेकर कई हिंदू संगठनों ने उनकी निंदा की थी। बुधवार को दिल्ली के पार्टी हेडक्वार्टर (एकेजी भवन) में पोलित ब्यूरो की मीटिंग में दोनों नेता मौजूद थे। इसके चलते माकपा दफ्तर की सिक्युरिटी बढ़ाई गई थी।
सीपीएम ने क्या कहा था?
- CPM के माउथपीस पीपुल डेमोक्रेसी ने लिखा, "आर्मी चीफ का बयान ये बताता है कि मोदी सरकार कश्मीर को हालात को जिस तरह से हैंडल कर रही है, वो गलत है। आर्मी चीफ ने ऐसे ऑफिसर की तारीफ की, जिसके एक्शन की जांच चल रही थी। गोगोई के सीरियस वॉयलेशन के बचाव में रावत ने कहा- ये प्रॉक्सी वार है। ये गंदे तरीकों से होती है और ऐसे में ही इनोवेशन सामने आते हैं। आप एक डर्टी वार का सामना इनोवेशन से कर रहे हैं।"
- "आर्मी चीफ ने अफसर की तारीफ की, जो कि आर्मी के हाई स्टैंडर्ड को नीचा दिखाते हैं। कुछ पूर्व आर्मी चीफ ने इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि आर्मी अपने ही लोगों से इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकती है।"
मेजर गोगोई क्यों चर्चा में हैं?
- 9 अप्रैल को श्रीनगर में लोकसभा के बाईपोल हुए थे। इसी दौरान बीड़वाह में आर्मी जीप के बोनट से कश्मीरी शख्स को बांधने का मामला सामने आया। पूर्व सीएम उमर अबदुल्ला ने इसकी फोटो ट्वीट की थी। जिसके बाद मुद्दा गरमाया और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
- उमर ने लिखा था, ''इस नौजवान को जीप के आगे बांधा गया, ताकि कोई आर्मी पर पथराव न कर सके। ये हैरान करने वाला है।'' इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था।
- कश्मीर में पत्थरबाज को जीप के बोनट से बांधने वाले अफसर मेजर लीतुल गोगोई को आर्मी चीफ ने अवॉर्ड (प्रशस्ति पत्र) दिया था।
जनरल डायर का जिक्र क्यों?
- 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हिंदुस्तानियों पर गोली चलवाई थी। इस दौरान 1000 लोगों की जान गई थी।
- मामले की जांच के लिए लॉर्ड विलियम हंटर की अध्यक्षता में हंटर कमीशन बनाया गया।
- हंटर कमीशन के सामने जनरल डायर ने कहा था, "मैं सोचता हूं कि भीड़ को बिना फायरिंग किए भी हटाया जा सकता था। लेकिन, वो लोग फिर वापस आते और हंसते। ऐसे में मुझे लगता है कि मैं अपने आपको मूर्ख महसूस करता। डायर ने कहा कि मुझे लगा कि वो लोग विद्रोही थे, इसलिए मैंने उन पर फायरिंग का ऑर्डर दिया।'
- बाद में हंटर कमीशन ने रिपोर्ट में लिखा था- जनरल डायर को लगता है कि उन्होंने विद्रोह को कुचल दिया था, लेकिन वहां कोई विद्रोह नहीं था, जिसे कुचलने जाने की जरूरत थी।
- 13 मार्च 1940 को ऊधम सिंह ने लंदन के कैक्सटन हॉल में जनरल डायर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। ऊधम सिंह जलियांवाला बाग कांड के वक्त खुद वहां मौजूद थे।

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