Home > प्रमुख खबरे,slider news,अपना मध्यप्रदेश,
किसान आंदोलन से चोट खाये शिवराज अब करेंगे मंतà¥à¤°à¥€à¤®à¤‚डल में फेरबदल
अपने लंबे शासन में मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चौहान पहली बार बà¥à¤°à¥€ तरह उलà¤à¥‡ दिखे। उनका मनोबल गिरा और हिमà¥à¤®à¤¤ à¤à¥€ टूटी। इस कारण उपवास तक पर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बैठना पड़़ा। आंदोलन इतना विकराल रूप लेगा उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोचा à¤à¥€ न था। इस मामले में गृह विà¤à¤¾à¤— और गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤šà¤° à¤à¤œà¥‡à¤‚सियां बिलà¥à¤•à¥à¤² फिसडडी साबित हà¥à¤ˆà¥¤ अब शिवराज इन सबसे सबक लेकर मंतà¥à¤°à¥€à¤®à¤‚डल में फेरबदल कर सकते है। मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ गृह विà¤à¤¾à¤— किसी वरिषà¥à¤ तम और समà¤à¤¦à¤¾à¤° मंतà¥à¤°à¥€ को मिलेगा। इसके अलावा नठचेहरें à¤à¥€ सरकार में शामिल होंगे।
1996 में दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ सिंह की सरकार में बेतà¥à¤² जिले के मà¥à¤²à¤¤à¤¾à¤ˆ में किसान संघरà¥à¤· मोरà¥à¤šà¤¾ के बैनर तले जबरदसà¥à¤¤ आंदोलन हà¥à¤† था जिसमें पà¥à¤²à¤¿à¤¸ फायरिंग में 19 किसानों की जान चली गई थी। लंबे समय तक किसानों की हतà¥à¤¯à¤¾ का दाग दिगà¥à¤µà¤¿à¤œà¤¯ सिंह की सरकार के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ रहा था। 19 साल बाद à¤à¤• बार फिर मंदसौर में वही घटना दोहराई गई तो विपकà¥à¤·à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ जैसे बैठे बिठाठमà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾ मिल गया। वहीं खà¥à¤¦ शिवराज बà¥à¤°à¥€ तरह टूट गये। किसानों से बार बार की गई अपील à¤à¥€ काम न आई। लगातार हिंसक आंदोलन और पà¥à¤²à¤¿à¤¸ की बरà¥à¤¬à¤°à¤¤à¤¾ से शिवराज असहज दिखे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सोचा à¤à¥€ न था कि à¤à¤¸à¤¾ दिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखना होगा, जब राजà¥à¤¯ में हिंसा फैलेगी। जबकि वह तो अहिंसक है। मिलनसार और सबको साथ लेकर चलने वाले। परंतॠअपनी मांगे न पूरी होने से किसान हिंसक हो उठे। हिंसा को शांत करने में चली गोलियों ने आधा दरà¥à¤œà¤¨ किसानों को लील लिया।
यह देख धरती पà¥à¤¤à¥à¤° के सà¥à¤ªà¥à¤¤à¥à¤° शिवराज बà¥à¤°à¥€ तरह टूट गये। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ राजà¥à¤¯ में शांति बहाली के लिठउपवास करना पड़ा। उपवास उनका काम à¤à¥€ आया और किसान अब कà¥à¤› खामोश दिख रहे है। उपवास सà¥à¤¥à¤² पर मिले किसानों के आगà¥à¤°à¤¹ पर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अनशन तोड़ा। लेकिन इस पूरे घटनाकà¥à¤°à¤® में जिस पà¥à¤°à¤•ार गृह मंतà¥à¤°à¤¾à¤²à¤¯ और गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤šà¤° विà¤à¤¾à¤—ों के बदलते बयान और बà¥à¤°à¥€ तरह से फैल हà¥à¤ˆ सूचनाà¤à¤‚ शिवराज के लिठसबक बनी है। वही अधिकारी वरà¥à¤— के à¤à¥€ गलत बयानों ने इस हिंसा में आग में घी डालने का काम किया। शिवराज अब सरकार को दà¥à¤°à¥‚सà¥à¤¤ करने के लिठकà¥à¤› बड़े फैसले ले सकते है। जहां मंतà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विà¤à¤¾à¤—ों में फेरबदल हो सकता है। वही कà¥à¤› नये मंतà¥à¤°à¥€ à¤à¥€ सरकार में शामिल हो सकते है। इनमें पà¥à¤°à¤®à¥à¤– रूप से इंदौर से रमेश मेंदोला शामिल हैं। गृह विà¤à¤¾à¤— को बजरंगी नेता जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया या संकटमोचक मंतà¥à¤°à¥€ डॉ. नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤° को सौंपा जा सकता है।